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गुरु को नमन कर मनाई गुरु पूर्णिमा

गुरु को नमन कर मनाई गुरु पूर्णिमा

विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठन ने गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया, ब्रह्मा, विष्णु और महेश को किया नमन

गुरु को ब्रह्मा, विष्णु और महेश को मानते हुए नमन किया गया। शुक्रवार को विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया।

ओशो पथिक ध्यान केंद्र पर अनुयायियों ने सद्गुरु ओशो के चित्र पर फूल चढ़ाकर नमन किया। इसके बाद ध्यान किया गया। ओशो पथिक ध्यान केंद्र के संचालक स्वामी उमेश टंडन ने कहा कि सद्गुरु ओशो ने मानवता को ध्यान और प्रेम का संदेश दिया है। अगर दुनिया ध्यान के पथ पर चलने लगे तो आतंकवाद, द्वेष, घृणा सब खत्म हो जाएंगे। स्वामी सुनील गंभीर ने ओशो के प्रवचन सुनवाए। ध्यान केंद्र पर काफी संख्या में ओशो अनुयायी जुटे। इसमें मुनीश यादव, बाबूराम अहलावत, विवेक आदि रहे।

आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर के चित्र पर मंगलपांडे नगर स्थित शक्ति कुटीर में फूल चढ़ाकर नमन किया। डॉ. शिवकांत और सपना ने ऑर्ट ऑफ लिविंग के उद्देश्य के बारे में बताया। आर्ट ऑफ लिविंग के गायक शुभम नागर ने एक से बढ़कर एक भजन सुनाकर श्रद्धाभाव से भर दिया। इस दौरान छह सौ से ज्यादा श्रद्धालु मौजूद रहे। विनिता, सुजाता और सुनीता के भजन सुनकर श्रद्धालु भक्तिभाव में लीन हो गए। शाम को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक ऊर्जा के संग्रहण की विधियां बताई गईं। इसमें काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस दौरान 11 अगस्त को शास्त्रीनगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में होने वाले आर्ट ऑफ लिविंग के कार्यक्रम की रूपरेखा बनाई गई।

थापनगर स्थित आर्य समाज मंदिर में स्वामी दयानंद सरस्वती को सदी का महान निर्माता बताया गया। आर्य समाज थापरनगर के प्रधान राजेश सेठी ने कहा कि गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरु को नमन करते हैं। राज-राजेश्वरी मंदिर पर सुबह 10 बजे हवन किया गया। इस दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद महाराज को नमन किया गया। मंदिर के मुख्य पुजारी स्वामी दिव्यानंद ने बताया कि गुरु पूर्णिमा पर मां त्रिपुरा सुंदरी की पूजा के बाद हवन किया गया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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