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मेरठः कमिश्नरी पर जलवायु हड़ताल से लोगों को किया जागरूक

हिन्दुस्तान टीम,मेरठPublished By: Newswrap
Fri, 24 Sep 2021 12:20 PM
मेरठः कमिश्नरी पर जलवायु हड़ताल से लोगों को किया जागरूक

एनवायरमेंट क्लब और फ्राईडेज फॉर फ्यूचर मेरठ के संयुक्त तत्वाधान में जलवायु हड़ताल का आयोजन मेरठ के कमिश्नरी चौराहे पर किया गया। क्लब संस्थापक व अभियान के मेरठ समन्वयक सावन कन्नौजिया के नेतृत्व में भारी संख्या में युवा कोविड नियमों का पालन करते हुए सड़कों पर उतरे और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। आम जनमानस को जलवायु परिवर्तन से पर्यावरण को हो रहे नुकसान से अवगत कराया।

हड़ताल का नेतृत्व कर रहे सावन कन्नौजिया ने कहा कि आज हमारे ही कृत्य हमारे लिए घातक साबित हो रहे हैं। असमय बारिश का आना, कभी भी मौसम बदल जाना और प्राकृतिक आपदाओं का तेजी से बढ़ना सीधा संकेत करता है कि मनुष्य जाति पर्यावरण के साथ बहुत छेड़छाड़ कर रही है और आज हम औद्योगिकीकरण व विकास करने की होड़ में प्रकृति को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।

बताया कि फ्राइडे फॉर फ्यूचर अभियान स्वीडन की एक छात्रा ग्रेटा थनबर्ग ने शुरू किया था, जिसमें वह अपने साथियों के साथ हर फ्राइडे यानी शुक्रवार को स्कूल की छुट्टी कर वहां की सरकार से जलवायु परिवर्तन को रोकने हेतु कड़े कानून की मांग करती है। लोगों को जलवायु परिवर्तन जो कि पर्यावरण का एक ज्वलंत मुद्दा है। इसके प्रति जागरूक करतीं हैं। इसी के तहत वैश्विक स्तर पर आज यह जलवायु हड़ताल का आयोजन किया गया, जिसमें भारी संख्या में ना केवल मेरठ, भारत बल्कि पूरे विश्वभर के युवा व लोग आगे आए और जलवायु परिवर्तन पर ठोस नियम बनाने के लिए अपने अपने देशों की सरकार से आह्वान किया व लोगों को प्रकृति में हस्तक्षेप ना करने के लिए प्रेरित वह जागरूक किया।

कहा कि हमें शून्य उत्सर्जन पद्धति को जल्द से जल्द अपनाना होगा, क्योंकि आज भारत उन देशों में शीर्ष पर है जो सर्वाधिक उत्सर्जन कर पर्यावरण में जहर घोल रहे हैं, जिसकी वजह से जलवायु में परिवर्तन हो रहा है और वातावरण में गर्माहट आ रही है इसी की वजह से बड़े-बड़े हिमखंड पिघल रहे हैं समुद्र का स्तर बढ़ रहा है और समुद्र किनारे बसे देश व शहरों में बाढ़ का खतरा पनप रहा है। इस सब से निपटने के लिए युवाओं का आगे आना अति आवश्यक है। इसलिए सरकार पर दबाव बनाने के लिए कि वह जलवायु परिवर्तन के प्रति गंभीर हो और इस पर ऐसे कानून बनाया जाए जिससे कि लोग पर्यावरण को हानि ना पहुंचाएं के लिए यह हड़ताल की गई।

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