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एसटीएफ लखनऊ और क्राइम ब्रांच करेगी कारबाइन की पड़ताल

योगेश भदौड़ा गिरोह के शूटर हिमांशु उर्फ टाइगर और धीरज से बरामद कारबाइन का राज अब एसटीएफ लखनऊ और मेरठ क्राइम ब्रांच खोलेगी। दोनों को इस प्रकरण में शामिल कर लिया गया है। एटीएस को भी प्रकरण की जानकारी भेजी गई है, ताकि ये पता चल सके कि आखिर कारबाइन आई कहां से है। माना जा रहा है कि ये कारबाइन आसपास के किसी जिले से लूटी गई है या फिर इसे गैर मुल्क से तस्करी करके लाया गया है। इसके बाद गिरोह ने ये असलाह खरीदा होगा। फिलहाल पूरे मामले में जांच की जा रही है।

एसटीएफ मेरठ की टीम ने योगेश भदौड़ा गिरोह के दो सदस्यों की मंगलवार अलसुबह कंकरखेड़ा इलाके में हाईवे के पास घेराबंदी की थी। इस दौरान पुलिस और अपराधियों के बीच फायरिंग हुई थी। बदमाशों ने कारबाइन से फायरिंग की। एसटीएफ की गोली से दोनों बदमाश ढेर हो गए। मारे गए बदमाशों की पहचान धीरज चौधरी निवासी शताब्दीनगर परतापुर और हिमांशु सिंघल उर्फ टाइगर उर्फ नरसी निवासी मोदीनगर के रूप में हुई। पुलिस ने इनके पास से 9एमएम की पिस्टल, .32 बोर की पिस्टल और कारबाइन बरामद की थी। ये कारबाइन फैक्ट्री मेड है। अभी तक ये पता नहीं चल सका है कि कारबाइन कहां से लाई गई थी। ऐसे में इस कारबाइन को कनेक्ट करने के लिए क्राइम ब्रांच मेरठ और एसटीएफ की लखनऊ टीम को लगाया गया है। एसटीएफ लखनऊ की टीम आसपास के राज्यों से संपर्क कर रही है, जबकि मेरठ क्राइम ब्रांच को यूपी के अंदर ही सभी जिलों से कारबाइन को लेकर छानबीन करने की जिम्मेदारी मिली है। हालांकि कुछ पुलिस सूत्रों का कहना है कि कारबाइन को तस्करी करके लाया गया है और ऐसा संभव है कि इसे नक्सली इलाके से खरीदा गया है। आशंका जताई कि इस कारबाइन को पड़ोसी मुल्क से एके-47 जैसे हथियारों के साथ मंगवाया गया हो और बाद में भदौड़ा गिरोह के सदस्यों ने खरीदा हो। ऐसे में सारी बातों से पर्दा तो छानबीन के बाद ही उठ सकेगा।

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  • Web Title:crime news