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कॉलेजों में छुट्टियां ज्‍यादा, पढ़ाई हुई कम

कॉलेजों में छुट्टियां ज्‍यादा, पढ़ाई हुई कम

मेरठ-सहारनपुर मंडल में चौ.चरण सिंह यूनिवर्सिटी के कॉलेजों में सत्र 17-18 में छुट्टियां ज्यादा और पढ़ाई कम हुई। शैक्षिक सत्र के आधे से ज्यादा दिन केवल छुट्टियों में बीत गए। सेमेस्टर में भी छात्रों को पढ़ाई के पूरे दिन नहीं मिले। छात्रसंघ चुनाव, बैक परीक्षा, विंटर ब्रेक और त्योहारों की छुट्टियों में कॉलेज बंद रहे। छुट्टियों के इस चक्रव्यूह में कॉलेजों में निर्धारित कार्यदिवस पूरे ही नहीं हो पाए। यानी छात्रों को क्लास के बजाय खुद पढ़ना पड़ रहा है।

यूनिवर्सिटी में मानकों के हिसाब से 180 कार्यदिवस पढ़ाई के होने चाहिए। सेमेस्टर के लिए यह संख्या 90 दिन है। यानी इतने दिन हर हाल में क्लास चलनी ही चाहिए, लेकिन उच्च शिक्षा में पढ़ाई की यह उलट तस्वीर है। यूनिवर्सिटी में 28 फरवरी से मुख्य परीक्षाएं हैं। फिलहाल नौ जनवरी से सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही हैं। बावजूद इसके सेमेस्टर और वार्षिक में किसी भी स्थिति में पढ़ाई के निर्धारित कार्यदिवस पूरे नहीं होंगे। साफ है कॉलेजों में छात्र केवल प्रवेश के बाद परीक्षाएं दे रहे हैं।

छुट्टियों में इस तरह उलझे कॉलेज-छात्र

कॉलेजों में ट्रेडिशनल कोर्स में 23 अगस्त से सत्र शुरू हुआ। 13 जनवरी तक कॉलेज 69 दिन बंद रहे। इसमें 12 दिन का विंटर ब्रेक, 13 दिन त्योहार, 20 दिन बैक परीक्षा, छात्रसंघ चुनाव और 20 रविवार की छुट्टियां शामिल हैं। 28 फरवरी से यूनिवर्सिटी की मुख्य परीक्षाएं हैं। इससे पहले कॉलेजों में 24 दिन क्लास नहीं चल सकेंगी। फिलहाल सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही हैं। आठ छुट्टी रविवार और त्योहारों की होंगी। कुल मिलाकर 23 अगस्त से 27 फरवरी तक के 189 दिनों में 93 दिन छुट्टियों के निकल जाएंगे। यानी कॉलेजों में मात्र 96 दिन ही पढ़ाई के मिल पाए जबकि क्लास 180 दिन चलनी चाहिए। नौ जनवरी तक सेमेस्टर परीक्षाओं में कॉलेजों को कुल 131 दिन मिले, लेकिन इसमें 89 दिन छुट्टियां रहीं। ऐसे में सेमेस्टर के 90 कार्यदिवसों में से 62 दिन ही कॉलेज खुल सके। साफ है कॉलेजों में छुट्टियां ज्यादा रहीं और पढ़ाई कम हुई।

कक्षाओं में नहीं पहुंचते छात्र भी

छुट्टियों के बाद जितने दिन कॉलेज खुले, उसमें अधिकांश छात्र क्लास नहीं पहुंचे। कॉलेजों के अनुसार कक्षा में प्रवेशित छात्रों में से 20 फीसदी छात्र भी क्लास में नहीं पहुंचते। आर्ट्स स्ट्रीम के कोर्स में हालात और खराब है। कई कोर्स ऐसे भी हैं जहां छात्र तो आते हैं, लेकिन शिक्षक समय पर नहीं पहुंचते। ऐसे में कॉलेजों में छात्रों को ना तो पूरी क्लास मिल रही है और ना ही पढ़ने के पूरे दिन।

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  • Web Title:leave more study less in colleges