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23 नवंबर, 2020|3:16|IST

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30 को उपछाया चंद्र ग्रहण, नहीं लगेगा सूतक

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मेरठ। कार्यालय संवाददाता

ज्योतिष के अनुसार ग्रहण का सीधा असर सभी जातकों पर पड़ता है। विभिन्न राशियों के जातकों पर चंद्रग्रहण या सूर्य ग्रहण का असर भी अलग-अलग होता है। 30 नवंबर को पड़ रहे उपछाया चंद्र ग्रहण को ज्योतिषविद ग्रहण नहीं मानते बल्कि इसे नैसर्गिक खगोलीय घटना माना जाता है।

कंकरखेड़ा बड़ा हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित विनोद त्रिपाठी बताते हैं कि जब राहु ग्रसित करता है तभी ग्रहण होता है। 30 नवंबर को पूर्णमासी पर उपछाया चंद्रग्रहण है जिसे ग्रहण नहीं माना जाता। वह कहते हैं कि यह एक नैसर्गिक खगोलीय घटना है जिसमें चंद्रमा की छाया पड़ती है। ऐसे में इसका कोई प्रभाव नहीं होता। सुपरटेक स्थित विश्वनाथ महादेव मंदिर के पुजारी पंडित श्रीकांत शर्मा कहते हैं कि उपछाया चंद्रग्रहण अर्जेंटीना, फिलीपींस, रोमानिया, कतर, बुलगारिया, मोरक्को आदि में दिखाई देगा। देश में इसका ना तो कोई प्रभाव होगा और ना ही कोई महत्व।

ज्योतिष विद विभोर इंदु सुत कहते हैं कि वृषभ राशि और रोहिणी नक्षत्र में उपचाया चंद्रग्रहण होगा, जिसका कोई असर नहीं होगा। ज्योतिषाचार्य व पुजारियों का कहना है कि 10 जनवरी, 5 जून व 5 जुलाई को भी उपछाया चंद्रग्रहण था। ऐसे में न तो कोई सूतक ही लगेगा और न ही किसी प्रकार के शुद्धिकरण आदि की आवश्यकता होगी। साल का अंतिम सूर्य ग्रहण 14 दिसंबर को होगा।

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  • Web Title:Lunar eclipse on 30th will not take thread