बोले मेरठ : पॉश कॉलोनियों को रास्ता बनने का इंतजार
संक्षेप: Meerut News - मेरठ के पल्लवपुरम फेस-1 में सड़कें जर्जर हो गई हैं और सफाई व्यवस्था भी खराब है। एमडीए द्वारा खोदी गई सड़कों के कारण लोगों को आने-जाने में कठिनाई हो रही है। यहां रहने वाले 6000 से अधिक लोग और रोजाना...

मेरठ। एमडीए की महत्वकांक्षी योजना पल्लवपुरम फेस-1 के हालात लगातार जर्जर होते जा रहे हैं। टूटी सड़कें और सफाई की दयनीय व्यवस्था के कारण लोग परेशान हैं। पल्लवपुरम में ही एमडीए की कुछ पॉश कॉलोनियां आज रास्ते के लिए परेशान हैं। जहां पिछले लंबे समय से एमडीए द्वारा एक कॉलोनी के लिए डाली सीवर लाइन के कारण हजारों लोगों के आने-जाने का रास्ता ही बंद हो गया है। पिछले कई महीनों से लोगों का घर से निकलना भी दुश्वार हो गया है। सड़क की समस्या से जूझ रहे लोग अब रास्ता चाहते हैं। नगर निगम के वार्ड नंबर 27 में मौजूद फेस-1 और उसकी करीब 5 कॉलोनियों का संपर्क मार्ग पूरी तरह से ठप हो गया है।
यहां रहने वाले 6,000 से अधिक लोग और हर रोज इन इलाकों से गुजरने वाले 10,000 से भी ज्यादा लोगों के लिए यह समस्या अब परेशानी का सबब बन चुकी है। जहां पहले लोग आसानी से अपने ऑफिस, स्कूल या बाजार पहुंचते थे, वहीं अब हर एक कदम एक जंग जैसी लगती है। कई परिवारों को अपने घर से बाहर निकलने के लिए 4 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है। इन कॉलोनियां को 'पॉश' कहा जाता है, यानी सुविधाओं से लैस। लेकिन अब यहां समस्याएं साफ दिखाई देती हैं। टूटी सड़क ने लोगों का आना-जाना भी दुश्वार कर दिया है। हिन्दुस्तान बोले मेरठ टीम ने यहां रहने वाले लोगों से उनकी समस्याओं को जाना, जो पिछले कई महीने से सड़क बनने का इंतजार कर रहे हैं। बंद रास्ता, आने-जाने में पैदा हो रही दुश्वारियां पल्लवपुरम फेस-1 की इन पॉश कॉलोनियों में रहने वाले लोगों का कहना है कि करीब पांच कॉलोनियों का मुख्य रास्ता पिछले कई महीनों से पूरी तरह से बंद पड़ा है। इन कॉलोनियों से प्रतिदिन छह हजार से अधिक लोगों का आना-जाना प्रभावित हो रहे हैं। इस रास्ते से निकलने वाले करीब दस हजार से अधिक लोग सीधे तौर पर इस परेशानी से जूझ रहे हैं। रॉयल रेजीडेंसी, मधुर एन्कलेव, रॉयल पार्क, रॉयल एक्सटेंशन, कीर्ति नगर कॉलोनियां पल्लवपुरम के मुख्य रास्ते से कट चुकी हैं। पल्लवपुरम फेस-1 के ब्लॉक-जी व एच जैसे इलाके रास्ता ना होने के कारण परेशान हैं। लोगों का बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। घर से दफ्तर जाना हो या बच्चों को स्कूल छोड़ना, रास्ते में कीचड़, गड्ढे और जर्जर सड़कों के कारण परेशानी झेल रहे हैं। खोदी गई सड़क बनने का इंतजार, कैसे पाएं पार लोगों का कहना है कि एमडीए द्वारा एक कॉलोनी के लिए सीवर लाइन डालने के नाम पर पहले सड़क के किनारे, फिर पूरी सड़क खोद दी गई। सीमेंट-कंक्रीट की पक्की आरसीसी सड़कें तोड़ दी गईं, लेकिन पुनर्निर्माण का कोई नामोनिशान नहीं। सीवर चैंबर बनाने के लिए मिट्टी इस तरह रास्ते पर डंप की गई, कि अब वह पहाड़ बन चुकी है। इस वजह से कई बुजुर्ग, बीमार और महिलाओं को कॉलोनी से बाहर तक निकलना कठिन हो गया है। बच्चों का स्कूल जाना दुश्वार हो गया है, लोग कॉलोनियों में मानों कैद से हो गए हैं। जबकि यह रास्ता पल्लवपुरम में हाईवे से मिलता है। जल्द से जल्द इस सड़क का निर्माण हो और हादसों को दावत देते गड्ढे बंद किए जाएं। जानलेवा बन चुकी व्यवस्था, बढ़ गई परेशानी यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि नालों के टूटे हुए ढक्कन और खुले सीवर आज लोगों की जान के लिए खतरा बन गए हैं। जिनमें गाड़ियों के गिरने का खतरा बना रहता है। आए दिन दिन कोई ना कोई गिरकर चोटिल होता रहता है। वहीं सड़क की बात करें तो कई जगह तो बच्चों के स्कूल के बाहर ही सड़कों में गहरे गड्ढे बने हुए हैं, जहां कभी भी हादसा हो सकता है। बारिश के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं, सीवर उफनते हैं, नाले बैक मारते हैं और गंदा पानी घरों तक में घुस आता है। यहां सभी जगह कॉलोनियों में सीवर लाइन है, लेकिन अब वह भी चोक हो चुकी है, जिससे परेशानी बढ़ गई है। खाली प्लॉट बना तालाब, बढ़ा संक्रमण का खतरा यहां रहने वाले लोग रॉयल एक्सटेंशन के पास तालाब बनी खाली जगह को दिखाते हुए कहते हैं, कि यहां पास में ही ब्रह्मकुमारीज का आश्रम है, सैकड़ों लोगों का आना-जाना रहता है। लेकिन इस गंदे पानी की वजह से कॉलोनी के लोगों को परेशानी होती है। सीवर और नाले का पानी भरने से संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ा रहा है। एक तो सड़क टूटी पड़ी है, ऊपर से गंदे पानी की निकासी सही नहीं होने से दिक्कत होती है। लोगों के घरों में सांप तक निकलने लगे हैं, किसी भी तरह सड़क का निर्माण पूरा हो जाए तो लोगों को राहत मिलेगी। बदहाली झेल रहीं कॉलोनियां, सुधरे व्यवस्था रॉयल पार्क, रॉयल एक्सटेंशन, मधुर विहार, कीर्ति नगर, मधुर एन्क्लेव, और जी-एच ब्लॉक की जनता रास्तों की बदहाली के कारण समस्याओं से जूझ रही है। यहां रहने वाले लगभग हजारों लोग और प्रतिदिन इस रास्ते से दूसरे इलाकों में आने-जाने वाले बड़ी संख्या में लोग परेशान हो चुके हैं। कभी जो रास्ता स्कूल, बाज़ार, हॉस्पिटल और आस-पास के इलाकों से जोड़ता था, वह अब मिट्टी और मलबे से ढका पड़ा है। सीवर लाइन डालने के लिए की गई खुदाई, फिर टैंक निर्माण के लिए छोड़ा गया मलबा, और टूटी आरसीसी सड़कें अब लोगों के जीवन को अस्त-व्यस्त कर रही हैं। लोगों का कहना है कि जल्द ही इस रास्ते का निर्माण हो, ताकि लोगों को रास्ता मिल सके। समस्याएं - कॉलोनी के सामने की सड़क पूरी तरह टूट चुकी है - नालों के स्लैब टूटे पड़े हैं, गिरने का डर रहता है - गंदे पानी की निकासी और सीवर व्यवस्था ठीक नहीं - सड़कों पर गहरे गड्ढे हो चुके हैं, लोग गिरते रहते हैं - आसपास खाली जगह में गंदा पानी भरता रहता है सुझाव - टूटी सड़कों को जल्द से जल्द बनाया जाना चाहिए - खुले नालों पर स्लैब लगाए जाएं ताकि हादसे ना हों - गंदे पानी की निकासी और सीवर की नियमित सफाई हो - स्कूल के पास सड़कों के गड्ढों को प्राथमिकता से भरा जाए - सड़क के निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करें हमारी भी सुनो महीनों से रास्ता खुदा पड़ा है, लोगों का आना-जाना दूभर हो गया है, बाहर जाने के लिए भी जद्दोजहद करनी पड़ती है। - दीपक गोयल इतनी बुरी हालत हो चुकी है, कि लोग कॉलोनी से निकल ही नहीं पाते हैं, कई किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता है। - गौरव प्रताप इस रास्ते पर कई कॉलोनी है, हजारों लोग रोज आते-जाते हैं, लेकिन महीनों से इसके बनने का इंतजार कर रहे हैं। - मनोजपाल आजतक इसकी सीवर लाइन नहीं डल पाई है, एमडीए वालों ने पूरी सड़क खोदकर डाल दी है, हादसो का डर रहता है। - राकेश सोंधी नाले के ऊपर से स्लैब हटा पड़ा है, कहीं सीवर के पाइप पड़े हुए हैं, अगर कोई गिर गया तो जान बचनी मुश्किल है। - सत्यपाल सिंह लोगों को पल्लवपुरम हाईवे तक जाने के लिए कई किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता है, पूरी सड़क ही खराब पड़ी हुई है। - अरुण जैन पता नहीं कब तक ये सीवर लाइन डलेगी और सड़क बनेगी, लोग परेशान हो गए हैं, कहीं आ-जा भी नहीं सकते हैं। - सुधीर कुमार पूरे इलाके की हालत बदतर हुई पड़ी है, कोई सुनने को तैयार नहीं है, सड़क पूरी तोड़ दी है, पता नहीं कब जाकर बनेगी। - विजय नागदेव लोग बहुत परेशान हो गए हैं, घरों से निकलना मुश्किल हो गया है, इलाके की सड़कें जर्जर हुई पड़ी हैं, लोग बहुत परेशान हैं। - नितिन जुनेजा पल्लवपुरम कहने को तो पॉश कॉलोनियों का इलाका है, लेकिन यहां की सड़कें ज्यादातर टूटी पड़ी हैं, गड्ढे हो गए हैं। - अंकुर सोंधी बच्चे स्कूल जाते हैं तो उन्हें बड़ी मुश्किल से रास्ता पार कराया जाता है, बस तक पहुंचने में भी डर बना रहता है। - मुकेश खुला नाला और गहरे गड्ढे लोगों के लिए परेशानी का सबब बन चुके हैं, महीनों से सीवर लाइन नहीं डल पाई है। - महेश कुमार पूरा रास्ता ही बंद कर दिया है, सीवर टैंक बनाने के लिए नाले के पास से सड़क खोद दी गई है, जिसे बहुत दिन हो गए। - हरेंद्र कुमार ठेकेदार सड़क तोड़े जा रहा है, लेकिन बनाने की बात पर लड़ने को तैयार हो जाता है, पूरी सड़क बनाने को मना करता है। - हिमांशु नागर यह रास्ता आगे लावड़ से मिलता है, रोज हजारों की संख्या में लोग आते जाते हैं, लेकिन महीनों से इसकी हालत खराब है। - संदीप पल्लवपुरम की सड़कें बन जाएं, गंदे पानी की निकासी ठीक हो, तो लोगों को राहत मिल जाएगी, बहुत समस्या झेल रहे हैं। - अरुण खाली जगहों पर गंदा पानी भरा रहता है, कॉलोनी के पास में ही तालाब बना पड़ा है, जिससे संक्रमण का खतरा पैदा होने लगा है। - जगदीश प्रसाद यहां सबसे बड़ी समस्या ही टूटी सड़कें हैं, लंबे समय से बनने का इंतजार कर रहे हैं, गड्ढों के कारण चलना भी दूभर रहता है। - सौरभ अरोड़ा -------------------------------------------------

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