DA Image
24 अक्तूबर, 2020|5:07|IST

अगली स्टोरी

देवशयनी एकादशी आज, अब 5 महीने बाद होंगे मांगलिक कार्य

default image

देवशयनी एकादशी के साथ बुधवार को भगवान श्री हरि विष्णु क्षीरसागर में शयन को चले जाएंगे और चार महीने तक खरमास रहेगा। इस दौरान मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। 25 नवंबर को देव जागृत होने के साथ फिर से सहालग शुरू हो जाएंगे। ज्योतिषविदों के अनुसार इस बार नवंबर व दिसम्बर में कम ही सहालग हैं।

मंगलवार को आखिरी सहालग के चलते शादी समारोह हुए। अब 25 नवंबर से फिर से समारोह होंगे। ज्योतिषविद् विनोद त्रिपाठी बताते हैं कि आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को ही देशयनी एकादशी कहा जाता है। इस दिन से चतुर्मास की शुरुआत मानी जाती है। नवंबर में 25, 27 व 30 यानि तीन दिन ही साए हैं जबकि दिसंबर में 1, 6, 7, 9, 10 व 11 को शादी समारोह किए जा सकते हैं। वह कहते हैं कि 17 जनवरी को गुरु अस्त होगा, जो 15 फरवरी को उदय होगा। इससे दो दिन पहले 13 फरवरी को शुक्र डूब जाएगा। इसके बाद 18 अप्रैल से मांगलिक कार्य शुरू हो पाएंगे। ज्योतिषविद् सुधीर कांत शर्मा बताते हैं कि नवंबर, दिसंबर में चंद शादियों के बाद अप्रैल से फिर से शादियां होंगी। इस अवधि में यज्ञोपवीत संस्कार, विवाह, दीक्षाग्रहण, यज्ञ, गृहप्रवेश, गोदान, प्रतिष्ठा एवं जितने भी शुभ कर्म हैं वे सभी नहीं किए जाते।

श्राद्ध के बाद शुरू होगा पुरुषोत्तम मास

एक सितंबर से श्राद्ध शुरू हो जाएगा जबकि नवरात्र 17 अक्टूबर से होंगे। 17 सितंबर से पुरुषोत्तम मास अथवा मलमास शुरू हो जाएगा जो 16 अक्टूबर तक रहेगा। ज्योतिषविदों और पुजारियों का कहना है कि इस अवधि में मांगलिक कार्य नहीं होते। भगवान का भजन कीर्तन ही किया जाता है। ऐसे में जहां 4 महीने एक जुलाई से चातुर्मास रहेगा तो वही मलमास के चलते 5 महीनों तक मांगलिक कार्य नहीं होंगे 25 नवंबर से यह रोक हटेगी।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Devshayani Ekadashi today now Manglik work will be done after 5 months