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20 फरवरी, 2020|10:16|IST

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नई सड़क पर सीओ-इंस्पेक्टर को पीटा, वर्दी फाड़ी

नई सड़क पर सीओ-इंस्पेक्टर को पीटा, वर्दी फाड़ी

नई सड़क पर सम्राट हैवेंस के सामने रविवार दो बहनों ने अपनी मां और भाई के साथ मिलकर इंस्पेक्टर नौचंदी पर जानलेवा हमला कर दिया। बुरी तरह इंस्पेक्टर की पिटाई करने के बाद वर्दी फाड़ दी। इंस्पेक्टर से गाली गलौज करते हुए धक्का देकर नीचे गिराने की कोशिश भी की। इस दौरान पुलिस कर्मी आए और उन्हें बचाया। आनन-फानन में सीओ सिविल लाइन मौके पर पहुंचे तो उनके साथ भी हाथापाई करनी शुरू कर दी। सीओ को घेर कर गाली गलौज और मारपीट कर दी। सिपाहियों के साथ भी बुरी तरह मारपीट करनी शुरू कर दी। इस दौरान मीडिया कर्मियों पर भी हमला बोल दिया। कैमरे में तोड़फोड़ भी कर दी। जब हद पार हो गई तो आखिरकार पुलिस ने लाठीचार्ज करने के लिए मजबूर हुई। पुलिस ने लाठीचार्ज करना शुरूकर दिया। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद सभी आरोपियों को जिप में डाला। थाने में भी बवालियों ने तोड़फोड़ कर दी। वायरलैस फेंक दिए। गमले भी तोड़ दिए। महिला कांस्टेबलों के साथ भी जमकर मारपीट की। रात को पुलिस ने मुकदमा कायम कर लिया है।

मुंडाली के सिसौली गांव में नूर मोहम्मद का परिवार रहता है। नूर मोहम्मद की दो बेटी आशमा और इंतिशा घर से लड़कर खरीददारी करने के लिए सेंट्रल मार्केट में आई थी। जिसके बाद मां मीना और भाई नईम भी पीछा करते-करते हुए सेंट्रल मार्केट पहुंच गए। यहां सम्राट पैलेस के सामने नईम अपनी बहन को बुरी तरह पीट रहा था। इसी दौरान आसपास के व्यापारी और लोग आ गए। उन्होंने नईम की पिटाई करनी शुरू कर दी। इस दौरान दोनो बहन बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़ी। लेकिन नईम लातों से अपनी बहनों को पीटता रहा। सूचना पर इंस्पेक्टर नौचंदी धीरज शुक्ला मौके पर पहुंचे। जैसे ही इंस्पेक्टर ने मामला शांत कराने की कोशिश की तो इंस्पेक्टर को नईम और उसके साथियों ने घेर लिया। बुरी तरह इंस्पेक्टर के साथ मारपीट करनी शुरूकर दी। इतना ही नहीं वर्दी तक फाड़ दी। इंस्पेक्टर के तीन स्टार लगा बेच भी नोच के फेंक दिया। इस दौरान सीओ सिविल लाइन राम अर्ज मौके पर पहुंचे तो इनके साथ भी हाथापाई पर उतर गए। सीओ का भी बेच नोक कर हाथापाई करनी शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने सख्त रवैया अपना लिया। पुलिस ने मारपीट करने वालों को बीच सड़क पर ही सबक सिखाया। व्यापारी और आसपास के लोगों ने भी पुलिस का साथ देते हुए मारपीट करने वाले नईम और उसके साथियों की पिटाई की। इसके बाद जिप में डालकर ले जाने लगे। जैसे ही पुलिस ने नईम को जिप में डाला तो बहन काफी देर बाद आशमा, इंतिशा और मां ने एक बार फिर पुलिस की पिटाई करनी शुरू कर दी। इस दौरान मीडिया कर्मियों पर भी हमला बोल दिया। कैमरे में तोड़फोड़ भी कर दी। जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस कर्मियों ने आरोपियों को जिप में डाला। थाने में पहुंचने के बाद भी नहीं माने। उन्होंने यहां बैठे मुंशी और सिपाहियों से मारपीट करनी शुरू कर दी। आनन-फानन में महिला कांस्टेबल बुलाई गई तो उनके साथ भी गाली गलौज और मारपीट पर उतारु हो गई। महिला कांस्टेबलों के साथ भी धक्कामुक्की कर दी। थाने में रखे वायरलैस सेट और कागजात भी फेंक दिए। पुलिस ने थाने में भी हल्का बल प्रयोग किया तब जाकर मामला शांत हुआ। रात को सभी महिलाओं को महिला थाने भेज दिया गया। पुलिस कर्मियों से मारपीट करने वाले नईम, आशमा, इंतिशा, मीना समेत के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट और जानलेवा हमले की धाराओं में मुकदमा कायम किया जा रहा है। वहीं रात को महिलाओं को महिला थाने भेज दिया गया है। .... तो फट जाता सीओ का सिर, बच गएजैसे ही सीओ मामले को शांत कराने के लिए पहुंचे तो एक महिला सीओ के सिर पर डंडा मारने के लिए आगे बढ़ी। इसी दौरान एक मीडिया कर्मी ने महिला के हाथ से डंडा छीन लिया। यदि डंडा लग जाता तो सीओ के सिर पर काफी गंभीर चोट आ सकती थी। फट गए महिलाओं के कपड़ेमहिला कांस्टेबल महिला थाने भेजने के लिए जिप में महिलाओं को बैठा रही थी लेकिन वह जिप में नहीं बैठ रही थी। जिसके चलते खींचतान में महिलाओं के कपड़े भी फट गए। पुलिस ने बनाई वीडियो तो दी गालीइंस्पेक्टर में पूरे बवाल की वीडियो नौचंदी थाने में तैनात एक सिपाही बना रहा था। जैसे ही नजर सिपाही पर पड़ी तो सिपाही को गाली देनी शुरू कर दी। छाती पर हाथ मार-मारकर खूब हंगामा किया। थाने के बाहर परिसर पर जमीन पर ही बैठ गई और चिल्लाने लगी। तेरी वर्दी उतरवा दूंगी...थाने में दो बहनों ने पुलिस को धमकी दे डाली। इंस्पेक्टर धीरज शुक्ला से गाली गलौज करते हुए वर्दी तक उतरवाने की धमकी दे दी। दोनो बहनों ने इंस्पेक्टर से कहा कि कोर्ट से 156/5 में इंस्पेक्टर के खिलाफ मुकदमा कायम कराया जाएगा।नहीं पहुंची महिला थाने की पुलिसपुलिस के साथ मारपीट की घटना होने के बावजूद भी महिला थाने का फोर्स नहीं पहुंचा। पुलिस कर्मियों ने महिला थाने को फोन किया लेकिन बावजूद इसके महिला पुलिस कर्मी नहीं आई। जिसके बाद थाने की कांस्टेबलों को बुलाया गया।