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शिक्षक मेडिकल पर, कॉलेज ने काट दी सेलरी

चौ.चरण सिंह यूनिवर्सिटी की मुख्य परीक्षा में रजिस्ट्रार के निर्देशों पर वरिष्ठ केंद्र अधीक्षक के तौर पर ड्यूटी दे रहे और मेडिकल अवकाश गए टीचर की मेरठ कॉलेज ने सेलरी काट दी। प्रमाण देने के बावजूद कॉलेज ने दोनों शिक्षकों की सेलरी काटते हुए बिल क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को भिजवा दिए। शिक्षकों के प्रत्यावेदन पर जांच के बाद क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने प्राचार्या के आदेशों को निरस्त करते हुए सेलरी जोड़ने के निर्देश दिए हैं। मेक्टा ने प्राचार्या को उक्त निर्णय पर चेताते हुए धरने का ऐलान किया है। कॉलेज की इस गलती से सभी शिक्षकों की मार्च की सेलरी अटकी हुई है।

मामला केमेस्ट्री के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.बीपी यादव और गणित से डॉ.नरोत्तम कुमार का है। डॉ.यादव सीएमओ के मेडिकल एवं फिटनेस प्रमाण पत्र के आधार पर मेडिकल अवकाश पर हैं जबकि डॉ.नरोत्तम रजिस्ट्रार के निर्देशों पर स्वामी कल्याण देव कॉलेज में वरिष्ठ केंद्र अधीक्षक का काम कर रहे हैं। डॉ.नरोत्तम ने परीक्षा कार्य में ड्यूटी होने के प्रमाण भी कॉलेज में दिए, लेकिन इन दोनों शिक्षकों की सेल्ररी काट दी गई। शिक्षकों ने प्राचार्या से मिलकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। बुधवार को क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ.राजीव कुमार गुप्ता ने प्राचार्या के आदेशों को निरस्त करते हुए दोनों शिक्षकों के सेलरी बिल पास करने के आदेश दिए। वहीं, मेक्टा सेक्रेटरी डॉ.अजय चौधरी और अध्यक्ष डॉ.एबी चंद्रमौली ने देर शाम प्राचार्या से मिलकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। मेक्टा ने कहा कि मेडिकल लीव और परीक्षा ड्यूटी दे रहे शिक्षकों का वेतन क्यों काटा गया। मेक्टा ने प्राचार्या पर मनमानी के आरोप लगाते हुए जल्द ही दफ्तर में धरना देने का ऐलान किया है। डॉ.चौधरी के अनुसार यदि प्राचार्या कार्यशैली में सुधार नहीं करती तो पूरी मेक्टा अनशन करेगी।

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  • Web Title:meerut college