बोले मेरठ : हटे गंदगी का अंबार, सीवर की भी दरकार

बोले मेरठ : हटे गंदगी का अंबार, सीवर की भी दरकार

संक्षेप:

Meerut News - मेरठ के श्याम नगर क्षेत्र में सड़कों और नालियों की स्थिति बेहद खराब है। यहां की टूटी नालियां और गंदगी लोगों के लिए खतरा बनी हुई हैं। लोग सीवर लाइन की मांग कर रहे हैं ताकि निकासी की व्यवस्था में सुधार...

Oct 15, 2025 08:17 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मेरठ
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मेरठ शहर में नगर निगम के कुछ वार्डों की हालत आज भी गांव से बदतर है। जहां सड़कों और नालियों की हालत खराब हो चुकी है। सीवर लाइन आजतक पहुंच ही नहीं पाई, बात कर रहे हैं श्याम नगर इलाके की। जहां श्याम नगर रोड पर सैकड़ों दुकाने हैं और कई बड़े इलाके पड़ते हैं। हजारों की आबादी इस क्षेत्र में निवास करती है। लेकिन गंदगी और टूटी नालियों की दुर्दशा से परेशान हैं। बीच नाले में ट्रांसफार्ममर लगा है, जिसमें करंट का डर हमेशा बना रहता है। यहां के लोगों को निकासी के लिए सीवर की दरकार है, जो अन्य समस्याओं से निजात चाहते हैं।

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नगर निगम के वार्ड नंबर 76 में मौजूद श्याम नगर इलाका बदहाल सफाई व्यवस्था और नालियों में गंदगी व बहते गोबर से जूझ रहा है। 10 हजार से ज्यादा जनसंख्या श्याम नगर इलाके में रहती है। वहीं श्याम नगर रोड पर पड़ने वाले इलाकों में पचास हजार से ज्यादा जनसंख्या बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। टूटी सड़क और गंदगी के अंबार से लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। सबसे ज्यादा लोग श्याम नगर रोड पर त्रस्त हैं, जहां टूटी पड़ी नालियों के कारण सड़क की चौड़ाई भी कम होती जा रही है। वहीं नाले के बीच लगा ट्रांसफार्मर खतरे की घंटी बजाता नजर आता है। जहां पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं, इसके पास ही टूटी नाली में कार और वाहन गिरते रहते हैं। नालियों से निकला सिल्ट व कूड़ा बहुत दिनों तक उठता नहीं, जो वापस नालियों में चला जाता है। गंदगी और गोबर नालियों में भरा रहता है, जिससे बरसात में जलभराव जैसी समस्या होती है। सीवर लाइन इस इलाके में है नहीं, जिसके लिए लोग लंबे समय से मांग कर रहे हैं, ताकि निकासी बेहतर हो सके। हिन्दुस्तान बोले मेरठ की टीम ने इलाके में लोगों से संवाद कर उनकी समस्याओं को जाना। जो गंदगी से निजात, सड़कों पर रोशनी और इलाके में सीवर लाइन चाहते हैं। टूटी नालियां बनी खतरा, रोज गिरते हैं लोग श्याम नगर क्षेत्र के लोगों का कहना है, कि मुख्य सड़क पर बनी नाली जर्जर हो चुकी है। इस क्षेत्र में समर गार्डन चौपले पर नाली की दयनीय स्थिति है। नाली के साथ सड़क भी टूट गई है। जिसमें आए दिन वाहन गिरते रहते हैं। टूटी नालियों के कारण लगातार खतरा बढ़ता जा रहा है। श्याम नगर रोड जहां पहले काफी चौड़ी थीं, आज वह टूटी नालियों के कारण घटती जा रही है। सड़क तक टूटी नालियां और बहता गंदा पानी राहगीरों व वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन चुके हैं। गड्ढों में तब्दील होती सड़कों पर रोजाना एक्सीडेंट होते हैं। यहां नालियों का निर्माण बहुत जरूरी है। बीच नाले में ट्रांसफार्मर बना जानलेवा खतरा लोगों का कहना है कि यहां इलाके में एक और भी गंभीर खतरा है, नाले के बीच खड़ा ट्रांसफार्मर, जो हमेशा करंट और जानमाल के नुकसान का खतरा बना रहता है। यह ट्रांसफार्मर बरसात में ज्यादा खतरनाक हो जाता है, जब पानी उसको छू लेता है और करंट आता है। कई जानवर इसकी चपेट में आकर जान गंवा चुके हैं। पास में चलने वाले वाहन भी कई बार अनियंत्रित होकर नाली में गिर चुके हैं। जिससे वाहन का ट्रांसफार्मर से टकराने का डर बना रहता है। अगर इसकी व्यवस्था नहीं की गई तो एक दिन बड़ा हादसा हो सकता है। ट्रांसफार्मर को किसी सुरक्षित जगह शिफ्ट किया जाए, ताकि लोगों की जान को खतरा ना हो। नालियों में बहता गोबर और गंदगी का अंबार लोगों का कहना है, कि नालियां गंदगी से अटी पड़ी रहती हैं। पूरा इलाका गंदगी और दुर्गंध से परेशान रहता है। जगह-जगह खुले में बहती नालियां, जिनमें सिल्ट, गोबर और कूड़ा महीनों तक जमा रहता है, न तो सफाई होती है और न ही समय पर कचरा उठाया जाता है। नाली साफ हो जाए तो करीब पंद्रह-पंद्रह दिनों तक गंदगी पड़ी रहती है और वह वापस नालियों में चली जाती है। बरसात में हालात ऐसे हो जाते हैं कि नालियों की गंदगी लोगों के घरों तक पहुंच जाती है। निकासी की व्यवस्था ठप होने के कारण जलभराव की समस्या हमेशा बनी रहती है। गंदगी के कारण व्यापार हो रहा ठप, बाहर हों डेरी श्याम नगर रोड पर लोगों का कहना है कि नालियों में गोबर और गंदगी के कारण हालत खराब रहती है। इलाके में मौजूद डेरियों का गोबर नालियों में इस कदर भरा रहता है कि पानी आगे जा ही नहीं पाता। धीरे-धीरे नाली चोक हो जाती है और गंदगी का अंबार लग जाता है। डेरियों से निकलने वाले गोबर को नालियों में बहा दिया जाता है, इसका समाधान होना चाहिए, या फिर डेरियों को बाहर किया जाए। इससे व्यापार भी प्रभावित होता है, लोग दुकानों पर नहीं आते हैं। इलाके में गंदगी बहुत बड़ी समस्या है, सड़क से लेकर गलियों तक गंदगी का अंबार लगा रहता है। जिससे लोगों में संक्रमण का डर बना रहता है। बने सीवर लाइन तो निकासी की सुधरे व्यवस्था लोगों का कहना है कि पूरे इलाके में सीवर लाइन नहीं है, जिसके चलते निकासी का सबसे बड़ा जरिया नालियां हैं। लेकिन नालियां अधिकतर ठप पड़ी रहती हैं और उनमें कूड़ा-करकट अटा पड़ा रहता है। अगर इलाके में सीवर लाइन आ जाए तो निकासी की व्यवस्था बेहतर हो जाएगी। इससे लोगों को भी काफी राहत मिलेगी। श्याम नगर सहित अन्य इलाकों की भी मांग है कि जल्द से जल्द यहां सीवर लाइन डाली जाए और नालियां सही की जाएं। नियमित सफाई हो और नालियों से निकलने वाली गंदगी को तुरंत उठाया जाए, ताकि दुबारा नाली में ना भरे। अगर नाले व नालियों से निकली गंदगी साथ के साथ उठा ली जाएगी तो गंदगी से काफी छुटकारा मिल जाएगा। स्ट्रीट लाइटें हों ठीक, ई-रिक्शा चालकों पर हो कार्रवाई लोगों का कहना है कि पूरे इलाके में सड़कों पर रात होते ही अंधेरा पसर जाता है। स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था बहुत खराब है, खंभों पर लाइटें ही नहीं लगी हैं, जहां लगी हैं वे जलती नहीं। ऐसे में टूटी नालियों और अंधेरे के कारण हादसों का डर ज्यादा बढ़ जाता है। वहीं इलाके में नाबालिग युवक गलत तरीके से ई-रिक्शा दौड़ाते हैं। नशे में धुत होकर और तेज स्पीकर की आवाज के साथ ई-रिक्शा दौड़ाए जाते हैं। जिससे कई बार हादसे होते रहते है, लेकिन इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। किसी दिन बड़ा दुर्घटना हो सकती है। समस्या - नालियां टूटी पड़ी हैं, सड़क तक पानी बहता है - सड़क किनारे नाली के बीच में ट्रांसफार्मर लगा है - क्षेत्र में हर जगह गंदगी और कूड़े के ढेर लगे हुए हैं - सीवर लाइन पूरे इलाके में कहीं भी नहीं डाली गई - सड़कें जर्जर हुई पड़ी हैं, जलभराव की समस्या रहती है - पूरे इलाके में स्ट्रीट लाइट नहीं होने से अंधेरा रहता है समाधान - टूटी पड़ी नालियों को ठीक किया जाए, ताकि हादसे ना हों - नाले के बीच लगे ट्रांसफार्मर को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करें - नालियों की नियमित सफाई होनी चाहिए और कूड़ा प्रबंधन हो - क्षेत्र में सीवर लाइन डाली जाए, ताकि निकासी बेहतर हो - जर्जर हुई सड़कों का निर्माण कराया जाए, स्थिति बेहतर हो - पूरे इलाके में स्ट्रीट लाइटें लगाई जाए, अंधेरा खत्म हो हमारी भी सुनो यहां नालियों की बड़ी बुरी स्थिति है, जगह-जगह से टूटी पड़ी हैं, सड़क तक टूटने के कारण लोग उसमें गिरते रहते हैं। - उमर हबीब नालियों में गंदगी अटी पड़ी रहती है, सड़कों पर गंदगी रहती है, सफाई व्यवस्था एकदम बेकार है, कूड़ा नहीं उठता। - शफीक अहमद ट्रांसफार्मर नाली के बीच में लगा हुआ है, एक तो नाली टूटी पड़ी है ऊपर से इसमें ट्रांसफार्मर हादसों को दावत दे रहा है। - सुहैब यहां नालियों के बीच लगे ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित जगह लगाया जाए ताकि किसी बड़ी अनहोनी से बचा जा सके। - नूर मोहम्मद नालियों को ठीक किया जाए, उनकी सफाई नियमित रूप से होनी चाहिए और साथ के साथ कूड़ा उठना चाहिए। - रहमान अली सबसे बड़ी दिक्कत श्याम नगर रोड पर यह टूटी हुई नाली है, जिसमें आए दिन लोगों के वाहन गिरते रहत हैं। - शाहरूख अलवी नालियों से निकलने वाला कूड़ा बहुत दिनों तक नहीं उठता, जिससे वह वापस नालियों के अंदर चला जाता है। - नौशाद पूरे इलाके में सड़कें जर्जर हो चुकी हैं, जगह-जगह गड्ढे हो चुके हैं जिनमें लोगों के वाहन गिरते रहते हैं, सड़कें बनें। - मो. नाजिम सड़क टूटी पड़ी हैं, नालियां खराब हैं इससे व्यापार भी असर पड़ता है, नालियां बनाई जाएं और सड़क निर्माण हो। - इरशाद अफलातून इलाके की समस्याओं का समाधान होना चाहिए, गंदगी का निस्तारण हो, कूड़े के ढेरों को साफ किया जाना चाहिए। - डॉ. जहीर सड़कों पर कूड़े के ढेर लगे हैं, कई दिनों तक कूड़ा नहीं उठता, गंदगी का अंबार रहता है, सफाई व्यवस्था ठीक हो। - महाराज अलवी पूरे इलाके में गंदगी का आलम रहता है, नालियों में गंदगी और गोबर भरा पड़ा रहता है, सड़क पर कूड़े के ढेर लगे हैं। - रईसुद्दीन टूटी हुई नालियों का निर्माण कराया जाए, ताकि लोगों के वाहन उनमें ना गिरें, लगातार सफाई हो, कूड़ा उठे तो राहत मिले। - फिरोज खान टूटी नाली में कार और वाहन गिरते रहते हैं, नालियों से निकला सिल्ट व कूड़ा बहुत दिनों तक नहीं उठता है। - मो. आरिफ चौराहे पर नाली के बीच में लगा ट्रांसफार्मर बहुत खतरनाक है, एक तो नाली टूटी पड़ी है ऊपर से वहां ट्रांसफार्मर है। - हाजी शमीम अहमद नालियों में गोबर और गंदगी के कारण जलभराव की समस्या होती है, बरसात में तो यह दिक्कत और ज्यादा रहती है। - मो. अशफाक डेरियों का निकला हुआ गोबर सीधा नालियों में जाता है, जिससे ऊपर तक नाली गोबर से अटी रहती हैं, निकासी ठप रहती है। - इसरार चौधरी इलाके में ई-रिक्शा चलाने वाले नाबालिक युवकों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, जिनसे बहुत ज्यादा समस्या होती है। - मो. इकराम कुरैशी