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4 दिसंबर, 2020|8:00|IST

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हिन्दुस्तान मिशन शक्ति : खिलाड़ी न बन सकीं मेरठ की अर्चना तो खेल उद्योग में बनाई पहचान

हिन्दुस्तान मिशन शक्ति : खिलाड़ी न बन सकीं मेरठ की अर्चना तो खेल उद्योग में बनाई पहचान

मेरठ। हिन्दुस्तान टीम

सुपरटेक पामग्रीन निवासी अर्चना सिंह ने जिंदगी के तमाम उतार-चढ़ाव में कभी हार नहीं मानी। बचपन से ही उनकी रुचि स्पोर्ट्स में थी लेकिन समाज ने उन्हें खेलने नहीं दिया। अपनी इच्छा को दबाए बैठीं अर्चना ने शादी के बाद अपनी बेटी को खेलने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही उन्होंने साल 2015 में स्पोर्ट्स गुड्स का ऑनलाइन कारोबार शुरू किया। अब उनके यहां कई श्रमिक काम करते हैं, जिनमें 20 प्रतिशत महिलाएं हैं।

अर्चना बताती हैं कि उन्होंने कभी अपने क्रिकेट के सपने को मरने नहीं दिया। शादी के बाद बेटी हुई तो उसे बचपन से ही खेल के लिए प्रोत्साहित करती थीं। वर्तमान में वह नेशनल प्लेयर है। इसके बाद उन्होंने स्पोर्ट्स एक्सपोर्ट के क्षेत्र में उतरने का निर्णय लिया। वर्ष 2015 में पांच लाख की लागत से उन्होंने ऑनलाइन स्पोर्ट्स कारोबार शुरू किया। उन्होंने लोन लेकर कारोबार को आगे बढ़ाया। शुरुआत में तो काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अब उनके साथ कई लोग काम कर रहे हैं और दो करोड़ का टर्नओवर है।

प्रोफाइल

अर्चना सिंह

निवासी-सुपरटेक

पेशा- स्पोर्ट्स गुड्स एक्सपोर्टर

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  • Web Title:Hindustan Mission Shakti Archana of Meerut could not become a player it became an identity in the sports industry