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18 जनवरी, 2021|1:10|IST

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नर्सिंग होम में हो कोरोना जांच, तीन सदस्यीय कमेटी गठित : प्रमुख सचिव स्वास्थ्य

नर्सिंग होम में हो कोरोना जांच, तीन सदस्यीय कमेटी गठित : प्रमुख सचिव स्वास्थ्य

मेरठ। वरिष्ठ संवाददाता

प्रमुख सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण आलोक कुमार ने शनिवार को आईएमए प्रतिनिधियों, प्राइवेट डाक्टरों व नर्सिंग होम संचालकों के साथ एलएलआरएम मेडिकल कालेज के ऑडिटोरियम में बैठक की। प्रमुख सचिव ने कहा कि प्राइवेट डाक्टर व नर्सिंग होम संचालक कोरोना नियंत्रण में सहयोग करें। कोरोना के संदिग्ध मरीजों की सूचना नियमित रूप से स्वास्थ्य विभाग को दें।

उन्होंने कहा कि जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं आ जाती है, तब तक मास्क का उपयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट डाक्टर्स व नर्सिंग होम में कोरोना जांच के सैंपल लेने की व्यवस्था हो। सैंपल को एलएलआरएम मेडिकल कालेज व अन्य जांच केंद्रों पर भेजा जाए। इसके लिए उन्होंने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन करने के लिए कहा, जिसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी, प्रधानाचार्य एलएलआरएम मेडिकल कालेज व आईएमए के अध्यक्ष होंगे। उन्होंने कहा कि केजीएमयू लखनऊ में ईसीसीएस (इलेक्ट्रोनिक कोविड केयर सपोर्ट) नेटवर्क जिसके माध्यम से वरिष्ठ चिकित्सक से वर्चुअल संवाद कर किसी भी मरीज के इलाज के संबंध में सलाह ले सकते हैं।

समय से अस्पताल में इलाज कराएं

आयुक्त अनीता सी मेश्राम ने कहा कि जिस भी मरीज को बुखार है या सांस लेने में तकलीफ है, उनकी कोरोना जांच जरूर कराएं। उन्होंने कहा कि आईएलआई व सॉरी के मरीजों की भी कोरोना जांच जरूर कराएं। डीएम के. बालाजी ने कहा कि किसी व्यक्ति की जितनी जल्दी कोरोना जांच होगी तो वह अपने परिवार को सुरक्षित रख सकता है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों से समय रहते मेडिकल कालेज को मरीज को भेजना है ताकि उसका जीवन बचाया जा सके।

ऐसे करें कोरोना की पहचान, इलाज

डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी ने कहा कि कोरोना के लिए सात मुख्य कारक हैं, जिसमें अल्टर्ड सेन्सोरियम या कमजोर सामान्य स्थिति, दो या तीन दिन से लगातार उपचार के बावजूद 101 डिग्री से ऊपर बुखार रहना, 120 से ज्यादा पल्स रेट होना, सिस्टोलिक ब्लड प्रेसर 90 से कम होना, श्वांस गति 30 प्रति मिनट से ज्यादा होना, ऑक्सीजन स्तर सेचुरेशन 90 से कम होना व विभिन्न अंगों के अक्रियाशील होने पर मरीज को समय रहते तत्काल एल-3 अस्पताल के लिए भेज देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी प्राइवेट डाक्टर्स नर्सिंग होम इंजेक्शन, प्रीवेंशन कंट्रोल प्रोटोकॉल का पालन करें। मरीज का इलाज प्रोटोकाल के अनुसार करें।

कोरोना मरीज के इलाज में पहले दस दिवस अत्यंत महत्वपूर्ण : डॉ. संदीप कुबा

एसजीपीजीआई लखनऊ के डॉ. संदीप कुबा ने कहा कि कोरोना मरीज के इलाज में प्रथम दस दिवस अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से संबंधित विभिन्न दिशा-निर्देश व अनुभव को साझा करने के लिए कोविड-19 एसजीपीजीआई वेबसाइट पर डाटा व वीडियो आदि उपलब्ध कराया गया है। प्रधानाचार्य एलएलआरएम मेडिकल कालेज डा ज्ञानेन्द्र कुमार ने कहा कि मेडिकल कालेज में कोरोना जांच के लिए आरटीपीसीआर के चार लाख टेस्ट किए जा चुके हैं।

आईएमए हर संभव सहयोग करेगा : डॉ. कपूर

आईएमए अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर ने कहा कि प्राइवेट डाक्टर व अस्पताल प्रशासन को कोरोना नियंत्रण में हर संभव सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि प्राइवेट अस्पताल अपने यहां हाई सस्पीसियस इंडेक्स को बनाएं। आईएमए अध्यक्ष, सचिव व नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष आदि ने सर्किट हाउस में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य से भेंट की। इस अवसर पर सीडीओ ईशा दुहन, अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. रेनू गुप्ता, नगर मजिस्ट्रेट एसके सिंह, एसडीएम संदीप श्रीवास्तव, सीएमओ डॉ. राजकुमार, डॉ. अशोक तालियान, डॉ. पीपी सिंह, आईएमए अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर, सचिव डॉ. मनीषा त्यागी, डॉ. अम्बरीष पंवार, डॉ. शिशिर जैन, डॉ. अनिल नौसरान, डॉ. दिनेश मोहन अन्य चिकित्सक व अधिकारी उपस्थित रहे।

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  • Web Title:Corona investigation in nursing home three-member committee constituted Principal Secretary Health