
जीएसटी : संदिग्ध फर्म जांच के रडार पर, अफसर रिकॉर्ड खंगालने में जुटे
संक्षेप: Meerut News - मेरठ-सहारनपुर जोन में 200 से अधिक संदिग्ध फर्म जीएसटी के रडार पर हैं। फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों का टैक्स चोरी का मामला सामने आया है, जिसमें 122 फर्जी फर्मों ने 1810 करोड़ का कारोबार दिखाकर 341 करोड़ का नुकसान पहुंचाया। राज्य कर विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
मेरठ-सहारनपुर जोन में 200 से अधिक संदिग्ध फर्म जीएसटी के रडार पर आ गई हैं। इनका रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। मेरठ जोन में पिछले दो माह में 20 से अधिक फर्जी फर्मों में बोगस इनवॉइस के जरिए आईटीसी का दुरुपयोग कर करोड़ों के वारे-न्यारे करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों के खेल का मुरादाबाद में खुलासा होने के बाद सीजीएसटी और एसजीएसटी अफसरों ने सक्रियता बढ़ाते हुए संदिग्ध फर्मों को जांच के लिए निशाने पर लिया है। राज्य कर विभाग की टीम ने मेरठ में बिहार से हरियाणा जा रही स्क्रैप भरी चार गाड़ियों को पकड़ा था।

अपर आयुक्त ग्रेड-2 एसआईबी राज्य कर विभाग सुशील कुमार सिंह ने जांच कराई तो सप्लाई करने वाली फर्म और खरीदार फर्म दोनों फर्जी निकली। चारों गाड़ियों को लोहियानगर थाने पर सीज कराते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई। फर्जीवाड़ा कर टैक्स चोरी के जरिए सरकार को राजस्व की चपत लगाने के चलते असली कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वैध पंजीकरण कराने के लिए उन्हें तमाम दस्तावेजों की जांच, फील्ड विजिट और सत्यापन से गुजरना पड़ रहा है। मुरादाबाद में हुई कार्रवाई से बाद मचा हड़कंप मुरादाबाद में जीएसटी चोरी का ऐसा रैकेट सामने आया है, जिसने राज्य कर विभाग को हिलाकर रख दिया। दो मोबाइल नंबरों के सहारे बनाई गई 122 फर्जी फर्मों ने 1810 करोड़ का कथित कारोबार दिखाकर सरकार को 341 करोड़ के टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का नुकसान पहुंचाया। इस रैकेट के तार मुरादाबाद से निकलकर पश्चिमी यूपी के विभिन्न जिलों के साथ उत्तराखंड एवं अन्य राज्यों तक बताए जा रहे हैं। देशभर में फैला है नेटवर्क जीएसटी विशेषज्ञों का कहना है कि फर्जी बिलिंग और टैक्स चोरी का यह खेल किसी एक व्यक्ति या कंपनी का नहीं बल्कि एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा है, जो देशभर में फैला हुआ है। इन गिरोह के पास फर्जी पैन, आधार और बैंक खाते तक तैयार रहते हैं। राज्य कर विभाग ने हाल में पंजीकृत हुई अन्य फर्मों का फिजिकल वेरिफिकेशन शुरू कर दिया है। इनका कहना - कोट्स फोटो मेरठ जोन में जांच-पड़ताल में जितनी फर्म फर्जी मिल रही हैं, उनके खिलाफ लगातार एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। शत प्रतिशत कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। मेडिकल, लिसाड़ी गेट, देहली गेट, टीपीनगर थानों पर हाल में फर्जी फर्मों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। -सुशील कुमार सिंह, अपर आयुक्त ग्रेड-2 एसआईबी राज्य कर विभाग

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