मवाना में बनेगा अन्नपूर्णा भवन, दो राशन दुकानों का होगा आवंटन
Meerut News - मवाना में अंत्योदय योजना के तहत अन्नपूर्णा भवन का निर्माण किया जा रहा है। इसमें दो दुकानें मवाना के राशन विक्रेताओं को आवंटित की जाएंगी। यह दुकानें उन विक्रेताओं को दी जाएंगी जिन्हें राशन पहुंचाने में कठिनाई होती है। इस परियोजना पर लगभग आठ लाख रुपये खर्च होंगे।
मवाना में हस्तिनापुर रोड पर पिंजरापोल गोशाला के पास अंत्योदय योजना के तहत अन्नपूर्णा भवन का निर्माण हो रहा है। इसमें दो दुकानें बनेगी जो कि मवाना के दो राशन विक्रेताओं को आवंटित होगी। यह दुकानें उन राशन विक्रेतओं को आवंटित होगी, जहां पर राशन पहुंचाने में परेशानी आती है या घनी बस्ती के बीच में है। अन्नपूर्णा भवन का निर्माण नगर पालिका द्वारा कराया जा रहा है। इसके निर्माण पर करीब आठ लाख रुपये का खर्च होने का अनुमान है। मवाना में 16 राशन की दुकानें है। आपूर्ति विभाग के अफसरों का कहना है कि यदि नगर में सरकारी भूमि मिलेगी तो ओर भी राशन की दुकानें बना दी जायेगी।
इसी तर्जपर देहात क्षेत्र में राशन की दुकानें बनाई जाने लगी है। इन दुकानों का आवंटन उन राशन विक्रेताओं को प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा, जिनके वर्तमान स्थान पर राशन पहुंचाने में कठिनाई होती है या जिनकी दुकानें अत्यधिक घनी आबादी वाले क्षेत्रों में स्थित हैं। इस पहल से न केवल वितरण व्यवस्था सुचारु होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को भी बेहतर सुविधा मिल सकेगी। अन्नपूर्णा भवन का निर्माण नगर पालिका द्वारा कराया जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग आठ लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है और इसके पूर्ण होने के बाद जिला पूर्ति अधिकारी के माध्यम से दोनों दुकानों का आवंटन प्रक्रिया शुरू की जाएगी।आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक अजय कुमार ने बताया कि वर्तमान में मवाना नगर क्षेत्र में कुल 16 राशन की दुकानें संचालित हो रही हैं। यदि नगर में अन्य उपयुक्त सरकारी भूमि उपलब्ध होती है, तो भविष्य में और भी राशन दुकानों का निर्माण कराया जाएगा, जिससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। इसके साथ ही देहात क्षेत्रों में भी राशन दुकानों के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को उनके नजदीक ही राशन उपलब्ध कराया जा सके, ताकि किसी को भी अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।नगर पालिका के अवर अभियंता अंशुल शर्मा ने बताया कि अन्नपूर्णा भवन के लिए शासन से काफी समय पहले धन स्वीकृत हो गया था, भूमि की तलाश की जा रही थी। तहसील प्रशासन ने उन्हें नापतौल के बाद यह भूमि आवंटित की है।
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