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25 जनवरी, 2020|1:28|IST

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बिहार के सॉल्वर गैंग की तलाश में क्राइम ब्रांच

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यूपी पुलिस भर्ती में बिहार के सॉल्वर गैंग की सेंधमारी से हड़कंप मचा हुआ है। बुधवार को पीएसी छठी वाहिनी मेरठ में भर्ती प्रक्रिया के दौरान मुन्नाभाई और पुलिस भर्ती कराने वाली कंपनी के दो कर्मचारियों की धरपकड़ की गई। खुलासा हुआ कि मुन्नाभाई ने अपनी जगह बिहार के सॉल्वर गिरोह के सदस्य से लिखित परीक्षा दिलवाई थी। ऐसे में मेरठ क्राइम ब्रांच बिहार के सॉल्वर गैंग की तलाश में लग गई है।

मेरठ की पीएसी छठी वाहिनी में बुधवार को पुलिस भर्ती प्रक्रिया में पुलिस ने साजिद निवासी मुजफ्फरनगर को पकड़ा था। आरोपी का बायोमैट्रिक मिलान नहीं हुआ था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि साजिद ने अपनी जगह पर बिहार के सॉल्वर गिरोह के सदस्य से लिखित परीक्षा दिलाई थी। शारीरिक परीक्षा बुधवार को थी और इसी सॉल्वर ने आकर पहले बायोमैट्रिक पहचान कराई थी।

इसके बाद दौड़ साजिद को ही करनी थी और इसके लिए परीक्षा कराने वाली कंपनी टाइम एंड टेक्नोलॉजी के दो कर्मचारियों विकास व अंशुल ने मदद का आश्वासन दिया था। इस काम की एवज में 2.50 लाख की रकम तय की गई थी। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया था। यूपी पुलिस भर्ती के दौरान अभी तक सात ऐसे आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है, जिनका कनेक्शन बिहार के सॉल्वर गिरोह से मिला है। इस गिरोह के सदस्यों ने असली अभ्यर्थियों की जगह पर परीक्षा दी थी। ये गिरोह बड़े स्तर पर सक्रिय है और अब इस गिरोह की लगातार सूचनाएं भी मिल रही हैं। ऐसे में एसएसपी मेरठ अजय साहनी ने गिरोह की धरपकड़ के लिए क्राइम ब्रांच को लगा दिया है। क्राइम ब्रांच ने साजिद, विकास और अंशुल के मोबाइल जब्त कर लिए हैं और उनकी जांच की जा रही है। जिन नंबरों से संपर्क किया, उनकी कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। पता किया जा रहा है कि गिरोह में कौन-कौन शामिल हैं। साथ ही साजिद की जगह जिस युवक ने परीक्षा दी थी, उसका फोटो बिहार में पटना पुलिस को दिया गया है। बताया गया है कि यह सॉल्वर गिरोह का सदस्य है और कोई सूचना मिलने पर मेरठ पुलिस से संपर्क किया जाए। एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि क्राइम ब्रांच को इस काम पर लगाया गया है और सॉल्वर गैंग को क्रेक किया जाएगा।