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16 जनवरी, 2021|9:12|IST

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मेरठ: गंगा स्नान और दीपदान पर रोक ने बढ़ा दी लोगों की परेशानी

मेरठ: गंगा स्नान और दीपदान पर रोक ने बढ़ा दी लोगों की परेशानी

कोरोना के चलते गंगा स्नान पर लगने वाले मेले इस बार नहीं लग रहे। सरकार की ओर से जारी निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने मखदुमपुर में लगने वाले मेले को रद्द कर दिया, वही गढ़मुक्तेश्वर में भी प्रतिबंध है। ऐसे में दीपदान करने वाले लोग परेशान हैं।

मृतकों की आत्मा शांति को होता है दीपदान

गगोल तीर्थ के शिवदास महाराज बताते हैं कि मृतकों की आत्मा की शांति हेतु दीपदान कर्म किया जाता है। वह बताते हैं कि महाभारत युद्ध के बाद पांडवों का हृदय विचलित हो गया था। अनेक लोगों की मौत के बाद वह ग्लानि से भर गए थे। इस पर भगवान श्री कृष्ण पांडवों से गंगा नदी के किनारे पिंड दान व दीपदान कराया था। पंडित श्रीकांत शर्मा कहते हैं कि गंगा या नदी के किनारे ही दीपदान करना कल्याणकारी माना गया है।

कैसे मिलेगी शांति, छटपटा रहे लोग

इस बार कोविड-19 के चलते अनेक लोगों ने अपने सगे संबंधी, परिचित, रिश्ते नाते दारों को हमेशा के लिए खो दिया। गमगीन परिवार अब इनकी आत्मा शांति हेतु दीपदान की तैयारी कर रहे थे। लेकिन गंगा स्नान वह किसी भी आयोजन की अनुमति ना होने के चलते इन लोगों की परेशानी बढ़ गई है। विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठन गाइडलाइन के अनुसार दीपदान को अनुमति देने की मांग कर रहे हैं।

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  • Web Title:Meerut Ban on Ganges bathing and lamp donation increases people 39 s problems