DA Image
24 फरवरी, 2020|10:26|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बॉयलर फटने से फेवीकॉल फैक्ट्री में भीषण आग, ड्रम फटे

गढ़ रोड पर राजवंश विहार औद्योगिक क्षेत्र स्थित एडहेसिव बनाने वाली अवैध फैक्ट्री में गुरुवार दोपहर बॉयलर फटने के बाद भीषण आग लग गई। केमिकल से भरे ड्रम तेज धमाके के साथ फट गए। लपटों में घिरे फैक्ट्री के दो कर्मचारी बुरी तरह झुलस गए, जबकि एक गाय की जलकर मौत हो गई। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद दमकल के छह वाहनों ने आग पर काबू पाया। मंगलपांडे नगर निवासी पद्म सैन गर्ग की राजवंश विहार औद्योगिक क्षेत्र में एडहेसिव बनाने की फैक्ट्री है। गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे बॉयलर की रेस अचानक बढ़ गई, जिसके बाद तेज धमाके से यह फट गया। इसकी चिंगारी आसपास रखे केमिकल से भरे ड्रमों पर जा गिरी। इसने आग पकड़ ली। केमिकल के संपर्क में आते ही आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। एडहेसिव से भरे ड्रम तेज धमाके के साथ फटने लगे। इससे पूरे औद्योगिक इलाके में हड़कंप मच गया। कर्मचारियों ने खुद ही आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू कर दिए। इस प्रयास में फैक्ट्री के कर्मचारी नरेश तोमर निवासी कबूलपुर मुंडाली और अरविंद राय झुलस गए। मुख्य गेट से लेकर पूरा फैक्ट्री परिसर आग की लपटों में घिर गया। बॉयलर को चलाने के लिए रखी लकड़ियों ने भी आग पकड़ ली। आग इतनी भीषण हो गई कि लपटें सड़क तक आ गईं, जिसके चलते लोग आग बुझाने के लिए अंदर नहीं घुस पाए। कर्मचारियों ने फैक्ट्री परिसर में बंधे एक बछड़े को सुरक्षित निकाल लिया, जबकि एक गाय अंदर फंसी रह गई, जिसकी जलकर मौत हो गई। करीब पौन घंटे बाद पहुंचे दमकल वाहनों ने आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू कर दिए। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। नरेश की हालत नाजुक आग में झुलसे कर्मचारी नरेश तोमर निवासी कबूलपुर की हालत गंभीर बनी हुई है। नरेश और दूसरे कर्मचारी अरविंद राय का उपचार दिल्ली के शुभ दर्शन हॉस्पिटल में चल रहा है। नरेश करीब 65 फीसदी और अरविंद करीब 40 फीसदी झुलसा है। डॉक्टरों ने नरेश की हालत नाजुक बताई है। परिजनों के मुताबिक, हादसे के वक्त नरेश बॉयलर के पास काम कर रहा था। फैक्ट्री पर नहीं थे मानक फायर ऑफिसर संजीव कुमार के मुताबिक, फैक्ट्री में एक भी अग्निशमन यंत्र लगा हुआ नहीं था। फैक्ट्री ने अग्निशमन विभाग से भी कोई एनओसी नहीं ले रखी थी। इस बारे में रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को दी जा रही है। चपेट में आ सकती थीं दूसरी फैक्ट्रियां जिस फैक्ट्री में आग लगी, उसके आसपास करीब 20 फैक्ट्रियां हैं। अधिकांश फैक्ट्रियों में केमिकल का प्रयोग होता है। यदि आग पर शीघ्र काबू नहीं पाया गया होता तो आसपास की फैक्ट्रियां भी इसकी चपेट में आ सकती थीं। इसके बाद हादसा और बड़ा हो सकता था। काफी देर बाद पहुंचा दमकल वाहन आसपास के लोगों ने बताया कि आग लगते ही उन्होंने सौ नंबर कई बार डायल किया, मगर वह व्यस्त जाता रहा। मेडिकल पुलिस भी नहीं आई। करीब 15 मिनट बाद सौ नंबर उठा, तब जाकर सूचना दी गई। करीब पौन घंटे बाद दमकल वाहन पहुंचा और आग पर काबू पाया गया। बॉयलर फटने से फैक्ट्री में आग लगी थी। छह दमकल वाहनों की मदद से आग पर काबू पा लिया गया है -संजीव कुमार, फायर ऑफिसर