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बहू की जान बचाने को ससुर ने बेचा मकान, पिता दे रहे किडनी

हिन्दुस्तान टीम,मेरठNewswrap
Tue, 30 Nov 2021 03:06 AM
बहू की जान बचाने को ससुर ने बेचा मकान, पिता दे रहे किडनी

किडनी की परेशानी से जूझ रही काजल को बचाने के लिए उसके ससुर और पिता ने अपना सबकुछ दांव पर लगा दिया है। पिता ने अपनी किडनी देने का फैसला किया है तो ससुर ने काजल के इलाज के लिए अपना मकान तक बेच दिया। अब 48 घंटे के भीतर किडनी प्रत्यारोपण होना है। परिवार ने सभी कागजी कार्रवाई पूरी कर ली है और अब डीएम की अनुमति मिलना बाकी है। काजल की जान बचाने के लिए ससुर और पिता का यह त्याग रिश्तों की अहमियत भूलते जा रहे समाज के लिए मिसाल बन गया है।

कंकरखेड़ा में न्यू गोविंदपुरी निवासी धर्मेंद्र की शादी लगभग 15 वर्ष पूर्व सहारनपुर के इंद्र कैंप कॉलोनी निवासी काजल से हुई थी। शादी के बाद दो बेटी हुईं। दिहाड़ी मजदूर धर्मेंद्र ने बताया कि लगभग दो महीना पहले काजल सात माह की गर्भवती थी। एक दिन काजल के पेट में तेज दर्द हुआ। महिला चिकित्सक को दिखाया तो कुछ टेस्ट कराए गए। रिपोर्ट आने के बाद पता चला कि काजल की दोनों किडनी खराब हैं। कुछ दिनों बाद डिलीवरी हुई लेकिन बच्चे की गर्भ में मौत हो गई। काजल के इलाज में लाखों रुपये खर्च होने थे। ससुर जगपाल ने काजल की जान बचाने के लिए अपना मकान तक बेच दिया।

परिजनों ने किडनी डोनर की तलाश की लेकिन सफलता नहीं मिली। काजल के पिता धर्म सिंह (60) ने अपनी किडनी देने का फैसला किया। धर्म सिंह ने सहारनपुर से जिलाधिकारी व संबंधित विभाग से सभी कागजी कार्यवाही पूरी कर ली है। पिछले दो माह से काजल का उपचार मेरठ के न्यूटीमा अस्पताल में चल रहा है। 48 घंटे में किडनी प्रत्यारोपण होना है। पीड़ित परिवार सोमवार को भाजपा नेता नीरज मित्तल से मिला। उन्होंने ने परिवार को मदद का आश्वासन दिया। साथ ही कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल से बात कराई।

कंकरखेड़ा थाने पहुंचा परिवार

सोमवार को परिवार कंकरखेड़ा थाने पहुंचा। इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सक्सेना को सारे घटनाक्रम से अवगत कराया। परिवार ने बताया कि अस्पताल स्टाफ ने संबंधित थाने से कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद डीएम के यहां कार्रवाई पूरी कर लाने को कहा है। इंस्पेक्टर ने तत्काल कागजी कार्रवाई पूरी कराई। इंस्पेक्टर ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया।

48 घंटे में होना है किडनी प्रत्यारोपण

परिवार ने बताया कि 48 घंटे में किडनी प्रत्यारोपण होना है। काजल की हालत लगातार गिरती जा रही है। इलाज में भी लाखों रुपये का खर्च आ चुका है। आखिरी उम्मीद जिलाधिकारी कार्यालय से कागजी कार्रवाई पूरी करने की है। जितनी जल्द कागजी कार्रवाई पूरी हो जाएगी उतनी ही जल्द किडनी प्रत्यारोपण हो जाएगा। परिवार आज डीएम से मिलेगा।

...तो कभी भी बेटी पराई नहीं होगी

समाज के लोगों ने कहा कि ऐसे पिता और ससुर पर गर्व है। ससुर ने बहू की जान बचाने के लिए अपना मकान तक बेच दिया। वहीं पिता, बेटी की जिंदगी बचाने के लिए अपनी किडनी दे रहे हैं। लोगों ने बताया कि धर्मेंद्र के पिता जगपाल ने शादी में दहेज नहीं लिया था। लोगों का कहना था कि अगर सभी की ऐसी विचारधारा हो जाए तो कोई भी बेटी पराई नहीं होगी।

प्रत्यारोपण की सभी प्रक्रिया पूरी की जा रहीं

काजल का इलाज न्यूटीमा अस्पताल में चल रहा है। किडनी प्रत्योरोपण के लिए पिता ने सहमति दे दी है। जल्द ही किडनी प्रत्यारोण किया जाएगा। किडनी प्रत्यारोपण की सभी प्रक्रिया पूरी की जा रही हैं -डॉ. संदीप गर्ग, किडनी रोग विशेषज्ञ, न्यूटीमा अस्पताल, मेरठ

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