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गुरु ग्रंथ साहिब गुरु गद्दी पर्व पर लगा सच्ची बाणी दरबार

गुरु ग्रंथ साहिब गुरु गद्दी पर्व पर लगा सच्ची बाणी दरबार

दसों गुरु साहिबान की आत्मिक ज्योति, शब्द अवतार श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 310वें गुरुगद्दी पर्व की खुशी में दस दिवसीय कार्यक्रमों के तहत शनिवार को आठवें दिन श्री गुरु सिंह सभा थापरनगर में ‘गाव हो सच्ची बाणी कीर्तन दरबार हुआ।

इसमें सबसे पहले ‘सोदर रहिरास साहिब के पाठ का उच्चारण किया गया। इसमें ज्ञानी चरनप्रीत सिंह ने कहा कि अखंड कीर्तनी जत्था और निष्काम कीर्तनी जत्थे ने ‘गगन महिथाल रविचंद दीपक बने तारिका मंडल जनक मोती, हजूरी रागी भाई प्रीतम सिंह ने ‘साध संग गावहि गुण गोविंद पूरन ब्रह्म ज्ञान बरेली से आए भाई सुरिंद्र सिंह ने वाहो-वाहो बाणी निरंकार है तिस जेवड़ अवरन कोय, गुरु ग्रंथ जी मानयो प्रगट गुरां की देह आदि शब्दों का मधुरतम आवाजों में कीर्तन मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान प्रमुख सेवादार रणजीत जस्सल ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब के उपदेश मानव प्यार, देश प्यार, प्रभु प्यार, और प्रभु मिलाप के उपदेश मानव प्यार देश-उपदेश किसी एक धर्म जाति, या वर्ण तक सीमित नहीं, बल्कि सभी जगह है। कहा कि 23 नवंबर को गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व की तैयारियां जोरों पर की जा रही हैं। इसके लिए फेरियां निकाली जा रही हैं। अन्य कार्यक्रमों की घोषणा जल्द की जाएगी।

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  • Web Title:guru granth sahib