
मेरठ : व्यापारी से सड़क पर नाक रगड़वाकर माफी मंगवाने वाला विकुल जेल से रिहा
Meerut News - तेजगढ़ी में व्यापारी सत्यम रस्तोगी से विवाद के बाद निलंबित भाजपा नेता विकुल चपराणा और उसके तीन साथियों को कोर्ट ने जमानत दी। जेल से रिहाई के बाद विकुल ने अपने परिवार के साथ घर लौटने का निर्णय लिया। मामले में विवादित वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की थी।
तेजगढ़ी पर व्यापारी सत्यम रस्तोगी से सड़क पर नाक रगड़वाकर माफी मंगवाने वाले निलंबित भाजपा नेता विकुल चपराणा और उसके तीन साथियों को कोर्ट ने सोमवार को जमानत दे दी। शाम सात बजे विकुल और साथियों को जेल से रिहाई मिल गई। जेल पर भारी फोर्स के साथ सीओ सिविल लाइन तैनात रहे। जेल पहुंचे समर्थक और साथियों को पुलिस ने खदेड़ दिया। रिहाई के बाद परिजनों के साथ विकुल गाड़ी में बैठकर सीधे घर निकल गया। इससे पहले सोमवार सुबह विकुल पक्ष की ओर से उनके अधिवक्ता ने पूर्व में लगाई जमानत याचिका को नोट-प्रेस कर लिया था। नई जमानत याचिका लोअर कोर्ट में लगाई गई, सामान्य धारा में सुनवाई की गई और जमानत दे दी गई।

शाम करीब पांच बजे रिहाई परवाना सीधे कोर्ट से जेल पहुंचा। तेजगढ़ी चौकी के सामने 19 अक्टूबर की रात भाजपा किसान मोर्चा के निलंबित जिला उपाध्यक्ष और मंत्री सोमेंद्र तोमर के करीबी विकुल चपराणा का व्यापारी सत्यम रस्तोगी से पार्किंग को लेकर विवाद हुआ था। विकुल और उसके साथियों ने सत्यम से गाली गलौज की। मंत्री का नाम लेकर पुलिस के सामने सत्यम को धमकाया था। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो विकुल पुलिस से भिड़ गया था। सत्यम से सड़क पर नाक रगड़वाकर माफी मंगवाई थी। घटनाक्रम का वीडियो 21 अक्टूबर को वायरल हुआ, जिसके बाद सत्यम के भाई आदित्य रस्तोगी की तहरीर पर मेडिकल थाने में विकुल चपराणा और साथियों पर मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने विकुल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, लेकिन सामान्य धारा होने के कारण जमानत मिल गई। इसके बाद पुलिस ने रंगदारी की धाराएं बढ़ाई और विकुल के तीन साथियों हैप्पी भड़ाना, आयुष और सुबोध को 22 अक्टूबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा। विकुल को 25 अक्टूबर को दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। सोमवार शाम मिली जमानत, फिर हुई जेल से रिहाई विकुल चपराणा पर दर्ज मुकदमे में कैंट विधायक अमित अग्रवाल, मंत्री दिनेश खटीक समेत कई नेताओं ने दोनों पक्ष में शुक्रवार को समझौता कराया था। शनिवार को एसएसपी को समझौतानामा और शपथ पत्रों की कॉपी दी गई। इसी आधार पर पुलिस ने रंगदारी की धारा हटा दी। सोमवार को विकुल पक्ष के अधिवक्ता ने पूर्व में लगाई गई जमानत याचिका को कोर्ट में नोट-प्रेस कर लिया यानी वापस ले लिया। इसके बाद अधिवक्ता राहुल भड़ाना की ओर से बीएनएस की धारा 115(2), 352 और 351(1) के तहत नई जमानत याचिका कोर्ट में लगाई। इसी जमानत याचिका पर एसीजेएम नदीम अनवर की कोर्ट में सुनवाई हुई। विवेचक को भी कोर्ट बुला लिया गया। पुलिस की रिपोर्ट लगने के बाद शाम के समय विकुल चपराणा, हैप्पी भड़ाना, आयुष और सुबोध को जमानत दे दी गई। कोर्ट से रिहाई परवाना जेल भेजा गया। जेल पर दो थानों की फोर्स की गई तैनात शाम को जिला कारागार पर सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी मेडिकल और नौचंदी थाने की फोर्स के साथ पहुंच गए। यहां विकुल और साथियों को लेने समर्थक आए थे। पुलिस ने सभी को जेल परिसर से खदेड़ दिया। सभी को चेतावनी दी जरा भी हंगामा हुआ तो थाने ले जाएंगे। इसके बाद विकुल और उसके साथी शाम 7.15 बजे जेल से बाहर आए। विकुल अपने हाथ में कपड़ों के दो थैले लेकर आया था। अपने मामा के साथ विकुल स्कार्पियो में बैठकर घर रवाना हो गया।

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