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खादर के गांवों में गंगा ने दिखाया रौद्र रूप, बाढ़ का पानी अंदर घुसा

खादर के गांवों में गंगा ने दिखाया रौद्र रूप, बाढ़ का पानी अंदर घुसा

संक्षेप:

Meerut News - हरिद्वार में गंगा के जलस्तर में कमी आई है, लेकिन हस्तिनापुर खादर क्षेत्र की स्थिति गंभीर है। कई गांवों में पानी भर गया है, जिससे जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। डीएम ने राहत कार्यों का निरीक्षण किया और...

Fri, 8 Aug 2025 05:22 AMNewswrap हिन्दुस्तान, मेरठ
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गंगा के जलस्तर में हरिद्वार से तो कमी आई है, लेकिन हस्तिनापुर के खादर क्षेत्र की स्थिति भयावह हो गई है। खेत, सड़क और बस्तियां सब पानी से लबालब हैं। गंगा का पानी गांवों और संपर्क मार्गों पर बह रहा है। इन हालात में लोगों का जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। डीएम डॉ वीके सिंह ने बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण किया तथा संबधित विभाग के अधिकारियो को दिशा निर्देश दिए। गंगा के जलस्तर में गुरुवार को कुछ कमी आई, लेकिन हस्तिनापुर खादर क्षेत्र की स्थिति विकराल हो गई है। खादर के दर्जनभर से अधिक गांवों में पानी घुस गया है। कई-कई फिट पानी-रास्तों व घरों में भर गया है।

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ईंधन पानी में भीग गया है। परिवार में कोई बीमार है तो वहां सबसे बड़ी परेशानी है। हालांकि डीएम मेरठ डॉ वीके सिंह ने कहा कि बाढ़ प्रभावित गांवों में मोटर बोट द्वारा दवाई पहुंचाई जाएंगी। कोई अधिक बीमार है तो उसे गांव से लाकर समुचित उपचार कराया जाएगा। उन्होंने फतेहपुर प्रेम के पास सिचांई विभाग द्वारा बनाए जा रहे तटबंध का भी निरीक्षण किया। सिंचाई विभाग के इंजीनियरों को तटबंध में आए रेन कट को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए। बिजनौर बैराज के अवर अभियंता घनश्याम के अनुसार गुरुवार को बिजनौर बैराज से डाउन स्ट्रीम में 2.39 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज चल रहा है, जबकि हरिद्वार से गंगा के जलस्तर में भारी गिरावट आई है। जलस्तर अब घटकर 1.41 लाख क्यूसेक हो गया है। खेड़ा मुजादपुर से टूटा तटबंध, मचाई तबाही फतेहपुर प्रेम से ऊपर खेड़ा मुजादपुर के सामने टूटे तटबंध से निकलने वाला पानी ने खादर क्षेत्र में तबाही मचा दी। जो गांव तटबंध बनाए जाने से बचे थे उन्हें इस पानी ने बर्बाद कर दिया। खादर क्षेत्र के फतेहपुर प्रेम, चामरोद, राठौरा कला, दबखेड़ी, सिरजेपुर, किशनपुर, हादीपुर गांवड़ी, भीकुंड, दूधली, बस्तौरा, मखदूमपुर आदि गांवों में पानी बह रहा है। सूची तैयार की गई एडीएम वित्त एव राजस्व सूर्यकांत त्रिपाठी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में जो परिवार फंसे हैं उनके रेस्क्यू की व्यवस्था की गई है। उन्हें राहत सामग्री भिजवाने की व्यवस्था की जा रही है। गांव में दवाओं की किट तैयार कराते हुए चिकित्सकों की टीम को भेजकर दवाई वितरित की जा रही है। बाढ़ चौकी का किया निरीक्षण डीएम डॉ वीके सिंह ने तारापुर और लतीफपुर बाढ़ चौकी का निरीक्षण किया और दवाई, पशुओं के चारे आदि के बारे में जानकारी ली। उन्होंने सीओ मवाना संजय जायसवाल को लतीफपुर बाढ़ राहत चौकी पर पुलिस तैनात करने तथा वायरलेस सेट लगाने के निर्देश दिए। पेयजल की किल्लत बाढ़ के पानी में खादर के गांवों में लगे हैंडपंप भी डूब गए हैं। ऐसे में पीने के पानी को लेकर परेशानी हो गई है। कई गांव के लोग पानी से गुजरते हुए बाहर से पानी भरकर ला रहे हैं। कई गांवों की स्थिति खराब है। विद्युत आपूर्ति दिन में रहेगी बाधित बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति के लिए समय निधारित कर दिया गया है। यह जानकारी देते हुए कुन्हैड़ा विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता बिजेंद्र सिंह ने बताया कि विद्युत आपूर्ति शाम सात से सुबह छह बजे तक सुचारू रहेगी।