मेरठ: पांच-पांच हजार में भाई-बहन, पति-पत्नी के नाम हुई 1000 करोड़ से अधिक की संपत्तियां
सरकार द्वारा रक्त संबंधों में संपत्ति के बैनामे पर दी गई छूट का मेरठ में बड़ा असर हुआ है। 8000 से अधिक लोगों ने 5000 रुपये के शुल्क पर संपत्तियां ट्रांसफर की हैं। इससे 1000 करोड़ रुपये की संपत्तियां ट्रांसफर हुईं, लेकिन निबंधन विभाग को 121.82 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

सरकार द्वारा रक्त संबंधों में संपत्ति के बैनामे पर दी गई भारी छूट का मेरठ जिले में जबरदस्त असर देखने को मिला है। जिले में अब तक आठ हजार से अधिक लोगों ने इस योजना का लाभ उठाते हुए मात्र 5-5 हजार रुपये के शुल्क पर अपने परिजनों के नाम संपत्तियां की हैं। इस प्रक्रिया के तहत जिले में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की चल-अचल संपत्तियां भाई-बहन और पति-पत्नी आदि के नाम ट्रांसफर की गई हैं। हालांकि इससे निबंधन विभाग को 121.82 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। शासन की इस योजना का मुख्य उद्देश्य परिवार के भीतर संपत्ति विवादों को कम करना और कानूनी रूप से मालिकाना हक सुरक्षित करना था।
मेरठ में इस योजना को लेकर लोगों में उत्साह देखा गया। निबंधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले वित्तीय वर्ष अर्थात एक अप्रैल 2025 से लेकर 31 मार्च 2026 तक 8988 लोगों ने अपने भाई-बहन, पति-पत्नी आदि जैसे रक्त संबंधों में संपत्तियों को ट्रांसफर कर दिया। आम लोगों को तो इससे बड़ी सुविधा हुई। वहीं विभाग को पांच-पांच हजार के शुल्क पर बैनामे से 121.82 करोड़ का सीधा नुकसान हुआ है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो मेरठ समेत प्रदेश में अरबों की संपत्तियां इस तरह ट्रांसफर हुई। विभाग को भारी नुकसान हुआ।लोकप्रिय हुई दानपत्र की यह योजनानिबंधन विभाग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि पहले लोग भारी-भरकम स्टाम्प ड्यूटी के डर से संपत्ति का ट्रांसफर टालते रहते थे या केवल वसीयत के भरोसे छोड़ देते थे, लेकिन रक्त संबंधों में मात्र पांच-पांच हजार के शुल्क पर संपत्तियों के ट्रांसफर की सुविधा मिलने से लोगों को फायदा मिला।------सस्ता विकल्प : मात्र 5000 रुपये में मालिकाना हक मिलना सबसे बड़ा आकर्षण रहा।विवादों से मुक्ति : जीवित रहते ही संपत्ति का कानूनी हस्तांतरण होने से भविष्य के पारिवारिक झगड़ों की गुंजाइश कम हुई है।महिलाओं का सशक्तिकरण : पत्नी, बेटियों, बहन,भाई, पुत्र, पुत्री आदि के नाम संपत्ति करने के मामलों में भी तेजी आई है।---------महिलाओं के पक्ष में विशेष सुविधा का भी लोगों ने लाभ उठायाइसी तरह शासन ने पिछले वित्तीय वर्ष में महिलाओं के नाम पर संपत्ति के बैनामों में एक करोड़ तक की छूट का भी व्यापक असर रहा। शासन के निर्देश के तहत महिलाओं के नाम बैनामे में एक करोड़ तक की संपत्ति पर एक प्रतिशत शुल्क कम कर दिया गया, जो पहले 10 लाख रुपये तक ही था। महिलाओं के नाम कुल 30,587 बैनामे हुए। लोगों ने इसका खूब फायदा उठाया। हालांकि विभाग को इससे 39.18 करोड़ का नुकसान हुआ।
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Rakesh Priyadarshiशॉर्ट बायो :
राकेश प्रियदर्शी पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान में सेना और कैंट बोर्ड बीट को देख रहे हैं।
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विशेषज्ञता
मेरठ समेत वेस्ट यूपी की राजनीति पर अच्छी समझ
प्रशासनिक गतिविधियों पर अच्छी पकड़
सेना और कैंट बोर्ड की गतिविधियों की एक्सप्लेनर रिपोर्टिंग।
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