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मेरठहाल-ए-मेडिकल : न बेड, न इलाज...खुद घसीटते हैं स्ट्रेचर-सिलेंडर

हिन्दुस्तान टीम,मेरठPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 04:00 AM
हाल-ए-मेडिकल : न बेड, न इलाज...खुद घसीटते हैं स्ट्रेचर-सिलेंडर

मेरठ। वरिष्ठ संवाददाता

वेस्ट यूपी के प्रमुख अस्पताल एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज मेरठ में कोविड और ब्लैक फंगस के 151 मरीज भर्ती हैं। अभी यहां 300 से ज्यादा बेड खाली हैं। बावजूद इसके नॉन कोविड मरीज बेड पाने के लिए भटक रहे हैं। उन्हें घंटों-घंटों इमरजेंसी वार्ड के बाहर एंबुलेंस, स्ट्रेचर का इंतजार करना पड़ रहा है।

इतनी बड़ी संख्या में बेड खाली होने के बावजूद हर रोज मेडिकल में भटकते मरीजों की तस्वीरें सामने आ रही हैं। बिजनौर से ब्लैक फंगस की एक महिला मरीज निजी गाड़ी में आई। वह घंटों गाड़ी में लेटी रही, तब उसको भर्ती किया गया। लिसाड़ी गेट से 58 साल के वृद्ध को सांस फूलने की दिक्कत थी। दो घंटे भटकने के बाद वह भर्ती हो पाए। बुलंदशहर के एक मरीज को ब्लैक फंगस के लक्षण थे, लेकिन उनको भर्ती नहीं किया गया। वह गाजियाबाद के निजी हॉस्पिटल में जाकर भर्ती हुए।

मेडिकल कैंपस में हर रोज 50 से 100 मरीज इलाज व बेड पाने के लिए इसी तरह भटकते हैं। यहां एक और सबसे बड़ी समस्या है कि मरीज को अटेंड करने के लिए कोई हेल्थ स्टाफ नहीं है। परिजन खुद ही स्ट्रेचर लाते हैं, खुद ही सिलेंडर घसीटते हैं। खुद ही मरीजों को वाहन से उतारते हैं। सोमवार को एक व्यक्ति ने आठ दिन की नवजात बच्ची को गोद में ले रखा था। उसको ऑक्सीजन लगी हुई थी। जबकि सिलेंडर को दूसरा व्यक्ति घसीटता चल रहा था।

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