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गुरु गद्दी साहिब गुरुगद्दी पर्व पर अलौकिक शबद कीर्तन फेरी निकाली

गुरु गद्दी साहिब गुरुगद्दी पर्व पर अलौकिक शबद कीर्तन फेरी निकाली

श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 309वें पावन पर्व पर शुक्रवार शाम थापरनगर से शबद कीर्तन फेरी निकाली। इसमें दूर-दूर तक सिख संगतें भारी संख्या में आईं। शबद कीर्तन फेरी से पहले सोदर रहिरास और सुखमनी साहिब के पाठ का उच्चारण किया गया। मुख्य ग्रंथी ज्ञानी चरनप्रीत सिंह ने अलौकिक शबद कीर्तन फेरी निकाली गई। फेरी में सुखमनी साहिब सेवा सोसाइटी, अखंड कीर्तनी जत्था, स्त्री सत्संग और बालिकाओं ने निष्काम कीर्तनी जत्थों के सेवकों ने शब्दी जत्थों के रूप में शामिल होकर ढोलक, छैणे, चिमटे, खड़तालें आदि वाद्य यंत्रों से ऊंची-ऊंची आवाजों में गुरु ग्रंथ मानयो प्रगट गुरां दी देह, वाहो-वाहों बाणी निरंकार है आदि शब्दों का गायन कर वातावरण गुरुमय बना दिया।

अलौकिक शबद कीर्तन फेरी शुरू होने से पहले श्री गुरु ग्रंथ साहिब प्रचार सोसाइटी के प्रमुख सेवादार रणजीत जस्स्ल ने सिख संगतों को संबोधित करते हुए कहा कि श्री गुरुग्रंथ साहिब केवल सिखों के गुरु नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के शबद गुरु हैं। इसमें गुरु साहिबान के अलावा सोलह विभिन्न जाति और धर्मों के संतों-महापुरुषों की पावन बाणी के भी दर्शन होते हैं। मानवता का मार्ग वर्णन है। अलौकिक शबद कीर्तन,फेरी गुरु सिंह सभा से शुरू होकर सोतीगंज, गली सोती गंज मार्केट, दिल्ली रोड, थापरनगर गली नंबर सात से गली नंबर दो से वापस गुरुद्वारा पहुंची।

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  • Web Title:guru granth sahib