शासन में फंसी इनर रिंग रोड और बिजली बंबा बाईपास
शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए इनर रिंग रोड और बिजलीबंबा बाईपास के चौड़ीकरण की फाइल शासन में फंसी हुई है। 62 करोड़ रुपये नहीं मिलने और सिंचाई विभाग की एनओसी न मिलने के कारण काम रुका हुआ है। शताब्दीनगर में रैपिड स्टेशन के खुलने से वाहनों का लोड बढ़ गया है।

शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए बनाई जाने वाली इनर रिंग रोड और बिजलीबंबा बाईपास के चौड़ीकरण की फाइल शासन में फंसकर रह गई है। शासन से न तो इनर रिंग रोड की जमीन अधिग्रहण करने के लिए 62 करोड़ मिले हैं और न ही बिजली बंबा बाईपास चौड़ीकरण के लिए सिंचाई विभाग की एनओसी। नमो भारत ट्रेन का संचालन शहर से शुरू होने के बाद अब बिजलीबंबा बाईपास पर वाहनों का और भी अधिक लोड हो गया है। शहरवासी शताब्दीनगर स्थित रैपिड स्टेशन से नमो भारत ट्रेन पकड़ने के लिए बिजलीबंबा बाईपास का सहारा ले रहे हैं। मेरठ विकास प्राधिकरण अपनी शताब्दीनगर और वेदव्यासपुरी आवासीय योजना को कनेक्ट करने के लिए बिजली बंबा बाईपास से शताब्दीनगर होते हुए दिल्ली रोड और वेदव्यासपुरी होते हुए एनएच-58 को मिलाने वाली इनर रिंग रोड बनाने की तैयारी में जुटा हुआ है।
5.70 किलोमीटर लंबी इनर रिंग रोड बनाने और उसके लिए जमीन का अधिग्रहण करने के लिए 457 करोड़ की डीपीआर बनाई गई है। जमीन अधिग्रहण के लिए 100 करोड़ मेडा को देने है और 62 करोड़ शासन से मिलने हैं। रोड लोक निर्माण विभाग को बनानी है। शासन से अभी तक 62 करोड़ रुपये नहीं मिल हैं। इनर रिंग रोड का काम शुरू नहीं हो सका है, जबकि इसका टोटल स्टेशन सर्वे भी हो चुका है। वहीं लखनऊ ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर बिजली बंबा बाईपास को 24 मीटर चौड़ा किया जाना है। शासन ने इसके लिए पीपीपी मॉड पर बनाने की संभावना तलाशने के निर्देश दिए हुए हैं।पहले से सात मीटर चौड़ी बाईपास को 24 मीटर चौड़ा करने के लिए 17 मीटर चौड़ी जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। वहीं बाईपास किनारे स्थित बंबे (रजवाहे) को कलवर्ट में तब्दील करके इसे सड़क के रूप में इस्तेमाल करने की भी योजना है और इसके लिए सिंचाई विभाग से एनओसी मांगी गई है। छह महीने से फाइल शासन में ही पड़ी है। 62 करोड़ रुपये नहीं मिलने से इनर रिंग रोड और सिंचाई विभाग की एनओसी नहीं मिलने पर बिजली बंबा बाईपास का चौड़ीकरण कार्य अटका हुआ है।लखनऊ ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करना है बिजलीबंबा बाईपाससीएम योगी आदित्यनाथ ने 19 नवंबर 2025 को समीक्षा बैठक करते हुए बिजलीबंबा बाईपास को लखनऊ के ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर पीपीपी मॉडल पर बनाने की संभावना तलाशने को कहा था। इसके बाद मंडलायुक्त भानू चंद्र गोस्वामी ने मेडा वीसी संजय कुमार मीना को इस पर काम करने के निर्देश दिए थे।शताब्दीनगर में रैपिड स्टेशन बनने से बढ़ा वाहनों का लोडशताब्दीनगर में रैपिड स्टेशन बनने और 22 फरवरी से शुरू हुए नमो भारत ट्रेन के संचालन से बिजलीबंबा बाईपास पर वाहनों का लोड और ज्यादा हो गया है। पहले जहां रोजाना करीब 80 हजार वाहन आवागमन कर रहे थे अब करीब एक लाख वाहनों का आवागमन हो रहा है। भविष्य में वाहनों की संख्या और ज्यादा होगी। वाहनों की बढ़ती भीड़ से यहां अक्सर जाम लगा रहता है।वर्जन...बिजली बंबा बाईपास चौड़ीकरण और इनर रिंग रोड के लिए टीटीएस सर्वे पूरा हो चुका है। बिजलीबंबा बाईपास के लिए सिंचाई विभाग की एनओसी नहीं मिली है। वहीं इनर रिंग रोड के लिए शासन से 62 करोड़ रुपये मिलने हैं।- संजय कुमार मीना, वीसी मेडा
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