लक्ष्य प्राप्ति को प्रतिज्ञा लो, रील्स छोड़कर परिवार संग जुड़ो :योगेंद्र

Apr 07, 2026 02:15 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मेरठ
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Meerut News - जीवन में लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रतिज्ञा और आत्मविश्वास आवश्यक हैं। परमवीर चक्र विजेता योगेंद्र सिंह यादव ने छात्रों को प्रेरित किया कि संकल्प से सफलता संभव है। उन्होंने स्किल एजुकेशन के महत्व पर भी जोर दिया और परिवार के समर्थन की जरूरत बताई, खासकर मोबाइल और सोशल मीडिया की लत से बचने के लिए।

लक्ष्य प्राप्ति को प्रतिज्ञा लो, रील्स छोड़कर परिवार संग जुड़ो :योगेंद्र

जीवन में लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रतिज्ञा और आत्मविश्वास सबसे बड़ी शक्ति है। यह प्रेरणादायक संदेश सोमवार को परमवीर चक्र योगेंद्र सिंह यादव ने शास्त्री नगर स्थित बालेराम ब्रजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में छात्रों को संबोधित करते हुए दिया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में एक प्रतिज्ञा जरुरी लेनी चाहिए, क्योंकि संकल्प ही सफलता की दिशा तय करता है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे योगेंद्र सिंह यादव का विद्यालय परिवार ने गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने भीष्म पितामह का उदाहरण देते हुए बताया कि दृढ़ प्रतिज्ञा इंसान को असंभव परिस्थितियों में भी अडिग बनाए रखती है।

जैसे भीष्म पितामह ने अपनी प्रतिज्ञा से अपनी इंद्रियों को वश में रखा और मृत्यु को भी बांध लिया था। मैंने भी कारगिल युद्ध में विजय प्राप्ति के लिए युद्ध मैदान में प्रतिज्ञा ली और 17 गोलियां लगने के बाद भी आज यहां आपके सामने खड़ा हूं। अभी तक आठ लाख युवाओं को देशभर में प्रेरित कर चुके हैं।स्किल एजुकेशन जरुरी, कक्षा छह से ही शुरु होउन्होंने छात्रों को स्किल एजुकेशन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि कक्षा 6 से 12 तक प्रत्येक स्कूल में व्यावहारिक शिक्षा दी जानी चाहिए, ताकि बच्चे शुरू से ही किसी क्षेत्र में दक्ष बन सकें।मोबाइल, रील्स लत से बचने को परिवार जरुरीउन्होंने युवाओं में बढ़ती मोबाइल और सोशल मीडिया की लत पर चिंता व्यक्त की और इसे एक प्रकार का नशा बताया। कहा कि इस आदत से बचाने के लिए माता-पिता को किशोरावस्था में बच्चों का मित्र बनना होगा। साथ ही उन्होंने परिवार के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि दादा-दादी और नाना-नानी से जुड़े रहने वाले बच्चे ही सही दिशा में आगे बढ़ते हैं।कारगिल की वीरगाथा सुनकर भावुक हुए छात्र-छात्राएंयोगेंद्र सिंह यादव कारगिल युद्ध के सबसे चर्चित नायकों में से एक हैं। मात्र 18 वर्ष की आयु में सेना में भर्ती होकर उन्होंने 18 ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में सेवा शुरू की। 3-4 जुलाई 1999 की रात टाइगर हिल पर कब्जे के दौरान उन्होंने घातक प्लाटून का नेतृत्व किया। भारी गोलाबारी के बीच 100 फुट ऊंची बर्फीली चट्टान पर चढ़ते हुए, कई गोलियां लगने के बावजूद उन्होंने दुश्मन के बंकर नष्ट किए। उनके साथियों के शहीद होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। उनकी अदम्य वीरता के लिए उन्हें भारत का सर्वोच्च वीरता सम्मान परमवीर चक्र प्रदान किया गया।प्रार्थना सभा में सम्मानित कियाबालेराम ब्रजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कारगिल युद्ध के नायक सूबेदार मेजर और आनरेरी कैप्टन योगेंद्र सिंह यादव को प्रार्थना सभा में सम्मानित किया। मंचासीन अतिथियों का परिचय प्रधानाचार्या सीमा गोयल ने कराया। मौके पर विद्यालय डायरेक्टर कृष्ण कुमार शर्मा, विद्यालय के प्रधान डॉ. विनोद कुमार अग्रवाल, स्वामी दिपकानंद, डॉ. सुधांशु अग्रवाल, डॉ. आशीष अग्रवाल, अंजली अग्रवाल, गीता अग्रवाल, सीमा श्रीवास्तव मौजूद रहे।

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