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मेरठपांच साल पहले सैनी में बना स्वास्थ्य उपकेंद्र खंडहर में तब्दील

हिन्दुस्तान टीम,मेरठPublished By: Newswrap
Tue, 25 May 2021 03:40 AM
पांच साल पहले सैनी में बना स्वास्थ्य उपकेंद्र खंडहर में तब्दील

गंगानगर। संवाददाता

कोरोना के भयावह हालात में भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा देहात क्षेत्रों में बनाए गए स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाली दूर नहीं की जा रही है। देहात क्षेत्रों में कई साल पहले बनकर तैयार हुए स्वास्थ्य केंद्र आज तक डॉक्टरों के आने का इंतजार कर रहे हैं।

मवाना रोड स्थित सैनी गांव की आबादी के बीच पांच साल पहले स्वास्थ्य उपकेंद्र बनाया गया था। ग्रामीण गौरव गौतम ने बताया कि उपकेंद्र में कुछ समय तक महिलाओं की डिलीवरी व टीकाकरण का काम हुआ। इसके बाद डॉक्टरों समेत अन्य कर्मचारी आना बंद हो गए। आरोप है कि केंद्र पर तैनात एएनएम भी कुछ समय के लिए वहां आती और वापस चली जाती हैं। केंद्र में बने तीन कमरों, शौचालयों की हालत खंडहर जैसी हो गई है। कमरों के अंदर रखे चिकित्सा उपकरण धूल फांक रहे हैं। दीवारें जर्जर हो चुकी है। केन्द्र के अंदर गंदगी के अलावा कुछ और नजर नहीं आता।

ग्राम प्रधान जगबीर सिंह ने बताया कि गांव की करीब पांच हजार आबादी है। ऐसी स्थिति में लोगों को गांव से कई किलोमीटर दूर रजपुरा, भावनपुर और जिला अस्पताल जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि कोरोना जैसी महामारी फैलने के बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपकेन्द्र की कोई सुध नहीं ली जा रही है। उपकेन्द्र के बराबर में जूनियर हाई स्कूल भी है। उपकेन्द्र और स्कूल के पीछे लोगों ने कूड़ाघर बनाया हुआ है। ग्राम प्रधान ने बताया कि कूड़ा डलने वाली जगह पर दीवार बनवाई जाएगी। देहात क्षेत्रों में रसूलपुर गांवड़ी, तोफापुर समेत अन्य जगहों पर बनाए गए स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों के नहीं पहुंचने से लोग परेशान हैं।

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