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16 हजार 322 ने छोड़ी परीक्षा, केंद्र रहे खाली खाली

16 हजार 322 ने छोड़ी परीक्षा, केंद्र रहे खाली खाली

राजकीय इंटर कॉलेजों में एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा रविवार को मेरठ में 76 केंद्रों पर हुई। इसमें आलम यह रहा है कि सिर्फ आधे अभ्यर्थी ही शामिल रहे। परीक्षा केंद्र दूर होने के कारण कई की परीक्षा छूट गई। आंकड़ों पर नजर डाले तो 35 हजार अभ्यर्थियों की परीक्षा थी जिसमें से 16 हजार 322 ने परीक्षा छोड़ दी। 18 हजार 678 ने परीक्षा दी। वहीं, अधिकारियों के मुताबिक परीक्षा शांतिपूर्ण निपट गई।

रविवार को आयोजित हुई परीक्षा के लिए जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी कर रखी थी। लेकिन जब परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की संख्या पर नजर डाली गई, तो हैरानी थी। कुछ केंद्रों में कक्षा में पांच से छह अभ्यर्थी ही नजर आए। मेरठ में प्रदेशभर से गृहविज्ञान की छात्राओं का केंद्र बनाया गया। इसलिए महिला और लड़कियों की ही संख्या रही। इस दौरान दूर-दराज परीक्षा केंद्र होने के कारण अधिकांश अभ्यर्थी पेपर देने नहीं आईं तो वहीं कुछ परीक्षा केंद्रों पर देरी से पहुंची तो उनकी परीक्षा छूट गई। ज्यादा देर होने के कारण उन्हें केंद्रों में प्रवेश नहीं दिया गया। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों से मिन्नतें भी कीं, लेकिन अंदर नहीं जाने दिया।

पेपर छूटने का दुख केंद्रव्यवस्थापकों ने भी जताया

केके इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. वीर बहादुर सिंह ने बताया कि परीक्षा में बहुत परीक्षार्थी आए ही नहीं और कुछ देरी से पहुंचे। देरी से पहुंचने वाले अभ्यर्थियों के लिए दुख भी हुआ, क्योंकि वे सभी बहुत दूर से आईं थी और कुछ के साथ छोटे बच्चे भी थे। नियमों को देखते हुए प्रवेश नहीं दिया गया।

नहीं मिला प्रवेश, तो निकले आंसू

अभ्यर्थियों को जब प्रवेश नहीं मिला, तो उनके आंसू निकल गए। आरजी इंटर, केके इंटर कॉलेज आदि जगहों पर अभ्यर्थियों को मायूस और रोते हुए भी देखा गया।

ई-रिक्शा और टेंपो वालों ने खुलकर मांगे रुपये

दूर-दराज से आने वाले अभ्यर्थियों के लिए मेरठ शहर अंजाना था। परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के लिए जो भी वाहन मिला और जिसने जितने रुपये मांगे उतने दिए गए। 200, 300 और 500 रुपये तक भी मांगे गए।

कन्फयूज भी हुए अभ्यर्थी

परीक्षा केंद्रों को ढूंढने में परीक्षार्थी परेशान भी हुए। मोदीनगर, मुरादनगर को लेकर अभ्यर्थियों को बहुत दिक्क्त आई। कुछ को तो पता ही नहीं चला।

पानी भरा था तो ऊपर के कमरों में शिफ्ट किए परीक्षार्थी

केके इंटर कॉलेज में पानी भरा हुआ था। कक्षाओं से पानी कम तो हुआ है, लेकिन निकला नहीं। इसलिए प्रधानाचार्य ने अधिकारियों के संज्ञान में डालते हुए परीक्षार्थियों को ऊपर के कमरों में शिफ्ट कराया।

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