
कैसे उड़ता है रॉकेट, चंद्रयान कैसे पहुंचा आकाश, जानेंगे बच्चे
Meerut News - मेरठ के केएल इंटरनेशनल स्कूल में 12 से 14 दिसंबर तक इसरो की प्रदर्शनी होगी, जहां बच्चे रॉकेट, चंद्रयान और अंतरिक्ष विज्ञान के बारे में जानेंगे। इस प्रदर्शनी में 200 से अधिक स्कूलों के बच्चे शामिल होंगे और वैज्ञानिकों से सवाल पूछने का मौका मिलेगा। यह मेरठ में इसरो की पहली प्रदर्शनी है।
मेरठ। रॉकेट कैसे उड़ता है। चंद्रयान कैसे अंतरिक्ष में पहुंचा। पृथ्वी पर डाटा कैसे आता है। ये लॉन्चिंग पैड कैसे काम करता है। मन में उठते ऐसे ही सवालों का जवाब मेरठ स्थित केएल इंटरनेशनल स्कूल में इसरो की प्रदर्शनी में मिलने जा रहा है। 12 से 14 दिसंबर तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में इसरो के वैज्ञानिक परेश सरवैया और राहुल गर्ग सहित 10 वैज्ञानिकों की टीम मेरठ के स्कूलों के बच्चों को इन्हीं सवालों के जवाब देंगे। गुरुवार को हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में परेश सरवैया ने कहा कि विक्रम साराभाई स्पेस एग्जिबिशन में पूरे इसरो को समझा का सकेगा।

इसका उद्देश्य बच्चों के मन में अंतरिक्ष और इसके लिए काम कर रहे इसरो से जुड़े सवालों का जवाब देना है। प्रदर्शनी में मेरठ के दो सौ से अधिक स्कूलों के बच्चों को इसरो को देखने और समझने का मौका मिलेगा। केएल इंटरनेशनल के प्रिंसिपल सुधांशु शेखर के अनुसार प्रतिदिन स्कूल के लिए स्लॉट तय किए गए है। प्रत्येक स्कूल से 100 से 200 स्टूडेंट इस प्रदर्शनी में आ सकेंगे। प्रतिदिन तीन हजार बच्चे और परिजन इस प्रदर्शनी को देख सकेंगे। सुधांशु शेखर के अनुसार मेरठ में इसरो की यह प्रदर्शनी पहली बार होने जा रही है। वैज्ञानिक राहुल गर्ग के अनुसार प्रदर्शनी में बच्चों को वैज्ञानिकों की टीम से बात करने और सवाल पूछने का मौका भी मिलेगा। पहले स्तर पर प्रशिक्षित स्टूडेंट आगंतुक बच्चों के सवालों का जवाब देंगे। यही वे जवाब नहीं दे पाते तो वैज्ञानिक उसका जवाद देंगे। परेश सरवैया के अनुसार इस प्रदर्शनी में बच्चे इसरो की साइकिल से रॉकेट लें जाने से लेकर चंद्रयान तक के सफर को अपनी आंखों से देख सकेंगे।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




