meating of the up board exam - बोर्ड परीक्षाओं की समस्या के लिए बनेगा व्हाटसअप DA Image

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बोर्ड परीक्षाओं की समस्या के लिए बनेगा व्हाटसअप

यूपी बोर्ड परीक्षा वर्ष 2018 में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए नए डीएम ने आते ही संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक ली। बैठक में डीआईओएस, सेक्टर मजिस्ट्रेट भी शामिल रहे।

डीएम ने परीक्षा को नकलविहीन कराने के लिए जोर दिया। उन्होंने सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए हैं कि वह परीक्षा केंद्रों पर जाकर भ्रमण करें और परीक्षा से पहले ही समस्या का निस्तारण करें। वहीं, सभी परीक्षा केंद्रों पर कैमरे लगे हैं या नही, यह भी चेक कर लें। इसके अलावा संवेदनशील परीक्षा केंद्रों को चिह्नित कर वहां विशेष व्यवस्था रखें, ताकि वहां पर पारदर्शिता के साथ नकलविहीन परीक्षा हो। उन्होंने व्हाट्सअप ग्रुप बनाकर उसमें सभी संबंधित अधिकारियों को जोड़ने और उन्हें समय-समय पर निर्देश देने के भी निर्देश दिए। उन्होंने लड़कियों के परीक्षा केंद्र पर महिला पुलिस बल की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए। साथ ही बैठक में संवेदनशील केंद्रों पर सख्त निगरानी रखने को कहा है।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आर्यका अखौरी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन सत्य प्रकाश पटेल, नगर मुकेश चंद्र, एसडीएम सदर निशा अनंत, मवाना अंकुर श्रीवास्तव सरधना राकेश सिंह, एसीएम अरविंद सिंह, गुलशन, अमिताभ यादव, संतोष बहादुर सिंह समस्त तहसीलदार और जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट तथा शिक्षा विभाग के अधिकारी रहे।

प्रवेश पत्र में गलतियों को सुधार कर सूचना दें

यूपी बोर्ड परीक्षा वर्ष 2018 में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में सम्मिलित कराने के लिए विद्यालय द्वारा प्रवेश पत्र आनलाइन उपलब्ध कराए गए हैं। ऑनलाइन विवरण के आधार पर ही परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र मुद्रित कराए गए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक व प्रधानाचार्यों द्वारा सूचनाएं दी जा रही हैं कि परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र में जेंडर कोड त्रुटिपूर्ण मुद्रित होने के कारण उन्हें परीक्षा केंद्रों पर सम्मिलित कराने में कठिनाई हो रही है। इस संबंध में प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि जिन परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र में जेंडर कोड और विषय त्रुटिपूर्ण अंकित हो गया है, उन्हें प्रवेश पत्र पर संशोधित कराते हुए निर्धारित परीक्षा केंद्र पर सम्मिलित कराया जाए। किसी भी दशा में त्रुटिपूर्ण जेंडर कोड के आधार पर परीक्षार्थियों को परीक्षा में सम्मिलित न कराया जाए। इसके अलावा विद्यालय द्वारा किए गए संशोधनों की सूचना अपने संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को उपलब्ध करा दें, ताकि उनके मूल डाटा में कंप्यूटर फर्म से संशोधन कराया जा सके।

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