मेरठ: खरखौदा थाना परिसर में बनी मस्जिद को लेकर पुलिस सख्त, साक्ष्य न मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी
खरखौदा थाना परिसर में जामा मस्जिद को लेकर विवाद बढ़ गया है। पुलिस ने मस्जिद के इमाम को नोटिस जारी कर निर्माण हटाने की चेतावनी दी है। पुलिस का कहना है कि मस्जिद का निर्माण थाने की अवैध भूमि पर किया गया है, जबकि इमाम ने इसे वक्फ बोर्ड के नाम 1985 में होने की बात कही है।

मेरठ/खरखौदाा, हिन्दुस्तान टीम खरखौदा थाना परिसर में बनी जामा मस्जिद को लेकर विवाद बढ़ गया है। राजस्व विभाग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए पुलिस ने मस्जिद के इमाम को नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर निर्माण हटाने की चेतावनी दी है। पुलिस का कहना है कि यह निर्माण थाने की जमीन पर अवैध रूप से किया गया है।
पुलिस कार्रवाई के कारण
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई उच्चाधिकारियों के आदेश पर की जा रही है। शुक्रवार को राजस्व विभाग की टीम ने थाने के नाम दर्ज जमीन की पैमाइश की थी। रिपोर्ट में बताया गया है कि यह जमीन करीब 1400 साल से थाने के नाम दर्ज है और राजस्व अभिलेखों में खसरा नंबर 1217 के तहत 6450 वर्ग मीटर जमीन थाने की है। पुलिस का आरोप है कि मस्जिद का निर्माण इसी सरकारी जमीन पर अवैध रूप से किया गया है। सीओ किठौर प्रमोद सिंह ने बताया कि मस्जिद के इमाम से निर्माण से संबंधित दस्तावेज मांगे गए थे, लेकिन अभी तक कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर निर्माण नहीं हटाया गया, तो प्रशासन स्वयं इसे हटाने की कार्रवाई करेगा。
इमाम का दावा
इमाम का दावा: 1985 में वक्फ बोर्ड के नाम हुई थी जमीनदूसरी ओर, मस्जिद के इमाम अब्दुल गफ्फार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने दावा किया कि यह संपत्ति 1985 में वक्फ बोर्ड के नाम हो गई थी और उनके पास इसके पर्याप्त प्रमाण हैं, जिन्हें पुलिस को दिखा दिया गया है। इमाम और स्थानीय मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि यह मस्जिद सैकड़ों वर्ष पुरानी है। उस समय कोई बैनामा या आधिकारिक दस्तावेज नहीं बनाए जाते थे।
क्षेत्र में हलचल
क्षेत्र में हलचल
पुलिस द्वारा साक्ष्य मांगे जाने और सात दिन में निर्माण हटाने का नोटिस मिलने के बाद से मुस्लिम समाज में रोष और चिंता का माहौल है। थाना प्रभारी देव सिंह रावत ने पुष्टि की है कि अधिकारियों के निर्देशों का पालन करते हुए साक्ष्य मांगे गए हैं और आगे की प्रक्रिया तय नियमों के अनुसार की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस ने पहले इमाम को थाने बुलाकर दस्तावेज मांगे थे, जिसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर आकर भी जांच की। फिलहाल, इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


