134 साल बाद अब बदलेगा नगर निगम का ठिकाना

Newswrap हिन्दुस्तान, मेरठ
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Meerut News - मेरठ नगर निगम का नया कार्यालय गढ़ रोड, शास्त्रीनगर में एक आधुनिक और भव्य परिसर में शिफ्ट होने जा रहा है। यह भवन सचिवालय की तर्ज पर बनाया गया है और जनता को सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे प्रदान करेगा। मेयर ने बताया कि दो माह में उद्घाटन किया जाएगा।

134 साल बाद अब बदलेगा नगर निगम का ठिकाना

मेरठ शहर के लिए एक बड़ी और आधुनिक सौगात तैयार हो चुकी है। मेरठ नगर निगम का नया कार्यालय अब अपने पुराने और संकरे ठिकाने को छोड़कर गढ़ रोड, शास्त्रीनगर के एक बेहद आधुनिक और भव्य परिसर में शिफ्ट होने जा रहा है। सचिवालय की तर्ज पर बनाई गई यह नई बिल्डिंग न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाएगी, बल्कि जनता को एक ही छत के नीचे तमाम सुविधाएं भी प्रदान करेगी। मेयर हरिकांत अहलूवालिया का कहना है कि दो माह में नगर निगम नए दफ्तर में शिफ्ट हो जाएगा। जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उद्घाटन का अनुरोध किया जाएगा। नगर निगम के रिकार्ड के अनुसार 1892 में अंग्रेजों ने केसरगंज, घंटाघर में मेरठ नगरपालिका का गठन किया था।

15 जून 1982 से नगरमहापालिका का दर्जा मिला। 31 मई 1994 से नगर निगम है। 1892 से पहले नगरपालिका, फिर महानगरपालिका और उसके बाद नगर निगम का दफ्तर केसरगंज में चल रहा है। लगभग 134 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद नगर निगम को अपनी नई और आधुनिक पहचान मिलने जा रही है। नए नगर निगम कार्यालय को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।सचिवालय जैसा लुकगढ़ रोड, शास्त्रीनगर में नई बिल्डिंग को बेहद आधुनिक और कॉरपोरेट लुक दिया गया है। इसकी भव्यता को देखकर इसे मिनी सचिवालय कहा जा रहा है। सचिवालय की तर्ज पर बनाई गई यह नई बिल्डिंग न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाएगी, बल्कि जनता को एक ही छत के नीचे तमाम सुविधाएं भी प्रदान करेगी।​दो माह में उद्घाटननए भवन में फिनिशिंग का काम अंतिम चरण में है। मेयर और अधिकारियों के मुताबिक, अगले दो महीनों के भीतर नगर निगम के नए भवन का निर्माण पूर्ण हो जाएगा। उद्घाटन के बाद धीरे-धीरे नगर निगम के सारे विभाग शिफ्ट हो जाएंगे।एक ही छत के नीचे सारी सुविधाएंअब तक नगर निगम के अलग-अलग विभाग बिखरे हुए थे, जिससे जनता को भटकना पड़ता था। नए कॉम्प्लेक्स में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, टैक्स जमा करने, और हाउसिंग, सफाई, जल-कल, निर्माण संबंधी सभी कार्यों के लिए अलग-अलग खिड़कियां और विभाग एक ही परिसर में होंगे।एक दशक से चल रही थी प्रक्रियावैसे करीब एक दशक से नगर निगम के नए दफ्तर के निर्माण की बात हो रही थी। 2019 में निगम कार्यकारिणी और उसके बाद बोर्ड में पार्षद ललित नागदेव ने इसका प्रस्ताव रखा था। मार्च-2023 में शासन ने पं.दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के तहत मंजूरी दी। 27 मार्च 2023 को प्रथम किश्त के तौर पर 11 करोड़ 71 लाख रुपये जारी भी कर दिये। उसके बाद शासन ने सीएंडीएस को निर्माण एजेंसी नामित किया। 15 अक्तूबर 2023 को शिलान्यास के साथ निर्माण कार्य शुरू हो गया था। अब करीब ढाई साल बाद अब बनकर तैयार हो गया है। कुल लागत 46 करोड़ 86 लाख 62 हजार रुपये है।

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