सखूबाई का प्रसंग सुन श्रद्धालु हुए भाव विभोर

Newswrap हिन्दुस्तान, मेरठ
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Meerut News - सूरजकुंड के बाबा मनोहरनाथ मंदिर में भक्त माल की कथा के दौरान कथावाचक पंडित विष्णु दत्त त्रिवेदी ने सखूबाई का प्रसंग सुनाया। सखूबाई के पति और ससुर राक्षस प्रवृत्ति के थे, फिर भी उन्होंने भगवान विट्ठल का जाप किया। भगवान ने स्वयं सखूबाई का रूप लेकर उनके कठिनाइयों का सामना किया।

सखूबाई का प्रसंग सुन श्रद्धालु हुए भाव विभोर

सूरजकुंड स्थित बाबा मनोहरनाथ मंदिर में हो रही भक्त माल की कथा में कथावाचक ने गुरुवार को सखूबाई का प्रसंग सुनाया। माता नीलिमानंद के सानिध्य में हो रही कथा में विधि विधान से व्यास पूजन कराया गया। कथावाचक पंडित विष्णु दत्त त्रिवेदी ने भक्त मति सखूबाई का प्रसंग सुनाया। कहा कि सखूबाई का विवाह एक ऐसे परिवार में हुआ था जहां सास, ससुर और पति राक्षस प्रवृत्ति के थे। वह सखू को दिन रात मारते और गाली देते थे, लेकिन सखूबाई केवल विट्ठल विट्ठल का जाप करती थीं।पंडरपुर की यात्रा सखूबाई की हार्दिक इच्छा पंडरपुर जाकर भगवान विट्ठल के दर्शन करने की बात करती थी।

जब घरवाले उन्हें नहीं जाने देते, तो भगवान स्वयं सखूबाई का रूप लेकर घर पर रहने लगते हैं और असली सखूबाई पंडरपुर चली जाती हैं। भगवान का बंधन भगवान विट्ठल सखू के प्रेमवश उनके दुष्ट ससुराल वालों की सेवा करते हैं। प्रबल प्रेम के पाले पढ़कर प्रभु को नियम बदलते देखा अपना मान भले टल जाए पर भक्त का ना मान टल ते देखा। कथा में विघ्नेश शर्मा, सुषमा, रेखा गोयल, उम्नेश ठाकुर, सुधा गोयल, नीरज वत्स, अरूण दीक्षित, सुनील त्रिवेदी मौजूद रहे।

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