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बकाया गन्ना मूल्य को लेकर गरजे सपाई

बकाया गन्ना मूल्य को लेकर गरजे सपाई

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के निर्देश पर मवाना गन्ना समिति में रविवार को पूर्व मंत्री प्रभुदयाल वाल्मीकि के नेतृत्व में किसानों के करोड़ों रुपये के गन्ना भुगतान के मुद्दे को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। धरने पर भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की गई। तीन घंटे से अधिक समय तक धरना प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान भारी पुलिस फोर्स के साथ एसडीएम व सीओ मौके पर मौजूद रहे।

किसानों का मिलों पर गन्ना मूल्य बकाये का भुगतान को लेकर पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक प्रभुदयाल वाल्मीकि के नेतृत्व में विधान सभा क्षेत्र अध्यक्ष सचिन गुर्जर ने रविवार को गन्ना समिति मवाना कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया। धरने की अध्यक्षता पूर्व जिलाध्यक्ष उदयवीर सिंह ने व संचालन डायरेक्टर गन्ना समिति ओमकार ने किया। धरने पर प्रभुदयाल वाल्मीकि ने कहा कि भाजपा सरकार हिंदू-मुस्लिम की राजनीति कर सत्ता में आई है। किसानों का 229 करोड़ रुपये मवाना शुगर मिल पर बकाया है, जिसका भुगतान करने को मिल तैयार नहीं है। भाजपा ने कर्जा माफी के नाम पर किसानों से ठगी की है। सरकार ने जुलाई माह के अंतिम समय तक भी स्कूलों में बच्चों को किताबे नहीं भेजी है, तो किसानों को गन्ना भुगतान दिलाना तो दूर की बात है। सपा नेता अतुल प्रधान ने कहा कि भाजपा की ठगी से किसानों में आक्रोश है । आने वाले 2019 में किसान भाजपा को अपनी ताकत दिखायेंगे। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान ने कार्यकर्ताओं से मिशन 2019 में जुटने का आह्वान किया। मोहम्मद इलियास कुरैशी, किसान मोर्चा अध्यक्ष उधम सिंह, किशोर बाल्मीकि, सुबोध गुर्जर, शादाब अक्तर, मोनू पंवार, संदीप मावी, आदेश प्रधान ने भी अपने विचार रखे। तीन घंटे गन्ना समिति में धरन प्रदर्शन चला। इस मौके पर अमित पंवार, सुबोध गुर्जर, सचिन गुजर्र, गुडडू यादव, सुधीर कामिल, आकाश कामिल, बबलू, नदीम, दीपक गिरि, जाहिद, नईम मलिक, वसीम, आदेश प्रधान, तखावली प्रधान जयवीर सिंह, शादाब अक्तर, राजकुमार दूधली, अरशद, कंबर जैदी, राजदीप, विकल, उधम सिंह भैंसी, अंशुल फफंुडा, इलियास कुरैशी, अमित पंवार आदि मौजूद रहे। मिल में घुसने से रोकने के विरोध में सपाइयों ने दी गिरफ्तारी फोटो मवाना। मवाना गन्ना समिति कार्यालय में रविवार को पूर्व मंत्री प्रभुदयाल वाल्मीकि के नेतृत्व में प्रदर्शन व धरने के बाद सपा नेता अतुल प्रधान समर्थकों के साथ मिल गेट पर पहुंचे, जहां तैनात पुलिस फोर्स ने उन्हें रोक दिया। सपाइयों ने मिल में जाने की जिद की, तो कार्यकर्ता, एसडीएम अंकुर श्रीवास्वत व सीओ यूएन मिश्रा आमने सामने आ गए। घंटों चली खींचातानी और नोकझोंक के बाद 60 कार्यकर्ताओं ने पुलिस को गिरफ्तारी दी। उसके बाद कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा जिसमें 15 हजार करोड़ गन्ने का भुगतान कराने, 14 दिन में भुगतान न होने पर ब्याज समेत गन्ना भुगतान कराने, भारत सरकार द्वारा 275 रुपये प्रति कुंतल उचित एवं लाभकारी मूल्य एफआरपी दर में वृद्धि करने की मांग की।गन्ना विभाग के अफसरों के न पहुंचने पर सपाइयों में नाराजगीमवाना। एसडीएम को ज्ञापन सौंपने के बाद अतुल प्रधान ने एसडीएम को बताया कि गन्ने के मुद्दे को लेकर धरना प्रर्दशन था , लेकिन कोई भी गन्ना विभाग का अधिकारी व मिल अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा जिससे कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई।

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