
भाकियू अराजनैतिक का किसानों की समस्याओं को लेकर धरना, प्रदर्शन
संक्षेप: Meerut News - मवाना में भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने सोमवार को किसानों की समस्याओं को लेकर धरना दिया। जिलाध्यक्ष कालू प्रधान ने कहा कि प्रशासन किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं कर रहा है। यदि समस्या का समाधान...
मवाना। तहसील परिसर पर किसान समस्याओं को लेकर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के तत्वावधान में प्रदर्शन व नारेबाजी कर विशाल धरना दिया गया। धरने का नेतृत्व जिलाध्यक्ष कालू प्रधान ने किया। अध्यक्षता डॉ. राजेन्द्र तिगरी और संचालन प्रदेश प्रभारी युवा मीराज मलिक ने किया। तहसील मवाना परिसर में आयोजित धरने पर मुख्य अतिथि यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेन्द्र मलिक ने कहा कि किसानों की समस्याओं से प्रशासन को बार-बार अवगत कराया जाता है लेकिन प्रशासन आश्वासन के बाद उनका समाधान नहीं करता। यही कारण है कि किसानों को बार-बार तहसील में धरना व प्रदर्शन करना पड़ रहा है। यदि किसानों की समस्याओं का इस बार समाधान नहीं किया तो संगठन अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देगा।

आगामी पेराई सत्र में किसानों को गन्ना मूल्य 450 रुपये प्रति कुंतल दिया जाये, तहसील में किसानों के साथ गलत वसूली की जाती है ऐसे कई मामले उजागर हो चुके हैं। उनकी जांच कराई जाए, मवाना क्षेत्र में कई सड़कों का हालत बहुत खराब है। इनमें मिल बाईपास पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। गन्ना विभाग ने इसे तीन साल पहले बनवाया था। इसकी जांच होनी जरूरी है क्योंकि तीन साल में सड़क कैसे टूट गई। कहा कि हाईवे पर आवारा पशु घूमते रहते हैं उनसे दुर्घटनाओं का खतरा ज्यादा रहता है। उन्हें पकड़कर गोशाला में छोड़ा जाये, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति का रोस्टर अलग से बनाया जाए। अभी तक रजवाहों की सफाई नहीं कराई गई, ऐसे में कृषक गेहूं की बुवाई कब करेगा। सिंचाई विभाग के अफसरों की लापरवाही के चलते गेहूं बुवाई को दिन पर दिन देरी होती जा रही है। उन्होंने रियल‑टाइम खतौनी में अंश निर्धारण की समस्या के समाधान के लिए गांव-गांव चौपाल लगाकर किसानों को उनके खेतों की वास्तविक अंश निर्धारण की जानकारी तुरंत उपलब्ध कराई जाए। भाकियू ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन एसडीएम संतोष कुमार सिंह को दिया। धरने पर मुख्य रूप से ये रहे उपस्थित पूर्व जिला महासचिव कुश चौधरी तिगरी, नीरज राठी, बबलू जिटोली, जितेन्द्र, अमित छाबड़िया, मंजीत धामा, सुमित बिदूड़ी, सोनू धामा, शुभम चहल, देशू अहलावत, अभिलाष हुड्डा, राकेश राठी, जुकर नैण, फरमान, निर्दोष त्यागी, भोला चौधरी, पवन कौल, अजय रावत, वेसू मलिक, अमजद, गुलशन खडोली, असलम, अंकित प्रधान गड़ीना, विकुल चौधरी, जयविंद्र चौधरी, मोनू मुबारिकपुर, कंवरपाल संधान, दिनेश तिगरी, सुरेन्द्र तिगरी, हर्ष धामा, अरीब राजपूत, वली राजपूत, निक्की भाटी कुंडा, शेर सिंह बिसौला, राजू भगवानपुर, ज्ञानेंद्र पिलौना, असलम पिलोना, डॉ. राजेन्द्र नैडू, आशीष नंबरदार, कालू तोमर, तुषार तोमर, जावेद राजपूत, सुहेल मवाना, आशु मवाना, शादाब मारकपुर, सिद्धार्थ आशा, गगनदीप कौल, विवेक गड़ीना, डॉ.जयपाल, आदित्य चौधरी, रोहित बरार, पप्पू देशवाल, नितिन धामा आदि रहे। तीन दिन से भाकियू संगठनों का तहसील में धरना तहसील परिसर में 24 अक्तूबर को भाकियू की मवाना इकाई, 25 अक्तूबर को भाकियू अराजनैतिक के बैनर तले यूनियन के युवा जिलाध्यक्ष चौधरी आकाश सिरोही के नेतृत्व में और अब 27 अक्तूबर को भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) जनपद मेरठ के तत्वावधान में धरना व प्रदर्शन किया गया। संगठन के पदाधिकारी नवाब अहलावत और सोहित चौधरी ने व्हाट्सअप पर बयान दिया कि भाकियू अराजनैतिक शीर्ष नेतृत्व की कमी से मेरठ जिले में दो फाड़ हो गई है। उन्होंने शीर्ष नेतृत्व से अपील की कि सभी संगठनों को एक साथ किसानों की सभी समस्याओं को उठाना चाहिये।

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