मेरठ: अब हर एक व्यक्ति का भवन, प्लॉट नगर निगम के निशाने पर

Rakesh Priyadarshi हिन्दुस्तान, मेरठ
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Meerut News - गृहकर के करोड़ों की वसूली के लिए नगर निगम की एक बड़ी तैयारी है। अब

मेरठ: अब हर एक व्यक्ति का भवन, प्लॉट नगर निगम के निशाने पर

गृहकर के करोड़ों की वसूली के लिए नगर निगम की एक बड़ी तैयारी है। अब सॉफ्टवेयर की नजर में शहर का हर मकान और प्लॉट होगा। घर बैठे ही गृहकर का आकलन और फोटो से पहचान होगी। यदि आपने गृहकर का भुगतान नहीं किया है तो लाल रंग से वह भवन चिह्नित होगा। नगर आयुक्त सौरभ गंगवार का कहना है कि साफ्टवेयर बनाया गया है। अभी ट्रायल की प्रक्रिया में है। नगर निगम अब शहर के सभी 90 वार्डों के हर कोने पर अपनी पैनी नजर रखने जा रहा है। अब कोई भी भवन या खाली प्लॉट नगर निगम की नजरों से बच नहीं पाएगा।

प्रशासन ने एक ऐसा विशेष सॉफ्टवेयर तैयार कराया है, जो शहर के हर निर्माण और खाली जमीन का पूरा ब्योरा अपने पास रखेगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य गृहकर की वसूली में पारदर्शिता लाना और कर चोरी पर लगाम लगाना है। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार सॉफ्टवेयर का परीक्षण अंतिम चरण में है। जल्द ही गृहकर से संबंधित सभी काम इसी नए प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट कर दिए जाएंगे। इस तकनीक के आने से टैक्स असेसमेंट की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो जाएगी। अब मौके पर जाकर विवाद करने या गलत जानकारी देने की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।फोटो देखकर तय होगा टैक्स​इस नए सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें हर मकान और प्लॉट की नवीनतम फोटो उपलब्ध होगी। जब भी गृहकर का निर्धारण या बदलाव किया जाएगा, तो सॉफ्टवेयर में मौजूद उस संपत्ति की फोटो को प्रमाण के तौर पर दिखाया जाएगा। इससे न केवल कर्मचारियों, अधिकारियों की मनमानी पर रोक लगेगी, बल्कि जनता को भी यह स्पष्ट रहेगा कि उनकी किस संपत्ति पर कितना टैक्स लिया जा रहा है। ​नगर निगम की इस सख्ती से जहां राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद है, वहीं शहर के नियोजन को भी एक नई दिशा मिलेगी।

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Rakesh Priyadarshi

लेखक के बारे में

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शॉर्ट बायो :

राकेश प्रियदर्शी पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान में सेना और कैंट बोर्ड बीट को देख रहे हैं।


परिचय एवं अनुभव

राकेश प्रियदर्शी मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं जिन्हें पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में पश्चिम उत्तर प्रदेश, मेरठ में सेना और कैंट बोर्ड टीम की लीड करते हैं। 2008 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया में कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।


कॅरियर का सफर

राकेश प्रियदर्शी ने अपने कॅरियर की शुरुआत 2000 में हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख अखबार से की जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2007 से 2008 तक दैनिक जागरण में डिजिटल के साथ काम किया। 2008 से हिन्दुस्तान में शुरुआत की। यहां उन्होंने सेना, कैंट बोर्ड की खबरों की विशेष कवरेज की।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

बीए (आनर्स) और मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा होने के साथ पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। लगातार सेना, कैंट बोर्ड और राजनीति, प्रशासनिक खबरों को कवर कर रहे हैं। राजनीति, प्रशासन, सेना और कैंट बोर्ड बीट पर अच्छी पकड़ है।


विजन

सेना और कैंट बोर्ड के विषयों पर गहरी समझ है। उनका मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है। इस लक्ष्य के साथ ही पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।


विशेषज्ञता

मेरठ समेत वेस्ट यूपी की राजनीति पर अच्छी समझ
प्रशासनिक गतिविधियों पर अच्छी पकड़
सेना और कैंट बोर्ड की गतिविधियों की एक्सप्लेनर रिपोर्टिंग।

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