मेरठ: रिकॉर्ड तोड़ फर्राटा भर रही रैपिड और मेट्रो
दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर पर नमो भारत ने 3 करोड़ यात्रियों की संख्या पार कर इतिहास रच दिया है। मेरठ मेट्रो के उद्घाटन के बाद, यात्रियों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। एनसीआरटीसी के अनुसार, यह उपलब्धि समय की बचत के कारण संभव हुई है।
दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर पर नमो भारत ने इतिहास रच दिया है। एक मई तीन करोड़ से अधिक यात्रियों का सफर पूरा हो गया है। मेरठ में रैपिड और मेट्रो की रफ्तार ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मेरठ कॉरिडोर के उद्घाटन के दो माह में यात्रियों की संख्या 55 लाख के पार पहुंच गई है। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर दौड़ने वाली 'नमो भारत' ट्रेन ने परिचालन के कुछ ही महीनों के भीतर ही एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। एनसीआरटीसी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार नमो भारत ने तीन करोड़ यात्रियों के सफर का आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि मेरठ मेट्रो और दिल्ली खंड के पूर्ण संचालन के बाद मिली है, जिसने एनसीआर के क्षेत्रीय परिवहन की तस्वीर बदल दी है।
यात्रियों की संख्या में वृद्धि
22 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मेरठ मेट्रो के साथ पूरे कॉरिडोर का उद्घाटन किए जाने के बाद से यात्रियों की संख्या में अभूतपूर्व उछाल आया है। पिछले दो महीनों में ही लगभग 55 लाख यात्रियों ने इस सेवा का लाभ उठाया। आंकड़ों की बात करें तो दैनिक यात्री की संख्या सामान्य दिनों में 90,000 से 1,14,599 यात्री तक पहुंच गई है।
सफर की दूरी और समय की बचत
वहीं रविवार को सफर करने वाले यात्रियों की संख्या भी अब 85 हजार तक पहुंच गई है। औसत प्रतिदिन 92,364 यात्री रैपिड से सफर कर रहे हैं। यात्रियों की संख्या का रिकार्ड यह है कि चार महीने में ही दो करोड़ से तीन करोड़ हो गई है। अर्थात मात्र पांच महीने से भी कम समय में एक करोड़ यात्रियों ने सफर किया है।
सफर की दूरी घटी, भरोसा बढ़ा
एनसीआरटीसी का दावा है कि नमो भारत की सफलता का सबसे बड़ा कारण समय की बचत है। दिल्ली से मेरठ की जो दूरी सड़क मार्ग से तय करने में तीन घंटे लगते थे, वह अब मात्र एक घंटे में पूरी हो रही है। यही कारण है कि यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
मील के पत्थर: शून्य से 3 करोड़ तक का सफर
समय उपलब्धि
अक्टूबर 2023 साहिबाबाद से दुहाई (17 किमी) के साथ शुरुआत।
मई 2025 एक करोड़ राइडरशिप का आंकड़ा पार।
दिसंबर 2025 दो करोड़ राइडरशिप का माइलस्टोन।
फरवरी 2026 मेरठ मेट्रो और संपूर्ण कॉरिडोर का परिचालन शुरू।
01 मई 2026 3 करोड़ यात्रियों का ऐतिहासिक आंकड़ा पार।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लेखक के बारे में
Rakesh Priyadarshiशॉर्ट बायो :
राकेश प्रियदर्शी पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान में सेना और कैंट बोर्ड बीट को देख रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
राकेश प्रियदर्शी मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं जिन्हें पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में पश्चिम उत्तर प्रदेश, मेरठ में सेना और कैंट बोर्ड टीम की लीड करते हैं। 2008 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया में कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
कॅरियर का सफर
राकेश प्रियदर्शी ने अपने कॅरियर की शुरुआत 2000 में हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख अखबार से की जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2007 से 2008 तक दैनिक जागरण में डिजिटल के साथ काम किया। 2008 से हिन्दुस्तान में शुरुआत की। यहां उन्होंने सेना, कैंट बोर्ड की खबरों की विशेष कवरेज की।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बीए (आनर्स) और मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा होने के साथ पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। लगातार सेना, कैंट बोर्ड और राजनीति, प्रशासनिक खबरों को कवर कर रहे हैं। राजनीति, प्रशासन, सेना और कैंट बोर्ड बीट पर अच्छी पकड़ है।
विजन
सेना और कैंट बोर्ड के विषयों पर गहरी समझ है। उनका मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है। इस लक्ष्य के साथ ही पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
मेरठ समेत वेस्ट यूपी की राजनीति पर अच्छी समझ
प्रशासनिक गतिविधियों पर अच्छी पकड़
सेना और कैंट बोर्ड की गतिविधियों की एक्सप्लेनर रिपोर्टिंग।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


