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किठौर डबल मर्डर : तीन दिन की दौड़धूप के बाद कातिलों के करीब पहुंची पुलिस, जल्द होगा खुलासा

हिन्दुस्तान टीम,मेरठPublished By: Newswrap
Wed, 01 Sep 2021 04:02 AM
किठौर डबल मर्डर : तीन दिन की दौड़धूप के बाद कातिलों के करीब पहुंची पुलिस, जल्द होगा खुलासा

किठौर। संवाददाता

किठौर में दो किशोरों की हत्या के मामले में खुलासे को लगी छह टीमों और पुलिस अफसरों को माथापच्ची के बाद सफलता की उम्मीद जगी है। यह घटना पूर्व नियोजित नहीं बल्कि इसमें निकट संबंधी की संलिप्तता की संभावना है। मंगलवार को एसपी देहात व सीओ ने खुलासे में लगी टीमों के साथ एक बार फिर घटनास्थल का निरीक्षण किया। आसपास के जंगल की खाक छानते हुए सर्विलांस टीम को फतेहपुर से ईसापुर मोड़ तक दौड़ाया गया। एक टीम बुलंदशहर के गुलावठी भेजी गई। दो टीमों ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालीं। दो दिन में निकलवाई गईं तमाम मोबाइल नंबरों की सीडीआर का विश्लेषण किया गया। पुलिस सूत्रों का दावा है कि घटना का शीघ्र खुलासा कर दिया जाएगा।

शाहजहांपुर निवासी किशोर सादिक और अमन की हत्या के खुलासे के लिए एसपी देहात केशव कुमार और सीओ ब्रिजेश सिंह ने मंगलवार को एसओजी, सर्विलांस, क्राइम ब्रांच और किठौर पुलिस की चार टीमों के साथ एक बार फिर घटनास्थल का निरीक्षण किया। एसपी देहात ने सर्विलांस टीम को फतेहपुर से ईसापुर तक दौड़ाया। मृतकों के परिजनों व संदिग्धों से पूछताछ के दौरान प्राप्त मोबाइल नंबरों की सीडीआर निकलवाई। इसके बाद एक टीम को गुलावठी कोतवाली भेजा गया। कुछ महीने पूर्व वहां ऐसा गैंग पकड़ा गया था जो ई-रिक्शा चोरी या लूटकर उसको कटवा और उनके बैटरे बेचता था।

इंस्पेक्टर किठौर के साथ लगी टीमों ने आसपास सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालीं जिनमें गाजियाबाद नंबर के उक्त पिकअप या छोटा हाथी पर गौर किया गया, जिसमें ई-रिक्शा लादकर ले जाना बताया गया। पुलिस ने कई ई-रिक्शा चालकों से पूछताछ की। दूसरी टीम ने आसपास के थानों और दर्जनों गांवों में लोगों से मिलकर लावारिस ई-रिक्शा दिखने पर किठौर पुलिस को सूचित करने को कहा।

योजनाबद्ध नहीं अचानक हुई हत्या

पुलिस द्वारा अभी तक की गई जांच-पड़ताल के आधार पर माना जा रहा है कि प्लानिंग से दोहरे मर्डर को अंजाम नहीं दिया गया, यह आकिस्मक मर्डर है। इसमें निकट संबंधी की संलिप्तता की प्रबल संभावना है। तीन दिन की दौड़धूप के बाद पुलिस को काफी जानकारी मिल गई है।

सर्विलांस टीम को आ रही दिक्कत

सर्विलांस टीम पिछले तीन दिनों से घटनास्थल और आसपास के सैकड़ों नंबरों की सीडीआर निकाल चुकी है लेकिन फिर भी पुलिस कातिलों तक नहीं पहुंच पाई। इसकी वजह सीडीआर की बीटीएस में उन लोगों के नंबर भी आ रहे हैं जो किशोरों को तलाशने में शामिल थे। इसलिए बदमाशों के नंबरों का शीघ्र विश्लेषण नहीं हो पा रहा है। सूत्रों का कहना है कि हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर बदमाशों के स्कैच भी पुलिस जारी कर सकती है।

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