Meerut News: सेंट्रल मार्केट : दिनभर अड़े रहे आंदोलनकारी, शाम को धरना समाप्त
Meerut News: मेरठ में आवास विकास परिषद की कार्रवाई के खिलाफ महापंचायत का आयोजन किया गया। आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री से वार्ता कराने और अधिकारियों के निलंबन की मांग की। बारिश के बावजूद लोग धरने पर डटे रहे। अंततः अफसरों के आश्वासन पर धरना समाप्त कर दिया गया। मेरठ बंद का असर अलग-अलग इलाकों में देखा गया।

Meerut News: मेरठ। आवास विकास परिषद की कार्रवाई के विरोध में बुधवार को मेरठ बंद के आह्वान के बीच शास्त्रीनगर में हुई महापंचायत ने बाद में अनिश्चितकालीन धरने का रूप ले लिया। सुबह से दोपहर बाद तक हुई बारिश के बावजूद व्यापारी और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि, महिलाएं के साथ ही आसपास के लोग गुरुद्वारा रोड पर डटे रहे। इसके साथ ही गुरुद्वारा रोड पर आंदोलन का नया केंद्र बन गया। आवास विकास परिषद के घेराव के ऐलान के बाद पुलिस-प्रशासन ने पूरे इलाके में बैरिकेडिंग कर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी। आंदोलनकारी मुख्यमंत्री से वार्ता कराने, आवास विकास के अफसर राहुल यादव को निलंबन एवं 21 सितंबर तक कोई कार्रवाई नहीं किये जाने की मांग रखी। शाम को अफसरों के आश्वासन पर धरना समाप्त कर दिया गया।
महापंचायत का आयोजन
मेरठ बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष रविंद्र गुर्जर, कवलजीत सिंह, शैंकी वर्मा, नितेश पंवार, सुदीप जैन, विजय राघव के नेतृत्व में हुई महापंचायत में व्यापारियों के साथ विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और किसान संगठनों के प्रतिनिधि पहुंचे। हालांकि मेरठ बंद पूर्ण सफल नहीं हुआ, क्योंकि संयुक्त व्यापार संघ के दोनों घड़ों के साथ ही अधिकांश बाजारों के व्यापारियों ने बंद से अपना समर्थन वापस ले लिया था। शासत्रीनगर, जागृति विहार एवं माधवपुरम इलाकों जरूर बंद का असर दिखा।
आंदोलन और नारेबाजी
महापंचायत में वक्ताओं ने आवास विकास परिषद की कार्रवाई को लेकर आक्रोश जताया और मांगों के समाधान तक संघर्ष जारी रखने की बात कही। महापंचायत में भाजपा के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी हुई। माधवमपुरम क्षेत्र से आए लोगों ने आगामी चुनाव में भाजपा को वोट नहीं देने का ऐलान कर आंदोलन को राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की। सांसद एवं विधायक के खिलाफ आक्रोश जताया। इस दौरान स्कूलों, अस्पतालों का स्टाफ भी मौजूद रहा। महिलाओं एवं व्यापारियों के साथ विभिन्न इलाकों आए लोगों ने अलग-अलग ग्रुप में नारेबाजी कर विरोध-प्रदर्शन किया। दूसरी ओर, संयुक्त व्यापार संघ निर्वाचित के मंत्री संजीव जिंदल ने कहा कि कंकरखेड़ा में मेरठ बंद का असर शून्य रहा। रोजाना की तरह बाजार खुले रहे।
किसानों और विपक्ष का समर्थन
आंदोलन को समर्थन देने के लिए रालोद, सपा और कांग्रेस के नेता-कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे। किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी धरने में शामिल होकर आंदोलन को समर्थन दिया। पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुखिया गुर्जर, रालोद नेता प्रतीक जैन, सपा नेता पंडित प्रवीन वशिष्ठ, किसान नेता अमित भड़ाना, अक्षय जैन अरिहंत, सुदीप जैन, सपा जिलाध्यक्ष कर्मवीर सिंह गुमी, जानू चौधरी, रविंद्र प्रेमी, अमित शर्मा, कांग्रेस नेत्री रीना शर्मा, एसके शाहरुख, किसान नेता नितेश पंवार, राधा गुप्ता, शालू शर्मा ने भी महापंचायत को संबोधित किया।
मौसम की चुनौतियाँ
सुबह से दोपहर बाद तक रुक-रुककर होती रही बारिश ने बंद और महापंचायत की भीड़ पर असर जरूर डाला, लेकिन शास्त्रीनगर में जुटे आंदोलनकारियों के तेवर कमजोर नहीं पड़े। बारिश के बीच लोग धरने पर बैठे रहे और नारेबाजी करते रहे। आंदोलनकारियों का कहना था कि मौसम की मार उनके आंदोलन को नहीं रोक सकती।
अफसरों के आश्वासन पर धरना समाप्त
मेरठ। करीब 12 घंटे चली महापंचायत-धरना-प्रदर्शन के दौरान दो दौर की वार्ता के बाद आखिरकार पुलिस-प्रशासनिक अफसरों के मिले आश्वासन पर बुधवार रात करीब 8:30 बजे शास्त्रीनगर गुरुद्वारा रोड पर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना समाप्त कर दिया गया। एडीएम सिटी, एसपी सिटी समेत पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने वार्ता की। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रभावित नागरिको की ओर से सौंपा। कवलजीत सिंह ने ज्ञापन को पढ़कर सुनाया। इसमें मेरठ समेत प्रदेशभर का मुद्दा उठाया। नई नीति बनाने एवं विध्वंस कार्रवाई टालने के साथ जहां जैसा है वैसा के आधार पर मानवीय एवं व्यापक राज्य नीति बनाकर सभी निर्माणों का नियमितकरण किया जाए। वर्तमान स्थिति को आधार मानकर स्थाई समाधान सुनिश्चित कराया जाए। अफसरों ने आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया कि कमिश्नर एवं प्रमुख सचिव आवास विकास के माध्यम से पीड़ितों के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से समय मिलते ही कराई जाएगी। आवास विकास के अफसर राहुल यादव की शिकायत को भी प्रमुख सचिव आवास विकास के संज्ञान में लाया गया है। वहीं जांच एवं कार्रवाई करेंगे। साथ ही आश्वसत किया कि 21 सितंबर तक फिलहाल कोई बुलडोजर कार्रवाई नहीं होगी। इसके बाद मेरठ बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति ने अनिश्चितकालीन धरना खत्म करने का ऐलान किया। साथ ही कहा कि यदि 21 सितंबर को निर्णय उनके अनुरूप नहीं आया तो 22 सितंबर से बड़ा आंदोलन करेंगे। दूसरी ओर, सिख समाज के लोगों ने धरनास्थल पर जुटे लोगों की लंगर सेवा की। शाम को सेक्टर दो क्षेत्र की महिलाएं भी खाना तैयार करके धरनारत लोगों के लिए खाना लेकर पहुंची।
शहर में प्रभाव
मेरठ बंद का असर पूरे शहर में एक जैसा नहीं रहा। शास्त्रीनगर, जागृति विहार और माधवपुरम में व्यापारियों ने दुकानें बंद रखीं, जबकि अन्य प्रमुख बाजारों में सामान्य दिनों की तरह गतिविधियां चलती रहीं। व्यापारी नेता शुएब ने बताया कि फिल्मीस्तान रोड पर भी व्यापारी बंद में शामिल हुए।
रविंद्र गुर्जर का संदेश
1857 की क्रांति धरा मेरठ उन अमर शहीद धन सिंह कोतवाल की भूमि है। मेरठ का एक-एक व्यक्ति धन सिंह कोतवाल है। युवा अपने मेरठ को बचाने के लिए आगे आ चुका है। पिछले 150 दिन से मातृशक्ति अपना घर परिवार व्यापार रोजी रोटी बचाने के लिए सड़कों पर है। सरकार हस्तक्षेप करें एवं जो जैसा है उसका वैसी ही स्थिति में नियमितीकरण किया जाए।
सुदीप जैन, राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा
यह लड़ाई कोई राजनीतिक एवं सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों की रोजी-रोटी, रोजगार एवं मकान बचाने की है। आमजन का आंदोलन है। मांगें पूरी करनी होगी।
रविंद्र गुर्जर, अध्यक्ष मेरठ बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति
सेंट्रल मार्केट-शास्त्रीनगर मामले में सरकार हस्तक्षेप करके आवास विकास क्षेत्र के व्यापारियों, लोगों को राहत दें। किसी को उजाड़ा न जाए। मकान-व्यापार के साथ पुनर्वास हो।
मुखिया गुर्जर, राष्ट्रीय अध्यक्ष पथिक सेना
आवास विकास क्षेत्र के शास्त्रीनगर, जागृति विहार, माधवपुरम क्षेत्रों के व्यापारियों, बाशिदों पर बड़ी आफत आ गई। ब्राह्मण समाज एवं ट्रांसपोर्टर व्यापारियों, क्षेत्रीय लोगों के साथ है।
पंडित अमित शर्मा शांडिल्य, प्रदेश उपाध्यक्ष ब्राह्मण समाज
यह आंदोलन मेरठ का है मेरठ की जनता का है। आज जिन व्यापरियों और स्कूलों ने या अन्य किसी संग़ठन के लोगो ने बंद किया उनको बहुत-बहुत धन्यवाद।
शैंकी वर्मा, महानगर अध्यक्ष मेरठ व्यापार मंडल
आंदोलन में बड़ी संख्या में स्कूलों, अस्पतालों, व्यापारिक-औद्योगिक, राजनीतिक दलों, किसान संगठनों, महिलाओं, लोगों का साथ मिला। मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
कवलजीत सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष ऑल इंडिया स्कूल लीडर्स एसोसिएशन
न्यायालय के आदेश का सभी सम्मान एवं पालन करते हैं। सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करके लोगों, व्यापारियों को उजड़ने से बचाए। साथ ही उजड़े व्यापारियों को बसाने का काम करें।
पंडित प्रवीन वशिष्ठ, वरिष्ठ सपा नेता
शास्त्रीनगर, सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों एवं लोगों को उजड़ने से बचाने के लिए सरकार को आगे आना चाहिए। न्यायालय में पैरवी करें। आवासीय-व्यवसायिक कॉम्पलेक्स बनाकर राहत दें।
रीना शर्मा, कांग्रेस नेत्री
आवास विकास के कार्रवाई के खिलाफ किसान व्यापारियों एवं क्षेत्र की जनता के साथ है। जरूरत पड़ी तो बड़ा आंदोलन करेंगे। दिल्ली कूच से भी कदम पीछे नहीं खीचेंगे। सरकार राहत देने का काम करें।
नितेश पंवार, प्रदेश अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन धन सिंह कोतवाल


