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नीट : परीक्षा केंद्रों पर रही सख्ती, शूज-चप्पल तक उतरवाए

नीट : परीक्षा केंद्रों पर रही सख्ती, शूज-चप्पल तक उतरवाए

रविवार को मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से आयोजित नेशनल इलीजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) शहर में 12 केंद्रों पर हुआ। परीक्षा शांतिपूर्ण तरह से निपटी, लेकिन हर केंद्र पर सख्ती के साथ चेकिंग हुई। जूते, चप्पल उतरवाकर भी पैर देखे गए तो हाथों से कलावा तक खुलवा दिया गया। वहीं, बेल्ट आदि भी निकलवाई गई। पहली बार एग्जाम देने वालों के लिए नीट में फिजिक्स कठिन रहा। बाकी दूसरी बार देने वालों के लिए नीट सरल रहा।

रविवार को एग्जाम में प्रवेश का समय दोपहर 12 बजे से डेढ़ बजे तक रहा। इसके बाद परीक्षार्थियों को प्रवेश नहीं दिया गया। प्रवेश के समय मुख्य द्वार से लेकर परीक्षा कक्ष तक जाने में कई-कई बार चेकिंग हुई। कुछ परीक्षार्थी तो बिना जूते चप्पल के कक्षा तक गए। परीक्षा देकर निकले परीक्षार्थियों ने बताया कि कक्षा में भी उन्हें जूते और चप्पल पहनकर नहीं जाने दिया गया। वहीं, लड़कों के साथ होने वाली चेकिंग में बेल्ट तक उतरवा दी गई। सख्ती के साथ चेकिंग हुई।

हेयरबैंड, कलावा, चेन, माला, ब्रेसलेट भी उतरवाया

कई केंद्रों पर हेयरबैंड, कलावा, चेन, माला, ब्रेसलेट भी निकलवा दिए गए। वहीं, लड़कियों के बालों में हेयरबैंड, क्लिप आदि भी हटवाकर चेकिंग हुई। इसके अलावा स्टेशनरी बॉक्स तो लेकर जाने ही नहीं दिया गया। हाथों में ही स्टेशनरी का सामान दिया गया। साथ ही ज्योमेट्री बॉक्स, पेंसिल बॉक्स, हेंडबैग, पर्स, किसी भी तरह का पेपर, स्टेशनरी, खाने की वस्तुएं, पानी, मोबाइल फोन, इयर फोन, माइक्रोफोन, पेजर, कैलकुलेटर, डॉक्यूपेन, स्लाइड रुल्स, कैमरा, टेप रिकॉर्डर, इलेक्ट्रानिक घड़ी और किसी भी तरह की डिवाइस लाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहा।

केंद्रों पर दिखी पुलिस

परीक्षा केंद्र पर पुलिस दिखाई दी। रेलवे रोड पर वर्धमान एकेडमी से लेकर वेस्टर्न रोड पर पुलिस प्रशासन की कई-कई गाड़ियां घूमती नजर आईं।

धूप से बचते रहे परिजन, नहीं मिली जगह

अपने बच्चों को पेपर दिलाने के लिए आए परिजनों को झुलसा देने वाली गर्मी का शिकार होना पड़ा। वेस्टर्न रोड पर आलम यह रहा कि रुकने और बैठने की जगह नहीं थी। अभिभावक धूप से बचने के लिए सेंटरों के आसपास तपती धूप में जगह ढूंढते रहे।

पानी की बोतल भी खूब महंगी बिकी

नीट के दौरान पेपर देने से पहले और छूटने के बाद पानी की बोतलें खूब महंगी बिकी। 20 रुपये की बोतल 25 रुपये से लेकर 30 रुपये तक के दाम में बेची गई। वहीं जूस और शिंकजी पर भी पांच से दस रुपये फालतू दिखाई दिए। इसके अलावा ई रिक्शा व टेंपों चालकों ने भी मुंह मांगे रुपये मांगे।

कुछ सेंटरों पर नहीं मिला पानी

परीक्षार्थियों ने बताया कि एक-दो सेंटर पर उन्हें पानी आदि नहीं दिया गया। पेपर देने के समय यदि प्यास लगी तो पानी की बोतल तो बाहर ही रखवा ली गई और कक्षा में भी पीने का पानी नहीं आया। पेपर छूटने के बाद ही पानी मिला।

पहली बार पेपर देने वालों के लिए फिजिक्स कठिन

नीट में पहली बार पेपर देने वालों के लिए फिजिक्स कठिन रहा। फिजिक्स के सवाल लंबे रहे, जो समय पर हल नहीं हो पाए। अधिकांश परीक्षार्थियों का पेपर छूट भी गया। इसके अलावा पहली बार के लिए पूरा पेपर औसत रहा। वहीं दूसरी बार पेपर देने वाले परीक्षार्थियों के लिए पेपर सरल रहा, लेकिन केमेस्ट्री में कुछ समस्या रही। इस बारे में इंजीनियर्स डॉक्टर्स प्वाइंट के आशीष सिंह ने बताया कि पेपर सरल रहा और केमेस्ट्री में एक दो सवालों में कुछ समस्या रही, लेकिन पेपर कठिन नहीं कहा जा सकता है। बाकी पहली बार वाले परीक्षार्थियों को कुछ समस्या रही होगी। बॉयोकेम के डायरेक्टर कर्मवीर सिंघल ने बताया कि बॉयो के सवाल लंबे रहे। फिजिक्स के पेपर में थ्योरी एनसीईआरटी से अधिक आई। केमेस्ट्री का पेपर औसत रहा। लेकिन पूरा पेपर कठिन नहीं कहा जा सकता है।

पेपर रहा सरल, हाई जाएगी मेरिट

इंजीनियर्स-डॉक्टर्स प्वाइंट के निदेशक ई.आरडी सरन के अनुसार नीट का पेपर कैलकुलेटिव ही रहा और पेपर पहले के मुकाबले सरल था। इसलिए मेरिट हाई भी जा सकती है। उन्होंने बताया कि जिन्होंने स्पीड से पेपर किया होगा, उनका पूरा पेपर हो गया होगा। इसके अलावा जेईई मेन के पिछले पेपर में पूछे गए सवालों में से भी कुछ सवाल पूछे गए हैं और रिपीट होने की उम्मीद भी की जा रही है।

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