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5 दिसंबर, 2020|2:22|IST

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हजरत इमाम हुसैन, शौहादये करबला को या हुसैन की सदाओं के बीच अलविदा कहा

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मेरठ। वरिष्ठ संवाददाता

काफला-ए-गम कमेटी की जानिब से रंजोगम के माहौल में मजलिसों का आयोजन हुआ। मजलिसों में हुसैनी सोगवारों ने अश्कबार आंखों से हजरत इमाम हुसैन व शौहादये करबला को या हुसैन की सदाओं के बीच अलविदा कहा। हुसैनी सोगवारों ने मुल्क और कौम की सलामती अमन और कोरोना से निजात के लिए दुआ मांगी।

छोटी करबला चौड़ा कुआं, मसंबिया घंटाघर, लोहियानगर स्थित इमाम बारगाह में तथा अनेक अजाखानों में मजलिस आयोजित की गई। मीडिया प्रभारी अली हैदर रिजवी ने बताया कि दो माह आठ दिन से शौहदाये करबला के गम में मजलिसों का दौर समाप्त हो गया। सेक्टर चार शास्त्रीनगर स्थित शाह जलाल हॉल में मजलिस शौहदाये करबला को सुप्रसिद्ध आलिम मौलाना अली हसनैन रिजवी ने खिताब किया। सौजख्वानी बाबर खां, अनवार अली ने, पेशख्वानी मुसर्रत अली ने की। मेहमान शायर तंजीर अंसार और शबी रिजवी ने सलाम ए अकीदत पेश किया। मजलिस के बाद रंजोगम के माहौल में शबीह ए ताबूत हजरत इमाम हुसैन, ताबूत इमाम हसन असकरी, झूला हजरत अली मुबारक के साये में हुसैनी सोगवारों ने मुल्क और कौम की सलामती अमन चैन और कोरोना से निजात के लिए दुआ मांगी। इस बार कोरोना के चलते जुलूस ए काफला ए गम का कार्यक्रम स्थगित कर दिया था। मजलिस के समापन पर अंजुमन फौज ए हुसैनी, जैदी फार्म के नोहेख्वान जावेद रजा, अयाय हुसैन ने अपने पुरसौज नौहों में हुसैनियत का पैगाम दिया। इस दौरान मौलाना वसीम अब्बास, मौलाना अमीर आलम, हाजी शमशाद अली जैदी, डॉ. हसन जैदी, नौशाल अली, कौसर रजा, सफवी, मुजफ्फर अली, हैदर अब्बास रिजवी, मुसर्रत अली समेत हुसैनी सोगवार सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए शामिल रहे।

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  • Web Title:Hazrat Imam Hussain goodbye to Karbala or say goodbye to Husain