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यह कैसा बुखार हाथ-पैरों के दर्द से करहा रहे मरीज

यह कैसा बुखार हाथ-पैरों के दर्द से करहा रहे मरीज

जिला अस्पताल, मेडिकल अस्पताल समेत शहर के निजी अस्पताल में वायरल के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अस्पतालों की ओपीडी में बहुत से ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जिनकी मलेरिया, टाइफाइड समेत खून की सभी जांच ठीक थी, लेकिन उनके प्लेटलेट्स तेजी से घट रहे थे। समान्य वायरल में भी मरीजों की प्लेटलेट्स घट जाती हैं। मंगलवार को मेडिकल, जिला अस्पताल में मरीज की लाइन लगी थी। अस्पताल में पहुंचने वाले अधिकांश मरीज वायरल की चपेट में थे। वायरल की चपेट में आने मरीजों के हाथ-पैर के दर्द से कराहा रहे हैं। अब स्वास्थ्य विभाग में पड़ौसी जिले में स्वाइन फ्लू के मरीजों की पुष्टि होने के बाद घबराया हुआ है। स्वाइन फ्लू को लेकर भी विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है।

समान्य बुखार में घटती हैं प्लेटलेट्स

एमडी पैथलोजिस्ट डॉ. अनिल नौसरान ने बताया कि बुखार अगर तीन दिन में दवा के बाद भी ठीक न हो तो डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया की जांच कराएं। समान्य बुखार में भी प्लेटलेट्स घट जाती हैं। प्लेटलेट्स कम होने का मतलब डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया से नहीं है।

सब जगह से आ रहे सैंपल

डेंगू एलाइजा टेस्ट के लिए मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबॉयलॉजी विभाग की लैब को अधिकृत किया गया है। इस लैब में बिजनौर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, सहारनपुर समेत अन्य जिलों से सैंपल जांच के लिए पहुंच रहे हैं।

मरीजों के इलाकों में पहुंची टीम

सीएमओ डॉ. राजकुमार चौधरी ने बताया कि जिले में अभी तक किसी डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई है। मलिन बस्ती, घनी आबादी में टीम पहुंचकर सर्वे कर रही है। सोमवार को डेंगू का केस मिलने के बाद मलेरिया अधिकारी ने सभी अपर मलेरिया अधिकारी, इंस्पेक्टर और सुपरवाइजरों की टीम बुलाई और कॉलोनी का दोबारा सर्वे करने के निर्देश दिए।

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2017 के आंकड़ों पर एक नजर

अगस्त से लेकर अक्तूबर तक रिपोर्ट में बुखार के मरीजों

की संख्या : 42678 : कोई मौत नहीं

डेंगू के मरीजों की संख्या : 660 : कोई मौत नहीं

चिकनगुनिया : कोई केस नहीं

स्वास्थ्य विभाग ने लगाए शिविर : 610

रक्त के सैंपल लिए गए : 18726

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क्या करें

- कूलर की टंकी को सप्ताह में एक बार अवश्य साफ करें। दोबारा पानी भरने से पहले टंकी अच्छी तरह से सुखा लें। जहां पर कूलरों की टंकी साफ करना संभव न हो, वहां कूलरों में एक चम्मच डीजल, पेट्रोल या मिट्टी का तेल नियमिल रूप से डालें।

- घर और आसपास पानी एकत्र न होने दें। रुके हुए पानी के स्थानों पर मिट्टी भर दें। यदि मिट्टी भरना संभव न हो तो कुछ बूंद मिट्टी का तेल या डीजल डाल दें।

- सोते समय मच्छर दानी या मच्छर भगाने की क्रीम, मेट या रिफल का प्रयोग करें।

- दैनिक प्रयोग के पानी के एकत्र करने के बर्तन, पानी की टंकी ढक कर रखें। एक सप्ताह से ज्यादा दिन तक पानी एकत्र न रहने दें।

- घर में समस्त कबाड़ जनित सामान जिसमें जल एकत्र हो जाता है, उनको खाली कर दें।

- जहां तक संभव हो पूरी आस्तीन की कमीज, मौजे पहनें। इससे मच्छर के काटने से बचा जा सकता है। इसके लिए स्कूली बच्चों को यूनीफार्म में छूट प्रदान की जाए।

- तेज बुखार होने पर चिकित्सक से सम्पर्क करें, डेंगू का शक होने एलाइजा टेस्ट जरूर कराएं।

लक्षण

- ठंड लगने के बाद अचानक तेज बुखार चढ़ना

- सिर, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द

- आंखों के पिछले हिस्से में दर्द

- बहुत ज्यादा कमजोरी, भूख न लगना और जी मिचलाना, मुंह का स्वाद खराब होना, गले में दर्द होना

- शरीर में चेहरे, गर्दन और छाती पर लाल-गुलाबी रंग के रैशज होना

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