अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

हिन्दुस्तान मेरठ डायलॉग: महिलाएं आएं लीडरशिप रोल में, समाज बदले सोच

हिन्दुस्तान मेरठ डायलॉग

देश को सुपरपावर बनाना है तो महिलाओं को बराबरी का दर्जा देना होगा। एक इंसान को महिला और पुरुष में बांटकर देखने के बजाए उसकी क्षमताओं का शत प्रतिशत इस्तेमाल हो। महिलाएं लीडरशिप रोल में आएं तभी देश आगे बढ़ेगा। महिलाएं लामबंद और जागरूक हों और पुरुष परिवार के भीतर से ही बराबरी की शुरुआत करें तो समाज बदलेगा।

मेरठ के होटल कंट्री इन में आधी आबादी की आजादी का अर्थ विषय के अंतर्गत नारी सुरक्षा व सम्मान पर हुए हिन्दुस्तान मेरठ डायलॉग में तीन नामचीन शख्सियतों ने बेबाक राय रखी। अभिनेत्री रिचा चड्ढा ने कहा कि हम इतनी देवियों को पूजते हैं तो घर की देवियों को सम्मान दे बदलाव की शुरुआत क्यों नहीं कर सकते। औरतों के लिए नहीं कम से कम देश को आगे बढ़ाने को ही महिलाओं का सम्मान करें। बेटी पैदा होती है तो हम उसे किचेन सेट थमाते हैं। घर में लड़कों को घर के जरूरी काम तक नहीं सिखाते। आदमी और औरत दोनों का साथ तरक्की और समाज बदलने को जरूरी है। देश कभी सुपरपावर नहीं बन सकता अगर आधी आबादी हाशिए पर रहेगी। चीन की सफलता में औरतों का बड़ा हाथ है। उनकी बड़ी कंपनियों में औरतें ज्यादा हैं।

अपराध मनोवैज्ञानिक अनुजा कपूर ने कहा कि महिलाओं के प्रति अपराध केवल कानून बनाने से ही नहीं रुकेंगे। कानून का पालन भी सुनिश्चित हो। आरुषि मर्डर केस में इनवेस्टिगेशन एजेंसियां फेल हो गईं। जांच ठीक नहीं होगी तो न्याय कैसे मिलेगा, इसलिए पुलिस सुधार जरूरी है।

आईएएस बी. चंद्रकला ने कहा कि हाल के दिनों में लड़कियों की परफार्मेंस काबिले तारीफ है। जरूरत बेटियों को पढ़ाने और अवसर मुहैया कराने की है। दर्शकदीर्घा में मौजूद शहर के प्रबुद्धजनों ने पैनलिस्ट से सवाल पूछे और सोच में बदलाव लाने की इस शुरुआत को सराहा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Hindustan Meerut Dialogue Women come in Leadership Roll Social Change Thinking