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23 नवंबर, 2020|3:15|IST

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मखदूमपुर गंगा मेला समेत बूढ़ी गंगा व जैन मंदिरों भी नही लगेगा मेला

मखदूमपुर गंगा मेला समेत बूढ़ी गंगा व जैन मंदिरों भी नही लगेगा मेला

हस्तिनापुर। संवाददाता

कोविड-19 के चलते कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर मखदूमपुर गंगा घाट, जैन मंदिर और बूढ़ी गंगा मेले का आयोजन नहीं होगा। इस संबंध में एसडीएम मवाना और पुलिस क्षेत्राधिकारी ने थाने पर जैन मंदिरों के प्रबंधकों की बैठक की और सभी को मेला आयोजित न करने की सलाह दी।

प्रत्येक वर्ष मखदूमपुर गंगा घाट पर विशाल मेला लगता है जिसमें लाखों श्रद्धालु गंगा घाट पर पहुंचकर अपना डेरा जमाते हैं। कई दिनों तक गंगा किनारे तंबुओं की नगरी बसी रहती थी। कार्तिक पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर हजारों लोग पितरों की आत्मा की शांति के लिए दीपदान और पिंडदान करने के लिए भी पहुंचते हैं परंतु इस बार कोरोना के चलते मेला आयोजित नहीं होगा और गंगा घाट सूना रहेगा। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने दीपदान करने वाले लोगों से भी घरों में ही पूजा-अर्चना कर अपने पितरों की आत्मा की शांति की कामना करने को कहा है। इस संबंध में जिला पंचायत अध्यक्ष ने भी शनिवार को प्रेस नोट जारी कर मेला न आयोजित होने की बात कही थी। रविवार को एसडीएम मवाना कमलेश गोयल और सीओ मवाना उदय प्रताप सिंह थाने पहुंचे और जैन मंदिरों प्रबंधकों के साथ बैठक की। एसडीएम ने कहा कि किसी भी हाल में मेले का आयोजन नहीं होगा। इस पर सभी प्रबंधकों ने सहमति जताई। सीओ ने कहा कि प्वाइंट चिह्नित कर वहां पुलिस तैनात की जाएगी और किसी भी श्रद्धालु को गंगा किनारे तक नहीं पहुंचने दिया जाएगा। इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की गई है। बैठक में मुकेश जैन, तेजपाल सिंह, उमेश जैन आदि रहे।

टूटेगी दशकों पुरानी परंपरा

मखदूमपुर गंगा घाट पर वर्ष 1929 से कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर मेला आयोजित होता आ रहा था। इस वर्ष कोरोना महामारी के चलते यह परंपरा भी टूट जाएगी और पहली बार कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गंगा घाट सूने रहेंगे।

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  • Web Title:Makhdoompur Ganga Fair including old Ganga and Jain temples will also not be held