धरनारत अधिवक्ताओं से मिले विधायक अतुल प्रधान
सर्द्धना बार एसोसिएशन के वकील और दस्तावेज लेखकों ने ई-पंजीकरण और निजीकरण आदेशों के खिलाफ तहसील परिसर में 10 दिनों से धरना दिया है। विधायक अतुल प्रधान ने इस मुद्दे को सदन में उठाने का आश्वासन दिया। वकीलों का कहना है कि यह नीति उनके और आम जनता के हितों को प्रभावित करेगी।

ई-पंजीकरण और निजीकरण संबंधी आदेशों के विरोध में तहसील परिसर में धरना देर रहे सरधना बार एसोसिएशन के अधिवक्ता और दस्तावेज लेखको से मंगलवार को विधायक अतुल प्रधान मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि वे इस मुददे को सदन में उठाएंगे। बता दें, कि पिछले 10 दिनों से तहसील परिसर स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में अधिवक्ताओं व दस्तावेज लेखकों का धरना प्रदर्शन चल रहा है। अधिवक्ताओं का कहना है कि ई-पंजीकरण और निजीकरण की व्यवस्था से आम लोगों के साथ-साथ अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों के हित प्रभावित होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की यह नीति पारंपरिक व्यवस्था को समाप्त करने का प्रयास है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होने विधायक अतुल प्रधान से सहयोग की अपील की। विधायक अतुल प्रधान ने इस मामले को सदन में मजबूती से उठाने की बात कही। इस मौके पर बार अध्यक्ष आरिफ अली, संजीव पंवार, मोहम्मददीन, शबाना मलिक और एडवोकेट पोयम चंदेल, दस्तावेज लेखक एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश गुप्ता, सचिव छोटन लाल जैन, रामप्रसाद, राजकमल, प्रदीप त्यागी, राजेंद्र सैनी, संजय शर्मा, कैलाश पाल और सुरेंद्र शर्मा समेत अन्य सदस्य मौजूद थे।


