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मेरठनाम 1994 में दे दिया, विचारों में गुजरे 27 साल

हिन्दुस्तान टीम,मेरठPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 04:00 AM
नाम 1994 में दे दिया, विचारों में गुजरे 27 साल

मेरठ। वरिष्ठ संवाददाता

मेरठ-सहारनपुर मंडल के नौ जिलों के साथ वेस्ट यूपी में चौधरी चरण सिंह के नाम पर विश्वविद्यालय का नामकरण तो 1994 में हो गया, लेकिन उनके विचार स्वीकारने में 27 साल गुजर गए। तत्कालीन मुलायम सिंह सरकार ने मेरठ विवि का नाम बदलकर चौधरी चरण सिंह के नाम पर कर दिया था। इन 27 वर्षों में इस क्षेत्र को चौधरी चरण सिंह के नाम के अतिरिक्त कुछ नहीं मिला। विवि में उनके नाम पर शोधपीठ तक स्थापित नहीं हो पाई। सोमवार को 27 साल बाद उनके विचारों को कोर्स में शामिल करने के बाद इस क्षेत्र में चौधरी साहब के नाम पर एक और अध्याय जुड़ पाया।

मराठा-सिख योगदान भी पढ़ेंगे छात्र

मेरठ। विवि ने मराठा-सिख के भारतीय आंदोलन में योगदान को भी कोर्स में शामिल किया है। कन्वीनर प्रो. पवन कुमार शर्मा के अनुसार हम भारतीय राजनीति आंदोलन को 1885 में कांग्रेस की स्थापना से पढ़ते आए हैं जबकि इससे पहले भी देश में विभिन्न आंदोलन हो रहे थे। ऐसे में विवि छात्रों को अब 1757 और इससे आगे तक के आंदोलन को पढ़ाएगा। इसमें महर्षि दयानंद एवं उनका योगदान भी पढ़ने को मिलेगा। कोर्स में ज्यूडिशियली रिफॉर्म और पीआईएल भी शामिल किए गए हैं।

बीए राजनीति विज्ञान में प्रैक्टिकल, कोर्स भी बहुत ज्यादा

मेरठ। बीए प्रैक्टिकल में आगामी सत्र से प्रैक्टिकल और फील्ड वर्क भी जोड़ा गया है। बीए राजनीति विज्ञान में पहली बार प्रैक्टिकल रखा गया है। हालांकि बीओएस के सदस्यों ने इस पर अपने सुझाव भी दिए। बतौर शिक्षक प्रतिनिधि मौजूद डॉ. विकास वशिष्ठ ने कहा कि पहले 14 राजनीतिक चिंतक पढ़ाए जाते थे अब ये 28 कर दिए गए हैं। कॉलेजों में शिक्षकों के पद रिक्त हैं। बाकी पेपर में भी सिलेबस बढ़ाया गया है। जो कंटेंट पहले सेमेस्टर में पढ़ाने चाहिए थे वे दूसरे में दिए गए हैं जो दूसरे में वह पहले में। डॉ.वशिष्ठ के अनुसार कोर्स का जो स्वरूप है वह बहुत अधिक है। सभी ने बीओएस को अपने सुझाव भेजे हैं।

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विवि के स्नातक कोर्स में चौधरी चरण सिंह के विचारों को शामिल करना सराहनीय कदम है। हम विवि की बोर्ड ऑफ स्टडीज के इस कदम का आभार प्रकट करते हैं। इससे हजार छात्र उनके गांव-किसान की तरक्की के विचारों को समझ सकेंगे।

- डॉ. कुलदीप उज्जवल, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष, सीसीएसयू

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