मेरठ जिले में 3160 स्टाम्प पत्रों के फर्जी होने की आशंका
Meerut News - -997 बैनामों में हुआ है प्रयोग, अब ईओडब्लू की रिपोर्ट पर कार्रवाई शुरू -एआईजी स्टांप

-17 मार्च तक जमा कराने होंगे, तब होगी जांचमेरठ, मुख्य संवाददातामेरठ जिले में जमीन और संपत्तियों की रजिस्ट्री में इस्तेमाल किए गए भौतिक स्टाम्प पत्रों में बड़े फर्जीवाड़े की आशंका जताई गई है। आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्लू), मेरठ सेक्टर की जांच में करीब 3160 स्टाम्प पत्रों के कूटरचित (फर्जी) होने का मामला सामने आया है। अब इन सभी का भौतिक सत्यापन होगा, जिसके लिए बुधवार को एआईजी स्टांप ने नोटिस जारी किया है।एआईजी स्टांप नवीन कुमार शर्मा के नोटिस के अनुसार जिले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन ने गत 24 फरवरी 2026 को जारी अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि मेरठ के उप-निबन्धक कार्यालयों में पंजीकृत 997 दस्तावेजों में संदिग्ध स्टाम्प पत्रों का प्रयोग किया गया है।
अब तक इन 3160 संदिग्ध स्टाम्पों में से केवल 38 की ही जांच भारतीय प्रतिभूति मुद्रणालय (नासिक रोड, महाराष्ट्र) से कराई जा सकी है। एआईजी स्टांप ने कहा है कि उन सभी 997 दस्तावेजों के स्वामियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने मूल स्टाम्प पत्र 17 मार्च 2026 तक कार्यालय में जमा करा दें। इन मूल स्टांप पत्रों को जांच के लिए आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्लू) को भेजा जाएगा ताकि उनकी सत्यता की पुष्टि हो सके।-------------पांच साल से अधिक पुराने हैं सारे बैनामेये सभी 997 बैनामे पांच साल से अधिक पुराने हैं। इन बैनामों में निबंधन विभाग की ओर से पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई है, जो अब ईओडब्लू को जांच के लिए ट्रांसफर हो चुका है। अब ईओडब्लू के स्तर से फर्जी स्टांप के सभी मामलों की जांच की जा रही है। इस मामले में कई आरोपी गिरफ्तार भी किये जा चुके हैं।
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