बोले मेरठ : समस्याओं से घिरा हाफिजाबाद मेवला
Meerut News - मेरठ के टीपी नगर क्षेत्र के हाफिजाबाद मेवला इलाके में बुनियादी सुविधाओं की कमी से लोग परेशान हैं। गंदगी, जाम नालियां और पानी की समस्या से जूझ रहे निवासियों की मांग है कि सफाई, पीने का पानी और सड़क की व्यवस्था तुरंत सुधारी जाए। यहां की स्थिति बरसात में और बिगड़ जाती है।
मेरठ। टीपी नगर क्षेत्र में मौजूद हाफिजाबाद मेवला इलाका अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। जहां बदहाल सड़कें और गंदगी का अंबार पूरे क्षेत्र की कहानी बयां करते हैं। सफाई और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए लोग तरसते हैं। निकासी की व्यवस्था एकदम ठप पड़ी है, नालियां चोक रहती हैं और सीवर लाइन एकदम ठप पड़ी हैं। वहीं टीपी नगर से इस क्षेत्र में आने वाले रास्ते पर लगे डिवाइडर जानलेवा हो गए हैं। नवीन मंडी से सटा यह इलाका बदहाली झेल रहा है। कहीं खंभे नहीं तो कहीं स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था खराब। यहां के लोग सफाई, पीने का पानी और लाइटिंग जैसी बुनियादी सुविधाएं चाहते हैं।

मेरठ के टीपी नगर क्षेत्र के वार्ड नंबर 35 में स्थित हाफिजाबाद मेवला इलाका आज भी बुनियादी सुविधाओं की बाट जोह रहा है। करीब 6000 की आबादी और 3500 वोटर्स वाला यह क्षेत्र लंबे समय से कई समस्याओं को लेकर जूझ रहा है। इस क्षेत्र में सड़कें बदहाल स्थिति में हैं, नालियां जाम, और सीवर लाइनें ठप हैं। गली-मोहल्लों में गंदगी का अंबार लगा है, जिससे बदबू और मच्छरों का आतंक फैल रहा है। बरसात के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते हैं, गंदा पानी घरों तक पहुंच जाता है, जिससे लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। सफाई कर्मियों की अनियमितता और निकासी व्यवस्था के अभाव ने इलाके को बदहाल कर रखा है। वहीं नवीन मंडी के दो नंबर गेट की तरफ से आने वाला रास्ता सुनसान और डरावना है। जहां लाइटिंग की व्यवस्था एकदम नदारद है, रात में तो यहां से निकलना मानों किसी घटना को दावत देना है। हिन्दुस्तान बोले मेरठ टीम ने इस इलाके में लोगों से संवाद कर उनकी समस्याओं को जाना। जो सफाई के साथ पीने के पानी और सड़क की सुविधा चाहते हैं। मुहाने पर गंदगी का अंबार, बदबू की भरमार हाफिजाबाद मेवला के लोग क्षेत्र में गंदगी को दिखाते हुए कहते हैं कि क्षेत्र के शुरू में ही कूड़े का ढेर पड़ा रहता है, इसके कारण लोगों का जीना दुश्वार हो जाता है। यह खाली जगह पूरी तरह कूड़ाघर बन गई है। जब तक यह कूड़ा सड़क तक नहीं आ जाता, तब तक कोई सफाई कर्मचारी या नगर निगम के लोग इसे उठाने नहीं आते। हालत ये हो जाती है, कि लोगों को खुद ही इस गंदगी को सड़क के साइड में करना पड़ता है। अगर यहां इस खाली प्लॉट की बाउंड्री हो जाए और एक कूड़ादान रख दिया जाए तो शायद गंदगी बाहर तक नहीं फैलेगी। साथ ही रोज यह कूड़ा उठाया जाना चाहिए, ताकि गंदगी का ढेर ना लगे और बदबू ना आए। नालियां ठप और सीवर लाइन नहीं, निकासी की परेशानी लोगों का कहना है कि पूरे इलाके में सीवर लाइन नहीं है। नालियां निकासी का जरिया है, लेकिन वह पूरी तरह गंदगी से अटी रहती हैं। नालियों की सफाई पूरी तरह नहीं होती है, कोई सफाई कर्मी नालियां साफ करने नहीं आता है। कुछ जगहों पर तो नालियां पूरी तरह टूट चुकी हैं, जिनमें घास और झाड़-झूंड उग आए हैं और कुछ जगह तो नालियां ही गायब हो गई हैं। नालियों में भरी गंदगी और घास में सांप व कीड़े मकोड़े हो गए हैं। इस पूरे क्षेत्र की निकासी का कनेक्शन दिल्ली रोड के नाले से है। लेकिन वह पूरी तरह से चोक रहता है, सड़क तक उसका गंदा पानी बहता है। ऐसे में यहां का पानी भी नहीं निकल पाता है। बरसात में इस इलाके की स्थिति तालाब जैसी हो जाती है। नालियों की सफाई हो और गंदगी निकले तो गंदा पानी भी बाहर जाए। पीने के पानी की समस्या का हो समाधान क्षेत्र के लोगों का कहना है, कि यहां पीने के पानी की बड़ी समस्या रहती है। हर चौथे दिन घरों में पानी आना बंद हो जाता है। जब देर तक भी पानी नहीं आता तो लोग इकट्ठा होकर जाते हैं, नगर निगम वाले इसके बाद भी ठीक करने के नाम पर 24 घंटे से ज्यादा समय लगा देते हैं। पीने के पानी की यह समस्या पूरे ही क्षेत्र में है। कई बार तो लोगों को पानी का टैंकर मंगवाकर काम चलाना पड़ता है। आए दिन पानी की यह समस्या लोग झेलते हैं, जिसका समाधान होना चाहिए। ताकि लोगों को पानी के लिए जूझना ना पड़े। क्योंकि यह बुनियादी जरूरत है, इसके साथ ही सफाई व्यवस्था सही होना जरूरी है। ताकि लोगों को बीमारियों का सामाना ना करना पड़े। यहां सड़क पर लगता है डर, आए दिन होती हैं घटनाएं लोगों का कहना है कि क्षेत्र में उमेश विहार से मंडी की ओर जाने वाली सड़क पर आए दिन घटनाएं होती हैं। इस सड़क पर पेड़ बड़े हो गए हैं, जो सड़क के ऊपर तक आ गए हैं। एक तो इस पूरी सड़क पर कोई स्ट्रीट लाइट नहीं लगी है और पेड़ों की कटाई नहीं होने के कारण अंधेरा रहता है। इस सड़क से दिन में भी महिलाएं निकलने से डरती हैं। अगर कोई छात्रा दिन में या रात में निकलती हैं तो उनके साथ छेड़खानी की घटना होने का डर रहता है। इस कारण से महिलाएं या छात्राएं यहां से कम ही निकलती हैं। शाम होते ही सड़क पर बढ़ जाती हैं दिक्कतें लोगों का कहना है कि इस सड़क पर शाम होते ही अराजक तत्व पेड़ों के नीचे खड़े रहते हैं। अगर कोई लड़की या महिला आती है तो उसके साथ छेड़खानी करते हैं। इसलिए महिलाओं को इस रास्ते के बदले घूमकर लंबे रास्ते से आना पड़ता है। इस सड़क के पेड़ों की कटाई हो जाए और लाइटिंग की व्यवस्था हो। साथ ही आसपास पुलिस की व्यवस्था हो, ताकि घटनाएं ना हों। पूरी सड़क पर खंभे लगाकर लाइटिंग की व्यवस्था की जाए, ताकि छेड़खानी जैसी घटनाओं से बचा जा सके। साथ ही इस सड़क के साइड में गंदगी से अटी क्षतिग्रस्त नालियां भी ठीक की जानी चाहिएं, और दुबारा बनाई जाए। सफाई की व्यवस्था इस पूरे इलाके में ही खराब है, जिसको सुधारा जाना चाहिए। क्षेत्र में डराते हैं डिवाइडर, हादसों का रहता है डर हाफिजाबाद मेवला क्षेत्र में जाने के लिए टीपी नगर से प्रवेश करना पड़ता है। पहले ही टीपी नगर वाली सड़क बदहाल स्थिति में नजर आएगी, वहीं सड़क पर चलेंगे तो टूटे डिवाइडर और उनमें से निकली सरिया खतरे की घंटी की तरह नजर आती हैं। अगर रात के अंधेरे में या अचानक कोई इन डिवाइडर की तरफ मुड़ जाए तो सरिया उसके शरीर को छलनी कर देंगी। इस ओर ना नगर निगम का ध्यान जा रहा है और ना ही किसी अन्य अधिकारी का। वहीं इलाके की सड़कें, नालियां और सफाई की व्यवस्था बदहाल स्थिति में है, जिसके सुधार की लोग मांग करते रहते हैं। लोगों का कहना है कि यहां कुछ सड़कों की नपाई बहुत समय पहले हो चुकी है, इसके बाद भी सड़क नहीं बनी। सड़कों पर गड्ढे हो चुके हैं, जिनको भरा जाए और डिवाइडर ठीक हो। समस्याएं - क्षेत्र में गंदगी का ढेर लगा रहता है, कूड़ा नहीं उठता - खाली जगह को कूड़ाघर बना दिया गया है, सफाई नहीं - क्षेत्र में सभी नालियां टूटी पड़ी हैं, गंदगी से भरी हुई हैं - सड़कें बदहाल स्थिति में हैं, गहरे गड्ढे भी हो गए हैं - घरों में पानी सप्लाई की समस्या आए दिन रहती है - सीवर लाइन नहीं है, निकासी की व्यवस्था खराब है - टीपी नगर में डिवाइडर के सरिया बाहर निकले पड़े हैं सुझाव - क्षेत्र में गंदगी के ढेर को नियमित रूप से साफ किया जाए - गली मोहल्लों में सफाई की व्यवस्था सही होनी चाहिए - टूटी नालियां ठीक की जाएं, साफ सफाई की जानी चाहिए - बहाल सड़कों को जल्द बनाया जाए, गड्ढे भरे जाने चाहिएं - घरों में पानी सप्लाई की समस्या का जल्द निस्तारण हो - सीवर लाइन डाली जाए और निकासी व्यवस्था में सुधार हो - टीपी नगर में टूटे डिवाइडरों को पूरी तरह ठीक किया जाए -- हमारी भी सुनो कूड़े का ढेर लग जाता है, कोई उठाने वाला ही नहीं आता, दिनभर झाड़ू लगाने पर लगे रहते हैं, यह कूड़ा उठ जाए। - कमलेश कई दिनों तक कूड़ा नहीं उठता है, लोग परेशान रहते हैं, बदबू आती रहती है, सफाई वाला कोई नहीं आता है। - महेश्वरी नाली तो पूरी तरह भरी रहती हैं, कभी कभार सफाई वाले आते हैं तो कूड़ा उठाने के बजाय नालियों में भर देते हैं। - चंद्रावती इस कूड़े के ढेर से पूरे इलाके में समस्या रहती है, पूरे दिन बदबू उठती रहती है, नगर निगम वाले इसको उठाते नहीं हैं। - मोहिनी पूरे इलाके में सफाई नहीं होती है, नगर निगम का कोई भी कर्मचारी सफाई के लिए नहीं आता है, बड़ी दिक्कत होती है। - पुष्पा कई बार तो टंकियों में पानी ही नहीं आता है, शिकायत करते हैं तो इसके बाद भी कई घंटे लग जाते हैं, टैंकर मंगवाकर काम चलाते हैं। - पुष्पा सड़कों का बुरा हाल है, टूटी पड़ी हैं, इनको बनवाया जाना चाहिए, यहां जिस सड़क से आते हैं वह पूरी खराब हुई पड़ी है। - सोनिया नालियां टूटी पड़ी हैं और गंदगी से भरी हुई हैं, इनकी सफाई हो और नई नालियां बनें, ताकि पानी की निकासी सही हो जाए। - कविता गर्ग बरसात में तो पूरे इलाके की हालत खराब हो जाती है, सीवर लाइन है नहीं और नालियां अटी पड़ी रहती हैं, जलभराव होता है। - पुष्पा धनतेरस से यह कूड़ा ऐसे ही पड़ा हुआ है, हवा चल जाती है तो कूड़ा गलियों में फैल जाता है, कई दिनों तक यह उठता नहीं है। - विशाल पूरे इलाके में बुनियादी सुविधाओं की कमी है, पीने का पानी नहीं आता है, सफाई नहीं हो पाती है, नालियां टूटी पड़ी हैं। - भानु शर्मा उमेश विहार से मंडी जाने वाली सड़क बड़ी सुनसान रहती है, उस पर लाइट भी नहीं है, कई बार छेड़खानी की घटनाएं हो चुकी हैं। - प्रिंस सड़क को बनाया जाना चाहिए, लाइटिंग की व्यवस्था हो, ताकि महिलाएं व छात्राएं मोहल्ले तक बिना डर के पहुंच सकें। - संदीप पूरे इलाके में सफाई व्यवस्था खराब है, कर्मचारी आते नहीं हैं, कूड़ा करकट नियमित रूप से उठना चाहिए, ताकि बीमारियां ना हों। - अमन शर्मा नालियों की सफाई हो और कूड़ा उठाया जाए, निकासी की व्यवस्था बेहतर हो, सड़कें बनें तो लोगों को राहत मिल जाए। - रोहित राजपूत इस कूड़े के ढेर से पूरे इलाके में बदबू रहती है, कई-कई दिनों तक यह उठता नहीं है, नालियां साफ नहीं होती हैं, बड़ी समस्या है। - अनिल कुमार

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