Meerut News: रिठानी के सर्किल रेट पर किसानों को मिले मुआवजा
Meerut News: भूमि अधिग्रहण और उचित मुआवजे की मांग को लेकर शताब्दीनगर में किसानों ने धरना दिया। भाकियू के नेताओं ने आरोप लगाया कि 1987 में भूमि का अधिग्रहण किए जाने के बावजूद आज तक किसानों को मुआवजा नहीं मिला। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि कांवड़ यात्रा के बाद किसानों से चर्चा की जाएगी, जिसके बाद आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया गया।

Meerut News: भूमि अधिग्रहण और मुआवजे की मांग को लेकर शुक्रवार को शताब्दीनगर में भाकियू के नेतृत्व में घोपला और जैनपुर के किसानों ने पंचायत की। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ बड़ी संख्या में किसान धरना स्थल पर पहुंचे और एमडीए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों के बीच पहुंचे मेडा सचिव अर्पित गुप्ता ने किसानों से वार्ता की। किसानों का आरोप है कि वर्ष 1987 में मेडा ने घोपला, जैनपुर समेत आसपास के कई गांवों की भूमि का अधिग्रहण किया था। मगर किसानों को आज तक उनकी जमीन का उचित मुआवजा नहीं मिला। किसान पिछले 13 वर्षों से शताब्दीनगर में धरना देकर बैठे हुए हैं।
भाकियू नेता विजयपाल घोपला ने कहा कि अब आंदोलन शांतिपूर्वक नहीं होगा इसे तेज करना होगा। आरोप लगाया कि मेडा घोपला के किसानों को काशी-सोलाना के सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा देने की तैयारी कर रहा है, जबकि घोपला का पास गांव रिठानी है। किसानों को रिठानी के सर्किल रेट के अनुसार मुआवजा दिया जाए।एमडीए सचिव अर्पित गुप्ता और एसीएम सदर मृदुला दुबे धरना स्थल पहुंचे और किसानों से वार्ता की। आश्वासन दिया कि कांवड़ यात्रा समाप्त होने के बाद बोर्ड की बैठक बुलाकर किसानों के प्रतिनिधियों से चर्चा की जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसानों ने फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया। मौके पर पार्षद कीर्ति घोपला, उमेश राठी, सोहित धारीवाल, दीपक चौधरी, आकाश, अंकित राठी, बीरपाल, हिनू, जतिन सिरोही, अमित धारीवाल, लोकेश सिवाच, कविता प्रधान, उपेंद्र भराला मौजूद रहे।
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Rakesh Priyadarshiशॉर्ट बायो :
राकेश प्रियदर्शी पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान में सेना और कैंट बोर्ड बीट को देख रहे हैं।
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प्रशासनिक गतिविधियों पर अच्छी पकड़
सेना और कैंट बोर्ड की गतिविधियों की एक्सप्लेनर रिपोर्टिंग।
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