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26 जनवरी, 2020|11:21|IST

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हिंसा में खुद को निर्दोष बता 97 ने सौंपे पुलिस को सबूत

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20 दिसंबर को हुई हिंसा में आरोपी बनाए गए 97 लोगों ने खुद को निर्दोष बताया है। इन लोगों ने थाना, सीओ कार्यालय, एसपी सिटी और एसआईटी को सबूत भी दिए हैं। इनकी जांच पड़ताल करने और नाम बाहर निकालने की मांग की गई है। पुलिस अधिकारियों ने जब से 16 लोगों को सबूतों के आधार पर क्लीन चिट दी है, इसके बाद से लोग ज्यादा सक्रिय हो गए हैं।

मेरठ हिंसा में 20 दिसंबर को जमकर बवाल हुआ था। शहर में छह जगहों पर बवाल और फायरिंग हुई थी। हापुड़ रोड पर 35 पुलिसकर्मियों को दुकान में जिंदा जलाने की कोशिश की गई थी। गोलीबारी में छह लोगों की मौत हुई थी। इस पूरे मामले में पुलिस अभी तक 56 लोगों की गिरफ्तारी कर चुकी है और दो हजार अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया गया है। कुल मिलाकर 12 मुकदमें दर्ज किए गए हैं। पीएफआई और एसडीपीआई का हाथ इस हिंसा में बताया गया है। जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी और थाना स्तर पर कुछ लोगों ने हिंसा के बाद अपनी बेगुनाही का सबूत दिया था। बताया था कि उन्हें हिंसा में फर्जी तरीके से नामजद किया गया है। पुलिस ने इस मामले में छानबीन की और इसके बाद सबूतों के आधार पर 16 लोगों को क्लीन चिट दे दी गई। इनके नाम विवेचना में बाहर कर दिए गए। इसी तरह से अभी तक कुल मिलाकर 97 लोगों ने खुद को निर्दोष बताते हुए थाना लिसाड़ी गेट, ब्रह्मपुरी और नौचंदी में प्रार्थना पत्र दिए हैं। इसके अलावा सीओ कोतवाली, सीओ ब्रह्मपुरी, एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह और एसआईटी को भी प्रार्थना पत्र दिए गए हैं। इन लोगों ने सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग, कुछ लोगों के शपथ पत्र और बाकी जानकारी दी हैं। पुलिस अब इन सभी तथ्यों की पड़ताल करा रही है।